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बिहार में बाढ़ से हाहाकार: सारण, वैशाली और पूर्वी चंपारण में बेकाबू हुआ गंडक का पानी, छतों पर शरण लेने को मजबूर सैकड़ों परिवार

Bihar Flood: बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से सारण, वैशाली और पूर्वी चंपारण के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. सारण के मकेर में करीब 10 फीट तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है. वहीं वैशाली के लालगंज में रिंग बांध में रिसाव और कटाव की सूचना के बाद प्रशासन ने रातभर निगरानी की. पूर्वी चंपारण के में भी प्रशासनिक और तकनीकी टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं.

Edited By Rupak Kumar
Published: Oct 01, 2026, 12:56 PM IST | Updated: Oct 01, 2026, 01:16 PM IST
Image Credit: प्रतिकात्मक तस्वीर (AI Photo)
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Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. सारण से लेकर वैशाली और पूर्वी चंपारण तक कई इलाकों में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सारण के मकेर प्रखंड में बाढ़ का पानी कई जगहों पर करीब 10 फीट तक पहुंच गया है, जिससे बड़ी आबादी प्रभावित है और सैकड़ों परिवारों के सामने चुनौती बनी हुई है. कई लोग घरों की छतों पर और उंचे स्थानों पर रहने पर मजबूर हैं. वहीं वैशाली के लालगंज में आधी रात को रिंग बांध में रिसाव और कटाव की सूचना के बाद प्रशासन ने रातभर मोर्चा संभाले रखा. दूसरी ओर पूर्वी चंपारण के अरेराज, केसरिया और संग्रामपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक और तकनीकी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं.

मकेर प्रखंड में बाढ़ से हालात गंभीर 
सारण जिले के मकेर प्रखंड में बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. कई इलाकों में पानी का स्तर करीब 10 फीट तक पहुंच गया है. बताया जा रहा है कि करीब 2 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है और बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं. मुखिया संघ के अध्यक्ष मिथिलेश राय के मुताबिक, कई परिवार घरों की छतों और ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि मौजूदा रेस्क्यू टीम और संसाधन इतने बड़े क्षेत्र के लिए पर्याप्त नहीं हैं.

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है. बाढ़ पीड़ितों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाने की मांग की है. लोगों ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की अतिरिक्त टीमों की तैनाती के साथ नाव और स्टीमर की संख्या बढ़ाने की अपील की है. वहीं, गंभीर रूप से फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद लेने और प्रभावित परिवारों तक भोजन व जरूरी सामान पहुंचाने की मांग भी की गई है.

जिलाधिकारी वर्षा सिंह मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान की कमान संभाली
वहीं, वैशाली के लालगंज में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच आधी रात रिंग बांध में रिसाव और कटाव से प्रशासन की मुश्किल बढ़ गई. यूसुफपुर पंचायत के पीरापुर वार्ड नंबर-5 में कई जगह रिसाव की सूचना मिलते ही वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान की कमान संभाली. रात करीब 10 बजे शुरू हुआ बांध बचाने का ऑपरेशन सुबह 4 बजे तक चलता रहा. डीएम पूरी रात मौके पर डटी रहीं. कई जगह रिसाव और कटाव को नियंत्रित करने के बाद फिलहाल बांध को सुरक्षित कर लिया गया है.

पूर्वी चंपारण में बाढ़ के बीच तटबंधों की निगरानी
पूर्वी चम्पारण जिले में भी नेपाल के तराई क्षेत्रों में हुई भारी बारिश और वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण अरेराज, केसरिया और संग्रामपुर प्रखंडों की विभिन्न पंचायतों और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तटबंधों की निगरानी और कानून-व्यवस्था के लिए वरीय अधिकारियों को तैनात किया. संग्रामपुर में डीडीसी डॉ. प्रदीप कुमार, अरेराज में सहायक समाहर्ता राजकृष्ण झा और केसरिया में अपर समाहर्ता मो. सिबगतुल्लाह को जिम्मेदारी दी गई. अधिकारियों ने पुलिस, बाढ़ नियंत्रण और जल निस्तारण विभाग की टीम के साथ रातभर प्रभावित क्षेत्रों में गश्त की.

सभी रिंग बांध फिलहाल सुरक्षित
निरीक्षण के बाद प्रशासन ने बताया कि चंपारण तटबंध समेत जिले के सभी रिंग बांध फिलहाल सुरक्षित हैं. रातभर की गश्त के दौरान अधिकारियों ने राहत और आश्रय स्थलों का भी जायजा लिया और वहां रह रहे बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की. शिविरों में भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की समीक्षा की गई. प्रशासन की ओर से गंडक नदी के जलस्तर और तटबंधों पर लगातार नजर रखी जा रही है और अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

रिपोर्ट: प्रकाश सिन्हा (पटना), राजकुमार सिंह (वैशाली), पंकज कुमार (मोतिहारी)

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About the Author

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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