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BUHS Students Protest: बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) के अभ्यर्थियों ने अपने 10 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को JDU कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर अभ्यर्थियों ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मिलने का मांग उठाया. इस प्रदर्शन को देखते हुए JDU कार्यालय का गेट बंद कर दिया गया, जिसकेल बाद सभी अभ्यर्थी ऑफीस के गेट को घेरकर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे है.
अभ्यर्थियों ने रखीं 10 सूत्री मांगें
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में शामिल BUHS में स्थायी कुलपति की नियुक्ति, परिक्षा शुल्क कम करना Re-evaluation की व्यवस्था और Academic Calendar लागू करना शामिल है. इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग और BTSC की सरकारी नौकरियों में बिहार के अभ्यर्थियों के लिए 90 से 100 प्रतिशत तक डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग की है. उनलोगों का कहना है कि इन मांगो को लेकर वे लगातार अधिकारियों से अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला.
रजिस्ट्रार पर 60 हजार रुपये मांगने का आरोप
अभ्यर्थियों ने BUHS के रजिस्ट्रार विमलेश झा पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं. अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा में पास कराने के नाम पर रजिस्ट्रार 60 हजार रुपये की मांग की जा रही है. अभ्यर्थियों ने दावा किया कि इस संबंध में उनके पास WhatsApp चैट भी मौजूद है. प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने WhatsApp चैट दिखाने का भी दावा किया. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. अभ्यर्थियों ने मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.
स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
अभ्यर्थियों ने स्वास्थ्य मंत्री से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखने की मांग की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि BUHS से जुड़ी उनकी सभी समस्याओं और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. साथ ही परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, छात्रों की शिकायतों का समाधान और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए.
रिपोर्ट: शिवम राज