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बिहार में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 8 सीटों पर एमएलसी चुनाव हो रहे हैं, जिसको लेकर तमाम दलों और गठबंधनों ने पूरी ताकत झोंक दी है. 14 अक्टूबर, 2926 दिन बुधवार को बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में लगातार बैठकों का दौर चला, तो वहीं 15 अक्टूबर, 2026 दिन गुरुवार को जदयू कार्यालय में भी एनडीए की बैठक हुई. सबका मकसद एक ही है कि सभी सीटों पर एनडीए की जीत हो.
वहीं, राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-सात जगहों पर राष्ट्रीय जनता दल लड़ रहा है और एक जगह पर हम लोगों ने कम्युनिस्ट पार्टी को समर्थन दिया है. आठों सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल ने अपना झंडा लगभग फहरा दिया है. सिर्फ परिणाम का इंतजार करिए, कोई भी लड़ाई में नहीं है. कहां से लड़ाई में रहेगा भाई? इनके तो घर में ही आग लगी हुई है. कभी एनडीए की बैठक, कभी बीजेपी की बैठक, कभी जदयू की बैठक और अनंत सिंह का सुर तो अलग ही है.
उन्होंने आगे कहा कि अब सवाल उठता है कि वोट इन्हें दे कौन? कहां देगा वोट? ग्रेजुएट या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में इन लोगों का कोई स्थान नहीं होता है. प्रत्याशियों में पूरी तरह शैक्षणिक आभा होनी चाहिए. हर जगह यही चर्चा है कि अब हमें बौद्धिक लोग चाहिए.
विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए बीजेपी के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि कोई घबराहट नहीं है, हम सभी सीटों पर जीत दर्ज कर रहे हैं. हमारी बैठकें तैयारियों के लिए होती हैं, जिसमें हम इस बात की समीक्षा करते हैं कि कहां कोई कमी-बेसी रह गई है और कार्यकर्ताओं को क्या जिम्मेदारियां दी जानी हैं. एक-एक मतदाता से संपर्क साधने और उन्हें बूथ तक लाने की जिम्मेदारी तय करने के लिए ही हम बैठकें करते हैं ताकि हमारे कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी से काम में लग सकें.
उन्होंने आगे कहा कि जहां तक घबराहट की बात है, तो वह विपक्ष में है. एनडीए की सभी सीटों पर जीत तय है, इसलिए विपक्ष अनर्गल बयानबाजी कर रहा है, जिसमें कोई तथ्य या सच्चाई नहीं है. हम पूरी मजबूती के साथ आठों सीटों पर चुनाव जीतने जा रहे हैं. विपक्ष पूरी तरह बिखरा हुआ है और आपस में टकरा रहा है. एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारकर वे एक-दूसरे के खिलाफ ही वोट मांग रहे हैं. हमारे यहां ऐसा कोई विरोध नहीं है. एकाद व्यक्ति जो विरोध कर रहा है, उसका कोई असर नहीं पड़ने वाला है. हमने ऐसे दो लोगों को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उम्मीदवार के खिलाफ जो लोग विरोध कर रहे थे, उनकी पार्टी ने भी उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है.
अनंत सिंह के मामले पर उन्होंने कहा कि यह जदयू का अंदरूनी मामला है कि वे अपनी पार्टी के बागी विधायक से कैसे निपटेंगे. हालांकि, इस तरह के विरोध से चुनाव पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. मतदाता सरकार और एनडीए के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और हम ही चुनाव जीतेंगे.
कांग्रेस के प्रवक्ता शिशिर कौण्डिल्य ने कहा कि एनडीए के बागियों ने एनडीए के नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. जिस तरह से अनंत बाबू एनडीए से इतर जन सुराज का झंडा बुलंद कर रहे हैं, जनता दल यूनाइटेड में अभी तक इतनी हिम्मत नहीं हुई कि वे उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कर सकें. डैमेज कंट्रोल करने के लिए ही कभी बीजेपी और कभी एनडीए की बैठकें बुलाई जा रही हैं. एमएलसी चुनाव में जो परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं, उसके पीछे सारा का सारा कमाल ऑपरेशन लोटस का ही है.
रिपोर्ट: रुपेंद्र श्रीवास्तव