आरक्षण विवाद पर NDA में घमासान: 'बिना बाप का बेटा कैसा, अरुण भारती जैसा', LJPR सांसद के खिलाफ सड़कों पर उतरे HAM-JDU और BJP के कार्यकर्ता
आरक्षण के मुद्दे पर लोजपा-आर और हम के बीच शुरू हुई बयानबाजी अब व्यक्तिगत हमलों में बदल चुकी है. जमुई में जेडीयू और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भी हम विधायक प्रफुल्ल मांझी के समर्थन में लोजपा-आर सांसद अरुण भारती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
आरक्षण के मुद्दे पर बिहार में काफी सियासत देखने को मिल रही है. इस मुद्दे पर एनडीए के दल आपस में ही लड़ रहे हैं. एनडीए के भीतर यह लड़ाई अब खुलकर सड़क पर दिखाई देने लगी है. एक ही गठबंधन में शामिल लोजपा रामविलास और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेताओं के बीच शुरू हुई बयानबाजी अब जेडीयू और भाजपा के कार्यकर्ताओं तक पहुंच गई है. सिकंदरा में हम, जेडीयू और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विधायक प्रफुल्ल कुमार मांझी के समर्थन में एकजुट होकर जमुई से लोजपा रामविलास के सांसद अरुण भारती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
अरुण भारती-प्रफुल्ल मांझी का विवाद गहराया
दरअसल, आरक्षण के मुद्दे पर चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच शुरू हुए राजनीतिक मतभेद के बाद जमुई सांसद अरुण भारती और सिकंदरा विधायक प्रफुल्ल कुमार मांझी के बीच भी बयानबाजी तेज हो गई. दो दिन पहले विधायक प्रफुल्ल मांझी की ओर से सांसद अरुण भारती के पिता को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद विवाद और ज्यादा गहरा गया. इसके बाद लोजपा रामविलास के कार्यकर्ताओं ने सांसद अरुण भारती के सामने विधायक प्रफुल्ल मांझी और जीतन राम मांझी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए थे. अब इसके जवाब में सिकंदरा पथ निरीक्षण भवन के प्रांगण में हम, जेडीयू और भाजपा के विधायक और कार्यकर्ता एकजुट हुए.
अरुण भारती के खिलाफ सहयोगी दलों ने खोला मोर्चा
इस दौरान हम जिलाध्यक्ष दामोदर मांझी, प्रखंड अध्यक्ष पवन मांझी, जदयू के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष ब्रजेश कुमार, सूचित महतो, अनुज सिंह, भाजपा के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष मनोज सिंह, सुरेंद्र पंडित, अंबिका यादव, राजीव कुमार, गणेश सिंह, मोरंग कोड़ा, राम पदारथ शर्मा, मिथिलेश सिंह, रौशन कुमार, प्रतोष कुमार समेत दर्जनों नेताओं ने लोजपा रामविलास के नेताओं के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई. इन तीनों दलों के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के जीजा और जमुई सांसद अरुण भारती मुर्दाबाद के नारे लगाए. इस दौरान 'बिना बाप का बेटा कैसा हो, अरुण भारती जैसा हो' के नारे भी लगाए गए.
अरुण भारती के सरकारी दस्तावेजों में भी सिर्फ मां का नाम
एनडीए कार्यकर्ताओं ने सांसद अरुण भारती से जुड़े चुनावी दस्तावेजों में पिता के नाम नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए और चुनाव आयोग से पूरे मामले की जांच की मांग की. वहीं, वोटर लिस्ट और वोटर आईडी कार्ड में भी पिता की जगह सिर्फ मां का नाम होना, अरुण भारती के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है. उनके किसी भी सरकारी डॉक्यूमेंट में पिता का नाम नहीं है, सिर्फ माता का नाम ज्योति है. हिंदुस्तानी आवा मोर्चा, जेडीयू और भाजपा के कार्यकर्ता अब सड़क पर उतरकर अरुण भारती से उनके पिता का नाम पूछ रहे हैं.
एनडीए की एकजुटता पर उठ रहे सवाल
दूसरी ओर, लोजपा रामविलास के कार्यकर्ताओं की ओर से भी हम विधायक प्रफुल्ल मांझी पर निजी हमले किए जा रहे हैं. लोजपा-आर के कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि सिकंदरा विधायक सुबह के नाश्ते में चाय, गांजा और शराब का सेवन करते हैं. रात में भी इसी के साथ होती है. इतना ही नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने एक महिला को भगाकर शादी की है. ऐसे आरोपों के कारण आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है. इस मुद्दे पर जिस तरह से एनडीए में शामिल दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, उससे गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक होने पर सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं.
रिपोर्ट- अभिषेक कुमार