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Bihar Flood: 1050 सड़कें, 3800 चापाकल और 1.76 लाख हेक्टेयर फसल... बिहार में बाढ़ का पानी उतरने पर सामने आईं बर्बादी की तस्वीरें

बिहार में बाढ़ का पानी उतरने के बाद चारों तरफ बर्बादी के निशान देखने को मिल रहे हैं. बाढ़ग्रस्त इलाकों में मकान-दुकान और अन्य इमारतों में काफी कूड़ा कचरा भरा हुआ है. घरों में रखा सारा सामान पानी में पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है. इसके अलावा राज्य की सड़कों को भी भारी नुकसान हुआ है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Sep 21, 2026, 09:09 AM IST | Updated: Sep 21, 2026, 03:55 PM IST
Image Credit: बिहार में बाढ़ का पानी उतरने पर सामने आईं बर्बादी की तस्वीरें (Zee Media)
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बिहार में आई भीषण बाढ़ से करीब 48.35 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. अब ज्यादातर नदियों का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है. हालांकि, कई नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. बाढ़ का पानी उतरने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने बर्बादी का आकलन शुरू कर दिया है. अब जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उनसे नुकसान का आकलन लगाने की कोशिश हो रही है. घरों में घुसे पानी ने जो तबाही मचाई थी, उसके निशान अब भी हैं. घरों में रखे सामान के साथ-अनाज पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है. बाढ़ग्रस्त इलाकों की ज्यादातर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और जलजमाव वाले इलाकों में मिट्टी-बालू, कीचड़ व गंदगी का अंबार है. वहीं, ग्रामीण कार्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में आई बाढ़ से करीब 1050 से अधिक ग्रामीण सड़कें बर्बाद हो चुकी हैं.

ग्रामीण सड़कों को भारी क्षति पहुंची

विभाग के मुताबिक, सिर्फ इन सड़कों को दुरुस्त करने में ही 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है. कई इलाकों में बाढ़ के कारण सड़कें कट गई हैं, जबकि कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त होने के साथ गड्ढों में तब्दील हो गई हैं. बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं. जब इन इलाकों का पानी उतरेगा तो सड़कों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन हो सकेगा. ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान भागलपुर और पटना में हुआ है. ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री सुनील कुमार के अनुसार ग्रामीण सड़कों की स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है.

ग्रामीण सड़कों की स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है. बाढ़ का पानी निकलते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो.- सुनील कुमार, मंत्री, ग्रामीण कार्य विभाग

करीब 1.76 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई

बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर कृषि विभाग की ओर से भी एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है. कृषि विभाग ने करीब 270 करोड़ रुपये की फसल क्षति का अनुमान लगाया गया है. हालांकि, पूरी तरह से पानी उतरने के बाद ही अंतिम आकलन किया जाएगा. बाढ़ प्रभावित 18 जिलों के 102 प्रखंडों में करीब 1.76 लाख हेक्टेयर फसल बाढ़ की चपेट में आई है. अकेले भागलपुर में करीब 45,000 हेक्टेयर और भोजपुर में 25,500 हेक्टेयर से अधिक फसल नष्ट हुई है. बेगूसराय और समस्तीपुर में भी भारी नुकसान दर्ज किया गया है. धान, मक्का, केला और विभिन्न सब्जियों की खड़ी फसलों को सबसे ज्यादा क्षति पहुंची है.

पेयजल व्यवस्था को भी भारी नुकसान हुआ

पेयजल व्यवस्था पर भी बाढ़ का गहरा असर पड़ा है. पीएचईडी विभाग के मुताबिक, बाढ़ के पानी में डूबे रहने से राज्य के करीब 3800 चापाकल खराब हो गए हैं. इसके अलावा भी नल-जल योजना से संबंधित तमाम संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचा है. इस काम पर करीब 24.40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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