जिस पुल को नीतीश कुमार ने 6 महीने में बनवाने का किया था वादा, उसके निर्माण पर लग गया ब्रेक
जब नीतीश कुमार बिहार के सीएम थे, तब उन्होंने 29 जनवरी, 2026 को समृद्धि यात्रा के दौरान समस्तीपुर में पुल निर्माण स्थल का जायजा लेते हुए 6 महीने में निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया था. अब इस पुल निर्माण के काम पर ब्रेक लग गया है. माना जा रहा है कि अभी इस पुल को पूरा को होने में एक साल से ज्यादा का वक्त लग सकता है.
समस्तीपुर में बूढ़ी गंडक नदी के जितवारपुर राजघाट पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल का निर्माण कार्य ब्रेक लग गया है. तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 29 जनवरी, 2026 को समृद्धि यात्रा के दौरान पुल निर्माण स्थल का जायजा लेते हुए छह माह में निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया था. मुख्यमंत्री के दौरे के बाद निर्माण कार्य में तेजी की उम्मीद जगी थी, लेकिन उनके जाने के बाद पुल निर्माण में लगे आधे से अधिक कर्मचारियों को हटा दिया गया था. वर्तमान में पुल के दो पाये और पहुंच पथ का निर्माण अभी बाकी है.
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि पुल निर्माण पूरा होने में अभी एक से डेढ़ वर्ष और लग सकते हैं. पुल निर्माण के लिए दो साल का समय दिया गया था, लेकिन तीन साल बीत चुके हैं. 336.37 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर पहले करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था. शुरुआत में 10 पाये बनाए जाने की योजना थी, लेकिन बाद में 12 पाए बनाए जाने की योजना तैयार की गई.
बताते चलें कि इस पुल के निर्माण से जितवारपुर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी. बेगूसराय और दरभंगा के बीच की दूरी भी कम होगी. फिलहाल नदी पार करने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता है. राजमिस्त्री का काम करने वाले मजदूर विकास साह ने बताया कि वह नदी के पार काम करने के लिए जाते हैं. पुल बन जाने से लोगों को काफी सुविधा होगी.
वहीं, स्थानीय निवासी शिवशंकर महतो ने कहा कि पुल निर्माण की गति काफी धीमी है. डेढ़ महीने से काम ठप पड़ा हुआ है. निर्माण स्थल पर मजदूरों की संख्या भी काफी कम हो गई है. पुल बनने के बाद बेगूसराय से दरभंगा जाने वाले वाहनों को समस्तीपुर शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी.
इसके अलावा, रोसड़ा, दलसिंहसराय और उजियारपुर क्षेत्र के किसानों के लिए बाजार समिति स्थित सब्जी मंडी पहुंचना भी आसान हो जाएगा. आवागमन की सुविधा बेहतर होने से इलाके के आर्थिक और व्यावसायिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है. स्थानीय लोग लंबे समय से इस क्षेत्र में पुल निर्माण की मांग करते रहे हैं. साथ ही, जितवारपुर राजघाट पर पुल बन जाने से शहर के मगरदही पुल पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है. इससे जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी.
बेगूसराय से आने वाले लोगों को करीब 25 किलोमीटर कम दूरी तय करनी पड़ेगी. इससे दरभंगा की ओर जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलेगी. पुल बनने के बाद दलसिंहसराय, उजियारपुर और रोसड़ा के किसानों के लिए बाजार समिति आना-जाना आसान हो जाएगा. उन्हें शहर के पुल पर लगने वाले जाम से जूझने की जरूरत नहीं पड़ेगी. पहले लोगों को मगरदही घाट होकर बाजार समिति की ओर जाना पड़ता था. पुल बनने के बाद वे सीधे बाजार समिति की ओर जा सकेंगे.
सदर एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि कार्य एजेंसी के इंजीनियर को बुलाकर निर्माण कार्य की समीक्षा की गई है. निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. प्रयास है कि अगले साल बारिश से पहले पुल का निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाए.
रिपोर्ट: मंटून कुमार रॉय