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क्या बिहार में कुछ बड़ा होने वाला है? JDU-BJP की खटपट के बीच अचानक से छुट्टी पर गए प्रदेश के 3 बड़े अधिकारी

बिहार के डीजीपी विनय कुमार 21 दिनों के अवकाश पर गए हैं. उनके अलावा बीपीएससी अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई 25 दिन और BPSSC अध्यक्ष केएस द्विवेदी 30 दिनों की छुट्टी पर चले गए हैं. इन तीनों अधिकारियों का विभाग इन दिनों काफी ज्यादा सुर्खियों में है.

क्या बिहार में कुछ बड़ा होने वाला है? JDU-BJP की खटपट के बीच अचानक से छुट्टी पर गए प्रदेश के 3 बड़े अधिकारी
Image Credit: बिहार के 3 बड़े अधिकारी अचानक से छुट्टी पर गए

बिहार में मंगलवार (15 सितंबर) की देर शाम को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला. प्रदेश के तीन बड़े सीनियर IPS अधिकारी अचानक से छुट्टी पर चले गए. अवकाश पर जाने वाले अधिकारियों में बिहार पुलिस के महानिदेशक (DGP) विनय कुमार, BPSC के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष केएस द्विवेदी का नाम शामिल है. डीजीपी विनय कुमार 21 दिनों, बीपीएससी अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई 25 दिन तो वहीं BPSSC अध्यक्ष केएस द्विवेदी 30 दिनों के अवकाश पर चले गए हैं. तीनों ने अधिकारियों अवकाश पर जाने के अलग-अलग कारण बताए हैं. राज्य के तीन सबसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात शीर्ष अधिकारी के एक साथ अवकाश पर चले जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है. तीनों अधिकारियों के फैसले ने महकमे के साथ-साथ आम जनता के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रशासनिक संकट या सरकार का दबाव?

तीनों अधिकारी ऐसे समय में छुट्टी पर गए हैं, जब उनका विभाग काफी ज्यादा चर्चाओं में है. राजनीतिक विश्लेषक इसे सामान्य अवकाश मानने से इनकार कर रहे हैं. डीजीपी विनय कुमार का कार्यकाल 12 दिसंबर को समाप्त हो रहा है और इन दिनों प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में अचानक से तेजी देखने को मिल रही है. इसी महीने प्रदेश के कई जिलों से लूटपाट, हत्या और गैंगवार जैसी संगीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इन सबको लेकर विपक्ष काफी ज्यादा हमलावर है. वहीं, बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर पटना में बड़ा छात्र आंदोलन देखने को मिल रहा है. छात्र आंदोलन के चलते बीपीएससी अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है. इसी तरह से बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के अध्यक्ष केएस द्विवेदी भी सुर्खियों में हैं. बिहार पुलिस दारोगा भर्ती को लेकर कल यानी मंगलवार (15 सितंबर) को ही अभ्यर्थियों में पटना में बड़ा प्रदर्शन किया था.

बीजेपी-जेडीयू में दिख रही खटपट

इसके अलावा जेडीयू और बीजेपी के बीच भी खटपट देखने को मिल रही है. फरक्का जल संधि और एमएलसी चुनाव से लेकर यूसीसी तक के मुद्दे पर दोनों दलों के बीच काफी तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है. फरक्का जल संधि पर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने यहां तक कह दिया कि सरकार जाती है तो चली जाए, लेकिन यह संधि उनकी पार्टी को स्वीकार नहीं है. इसी तरह से एमएलसी की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव में जेडीयू ने एनडीए में सीट बंटवारे से पहले ही 4 सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर लिए हैं और उनके नाम भी लीक कर दिए हैं. ऐसा करके पार्टी ने बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है. वहीं, यूसीसी पर भी जेडीयू का स्टैंड बीजेपी से एकदम अलग है. गृहमंत्री अमित शाह के बयान का खंडन करते हुए जेडीयू ने साफ कहा है कि बिहार में यूसीसी लागू नहीं होगी.

नए अधिकारियों की नियुक्ति भी हो गई

सम्राट सरकार ने अवकाश पर गए तीनों अधिकारियों की जगह पर नए अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी है. राज्य सरकार ने विनय कुमार के अवकाश पर रहने तक होमगार्ड की महानिदेशक प्रीता वर्मा को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. इसी तरह से बीपीएससी अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई की अनुपस्थिति में उनका कामकाज राजस्व पर्षद की अध्यक्ष हरजोत कौर बम्हरा संभालेंगी. वहीं, पुलिस अवर सेवा आयोग के अध्यक्ष पद का प्रभार फिलहाल किसी को नहीं सौंपा गया है.

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About the Author

K. Raj Mishra

K. Raj Mishra

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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