बिहार MLC चुनावः पटना स्नातक क्षेत्र में आसान नहीं नीरज कुमार की जीत! देखें कैसे हैं समीकरण?
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, नालंदा और नवादा जिले शामिल हैं. दिए गए चुनावी आंकड़ों के मुताबिक इस क्षेत्र में करीब 88 हजार स्नातक मतदाता हैं. जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार लगातार चौथी बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए मैदान में हैं. उनके सामने राजद और जन सुराज की कड़ी चुनौती है.
बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ता जा रहा है. जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनमें स्नातक की पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी सीट के अलावा शिक्षक कोटे की पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक सीट हासिल हैं. इन सभी सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को रिजल्ट जारी किया जाएगा. पटना स्नातक सीट पर जेडीयू ने अपने सिटिंग MLC नीरज कुमार पर ही भरोसा जताया है, वहीं राजद की ओर से दिलीप कुमार को टिकट दिया गया है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अनुज सिंह को मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है.
पटना स्नातक सीट के समीकरण
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, नालंदा और नवादा जिले शामिल हैं. दिए गए चुनावी आंकड़ों के मुताबिक इस क्षेत्र में करीब 88 हजार स्नातक मतदाता हैं. सामान्य विधानसभा चुनाव की तुलना में यह मतदाता आधार काफी सीमित है. ऐसे चुनाव में उम्मीदवारों का व्यक्तिगत संपर्क, संगठन और मतदाताओं तक सीधी पहुंच महत्वपूर्ण मानी जाती है. पिछले चुनाव में राजद उम्मीदवार आजाद गांधी को 12,696 वोट मिले थे. वहीं, दिलीप कुमार ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर करीब 6 हजार वोट हासिल किए थे. इस बार दिलीप कुमार राजद की टिकट पर मैदान में हैं, इसलिए उन्हें काफी उम्मीदे हैं. इसके अलावा जन सुराज के अनुज सिंह भी मैदान में हैं. बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव जीतने के बाद से पार्टी के हौसले काफी बुलंद हैं.
फंस रहे हैं नीरज कुमार!
स्नातक चुनाव वैसे तो सामान्य विधानसभा चुनाव से बिल्कुल होता, लेकिन बिहार की राजनीति में जातीय समीकरणों को पूरी तरह अलग करके भी नहीं देखा जा सकता. जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वह लंबे समय से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. लिहाजा, उन्हें एंटी इनकंबेंसी का भी सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने खुलकर नीरज कुमार का विरोध किया है. अनंत सिंह ने सार्वजनिक रूप से कई बार कहा है कि वह नीरज कुमार के खिलाफ काम करेंगे और उन्हें हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएंगे.