पीला लिफाफा खुला तो निकले ₹10 हजारः छपरा नगर निगम का टैक्स कलेक्टर गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
नगर निगम के टैक्स कलेक्टर असगर अली अंसारी अपने साथ एक पीला लिफाफा लेकर आए और उसे एक कर्मचारी के जरिए नगर आयुक्त रणजीत कुमार तक भेजने की कोशिश की. नगर आयुक्त ने जब उसे खुलवाया तो उसमें 10 हजार रुपये निकले. इसके बाद पुलिस बुलाकर असगर अली अंसारी को गिरफ्तार करा दिया गया है.
छपरा नगर निगम कार्यालय में मंगलवार (6 अक्टूबर) को उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर आयुक्त रणजीत कुमार के कार्यालय में पहुंचे एक पीले लिफाफे को खोलने पर उसमें कागजात की जगह 10 हजार रुपये मिले. नगर आयुक्त की सूचना पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने मामले में नगर निगम के टैक्स कलेक्टर असगर अली अंसारी को गिरफ्तार कर लिया. वह भगवान बाजार थाना क्षेत्र के टक्कर मोड़, सलापतगंज मोहल्ले के निवासी बताए जाते हैं. मामले में नगर आयुक्त रणजीत कुमार के आवेदन पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है. पुलिस के समक्ष असगर अली द्वारा अपना अपराध स्वीकार किए जाने की बात भी सामने आई है. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से किए जाने की प्रतीक्षा है.
हाईकोर्ट के कागजात होने की कही बात
मिली जानकारी के अनुसार, असगर अली ने एक कर्मचारी को पीले रंग का लिफाफा देते हुए उसे नगर आयुक्त तक पहुंचाने को कहा था. कर्मचारी ने जब लिफाफे के बारे में पूछा तो कथित तौर पर बताया गया कि उसमें पटना हाईकोर्ट से संबंधित कागजात हैं. कर्मचारी लिफाफा लेकर नगर आयुक्त के कार्यालय कक्ष में पहुंचा और उसे उनकी टेबल पर रख दिया. नगर आयुक्त ने लिफाफे के संबंध में जानकारी ली और उसे कर्मचारियों के सामने खुलवाया. लिफाफा खुलते ही उसमें कागजात की जगह नोटों का बंडल मिला. गिनती करने पर करीब 10 हजार रुपये होने की बात सामने आई.
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
लिफाफे में रुपये मिलने के बाद नगर आयुक्त ने तत्काल नगर थाना पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम नगर निगम कार्यालय पहुंची और टैक्स कलेक्टर असगर अली को हिरासत में लेकर पूछताछ की. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. नगर थाना पुलिस ने नगर आयुक्त के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है. घटनाक्रम की पुष्टि के लिए नगर निगम कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.
पहले के मामलों की भी जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लिफाफे में रुपये रखने के पीछे क्या उद्देश्य था और इस पूरे घटनाक्रम में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं. वहीं, असगर अली से जुड़े पूर्व के मामलों और उनकी भूमिका की भी जानकारी जुटाई जा रही है. घटना के बाद नगर निगम कार्यालय में काफी देर तक चर्चा का माहौल बना रहा. कार्यालय के कई कर्मचारी मामले पर कुछ भी बोलने से बचते रहे. नगर आयुक्त से घटना के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई जानकारी देने से इनकार किया.
रिपोर्ट- राकेश कुमार