बाढ़ के खौफ में कट रहीं रातें: बगहा में उजड़े 1100 से अधिक आशियाने, चूड़ा-गुड़ खाकर गुजर रहे दिन
बगहा में लक्ष्मीपुर रामपुरवा के बाद, अब मधुबनी ब्लॉक भी बाढ़ की तबाही का सामना कर रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 2,000 परिवार प्रभावित हुए हैं. चिउरही और सिसई पंचायतों में बाढ़ पीड़ितों को दो दिनों से खाना नहीं मिला है. वहीं, रेवहिया और नैनहा में हालात और खराब हो गए हैं. मधुबनी के सर्कल ऑफिसर (CO) नंदलाल राम ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही मदद और बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे.
पश्चिम चंपारण के बगहा में गंडक दियारा में मधुबनी प्रखंड अंतर्गत सिसई और चिउरही पंचायतों में कटाव के बाद अब बाढ़ से भारी तबाही मची हैं. हालात ऐसे हैं कि दोनों पंचायतों के लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं. दरअसल, नेपाल से गंडक नदी में छोड़ा गया पानी अब निचले इलाकों में कहर बरपा रहा है. इसके कारण मधुबनी प्रखंड के इन दो पंचायतों में करीब 1100 परिवार बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं. घरों में पानी घुसने के कारण बड़ी संख्या में लोग बेघर होकर धनहा-रतवल मुख्य मार्ग, पीपी तटबंध और स्कूलों की छतों पर तम्बू तानकर शरण लिए हुए हैं.
रविवार से भूखे हैं कई परिवार
मुखिया और बाढ़ पीड़ितों के मुताबिक, कई परिवार रविवार से भूखे हैं. प्रशासन की ओर से फिलहाल चूड़ा और गुड़ सहित सूखा राशन वितरित किया गया है. लेकिन, भोजन पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मुख्य मार्ग के किनारे रह रहीं महिलाओं और बच्चों ने बताया कि रविवार दोपहर बाद से आज सोमवार इस वक्त तक उन्हें भोजन नहीं मिला है . मजबूरी में बाढ़ पीड़ित प्रशासन से मिले चूड़ा-गुड़ से भूख मिटा रहे हैं.
देर रात नौनहा में भी घुसा बाढ़ का पानी
बताया जा रहा है कि चिउरही पंचायत के दियारा क्षेत्र के ऊंचे स्थान नैनाहा में भी बीती देर रात बाढ़ का पानी घुस गया. नैनाहा गांव का मुख्य सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है. लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से सामान को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं.
कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की गई
इधर, मधुबनी प्रखंड के सीओ नंदलाल राम ने बताया कि एनडीआरएफ और SDRF की टीम को सूचना दी गई है. आज उम्मीद है कि बचाव टीम दोनों पंचायतों में पहुंचेगी और दियारा क्षेत्र में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालकर ऊंचे स्थानों पर पहुंचाएगी. उन्होंने बताया कि सिसई पंचायत के स्कूल में कम्युनिटी किचन शुरू किया गया है, जबकि चिउरही में सोमवार शाम से सामुदायिक रसोई शुरू करने की तैयारी चल रहीं है. बता दें की गंडक दियारा में बाढ़ पीड़ितों ने सांसद और विधायक के अब तक क्षेत्र में नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई है.
हालात पर काबू पाने का दावा
इधर, वाल्मीकिनगर गंडक बराज से सोमवार सुबह पांच बजे 5.42 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना से दियारा क्षेत्र के लोग डरे सहमे हुए हैं. हालांकि, डीएम नें आज से पानी का डिस्चार्ज घटने के साथ हालात पर काबू पाने का दावा किया है. ऐसे में अब देखने वाली बात होगी की बाढ़ का पानी कब उतरता है और प्रशासन का इन बाढ़ पीड़ितों तक कितना मदद पहुंचता है.
रिपोर्ट: इमरान अजीज