पटना में उफान पर गंगा, मंडराया बाढ़ का खतरा: टाउन प्रोटेक्शन वॉल के सभी 108 रास्ते बंद, DM-SSP ने किया निरीक्षण
बिहार में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. पटना में डीएम कुंदन कुमार, एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, नगर आयुक्त यशपाल मीना समेत वरीय अधिकारियों ने दीघा घाट से बिंद टोली, एलसीटी घाट, गोसाईं टोला और पूरे पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल क्षेत्र का निरीक्षण किया है.
बिहार में इन दिनों कई नदियां उफान पर है. पटना में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती तैयारियां तेज कर दी हैं. पटना डीएम कुंदन कुमार के निर्देश पर पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल के सभी 108 रास्तों को बंद करा दिया गया है, ताकि गंगा का बढ़ता पानी शहर में प्रवेश न कर सके. निरीक्षण के दौरान 13 स्लुइस गेट में मिले लीकेज को भी बंद करा दिया गया है.
वहीं, पाटलिपुत्र कॉलोनी में पानी के प्रवेश को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं. सदाकत आश्रम के पास नाले के रास्ते शहर में पानी आने की आशंका को देखते हुए नाले को रात में ही बंद करने का आदेश दिया गया है. प्रशासन संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रख रहा है. डीएम कुंदन कुमार, एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, नगर आयुक्त यशपाल मीना समेत वरीय अधिकारियों ने दीघा घाट से बिंद टोली, एलसीटी घाट, गोसाईं टोला और पूरे पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल क्षेत्र का निरीक्षण किया है.
समस्तीपुर में भी उफान पर गंगा
समस्तीपुर में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में फैलने लगा है. गंगा के जलस्तर में प्रतिदिन 20 से 30 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की जा रही है. जलस्तर बढ़ने के साथ ही कई इलाकों में झील जैसा नजारा दिखाई देने लगा है. सरारी कैंप पर यह खतरे के निशान 45.50 मीटर से दो मीटर ऊपर है.
24 घंटे रखी जा रही स्थिति पर नजर
ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड संख्या 9, 12, 13, 14 और 15 में पानी तेजी से फैल रहा है. बाढ़ के पानी को देखते हुए दोनों प्रखंडों के करीब डेढ़ दर्जन विद्यालयों को प्रशासनिक आदेश के बाद बंद कर दिया गया है. समस्तीपुर जिला अधिकारी रोशन कुशवाहा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर 24 घंटे नजर रख रहा है. मोहिउद्दीननगर में 65 और मोहनपुर में 70 नावों का निबंधन कराया गया है. इनमें से मोहिउद्दीननगर में 18 नावों का परिचालन शुरू कर दिया गया है. एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है.
कर्मनाशा नदी भी उफान पर
कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड अंतर्गत नुआंव गांव में कर्मनाशा नदी का पानी भर जाने से स्थिति अत्यंत विकराल हो गई है. नदी के उफान और मूसलाधार बारिश के कारण पूरा गांव जलमग्न हो चुका है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है. किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं. गौशाला और पशु मेला क्षेत्र में जलजमाव होने से बंधे हुए मवेशी भी पानी में डूबने को मजबूर हैं. जानवरों के चारे और सुरक्षा को लेकर पशुपालक बेहद चिंतित हैं. जलभराव के कारण गांव का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है. ग्रामीणों ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि नुआंव गांव में जल्द से जल्द एक पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि बाढ़ के पानी की सुचारू निकासी हो सके.
गंगा का जलस्तर बढ़ने से परेशानी
पटना के दानापुर दियारा इलाके में गंगा का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. घर और सड़कें पानी में डूबे हुए हैं और खेत भी जलमग्न हैं, जिससे खाने-पीने के सामान और मवेशियों के चारे की कमी जैसे संकट पैदा हो गए हैं. वहीं, मनेर में भी गंगा और सोन नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से दियारा इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
मनेर ब्लॉक के दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. गांवों की सड़कें पानी में डूबी हुई हैं, जिससे प्रशासनिक मुख्यालय से उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया है. बाढ़ का पानी न सिर्फ घरों में, बल्कि खेतों और मवेशियों के चारे के भंडार तक में घुस गया है. ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास जानवरों का चारा खत्म होने वाला है, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है.
-जी मीडिया रिपोर्ट