बिहार MLC चुनावः जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह पर है लड़की छेड़ने का आरोप, प्रशांत किशोर ने कही ये बात
लड़की से छेड़छाड़ के आरोप को अनुज सिंह ने पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है. उन्होंने कहा कि वह कभी अपनी जिंदगी में जेल नहीं गए. इस मामले में पीके ने कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई सबूत मिले तो उनका नाम वापस लिया जा सकता है.
बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक सीट को लेकर सियासी पारा काफी चढ़ा हुआ है. जेडीयू ने यहां से अपने सिटिंग MLC नीरज कुमार पर एक बार फिर से भरोसा जताया है. वहीं, राजद की ओर से दिलीप कुमार को मैदान में उतारा गया है, जबकि जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह पर दांव चला है. अनुज सिंह को मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह का भी समर्थन हासिल है. सोमवार (28 सितंबर) को अनंत सिंह ने अनुज सिंह के एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उनके लिए वोट मांगे. बाहुबली विधायक अनंत सिंह की तरह अनुज सिंह की छवि भी अपराधिक बताई जा रही है. उन पर लड़की से छेड़खानी करने का मुकदमा दर्ज है. 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने खुद अपने घोषणापत्र में इसका जिक्र किया था. अब इस केस को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है.
अनुज सिंह पर दर्ज है लड़की छेड़ने का केस
अनुज सिंह को पिस्टल और राइफल रखने का रखने का शौक है. उन्होंने अपने घोषणापत्र में बताया था कि उनके पास हाइसेंसी हथियार हैं. उन्होंने घोषणापत्र में अपने ऊपर दर्ज केस का भी जिक्र किया था. उन्होंने बताया था कि वर्ष 2012 में नवादा के महिला थाना में लड़की से छेड़खानी करने के आरोप में IPC की धारा 341 और 354 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था. चुनावी हलफनामे (Affidavit) के अनुसार, इस मामले का एफआईआर नंबर 04/2012 है. हालांकि, अनुज सिंह ने इस मुकदमे को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और झूठा बताया है.
अनुज सिंह ने खुद को निर्दोष बताया
इस मामले पर सफाई देने के लिए अनुज सिंह ने सोमवार (28 सितंबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें अनंत सिंह भी मौजूद थे. प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुज सिंह ने बताया कि इस मामले में उन्हें न्यायालय से जमानत मिल चुकी है और वे कभी जेल नहीं गए हैं. अनुज सिंह ने कहा कि साल 2022 में राजनीतिक षड़यंत्रों के चलते एक वीडियो वायरल किया गया था. उस वीडियो को कांट-छांट कर फर्जी बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था. उसके खिलाफ उन्होंने एफआईआर भी दर्ज कराई थी. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने यह वीडियो बनाकर डाला था, वह दो महीने जेल भी जा चुका है.
पीके ने अपने प्रत्याशी का बचाव किया
अब इस मामले में जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस केस में कोई तथ्य या सबूत नहीं हैं. पीके ने कहा कि अगर उनके (अनुज सिंह) खिलाफ कोई सबूत मिले तो उनका नाम वापस लिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस केस में कोई तथ्य या सबूत नहीं हैं. पीके ने भले ही अपने प्रत्याशी का बचाव किया हो, लेकिन अनंत सिंह के समर्थन के कारण जन सुराज के नेता प्रियदर्शी पीयूष ने अनुज सिंह का विरोध कर दिया है. प्रियदर्शी पीयूष ने कहा कि एक अपराधिक छवि वाले व्यक्ति का समर्थन लेने वाले का वह कभी समर्थन नहीं कर सकते हैं.