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कानून व्यवस्था संभाल नहीं पाए! DGP पद से रिटायरमेंट के बाद मुख्य सूचना आयुक्त पद की जिम्मेदारी संभालेंगे IPS विनय कुमार

बिहार के डीजीपी विनय कुमार को राज्य का मुख्य सूचना आयुक्त चुना गया है. डीजीपी पद से रिटायरमेंट के बाद वह मुख्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे. हालांकि, बतौर डीजीपी उनके कार्यकाल में बिहार की कानून व्यवस्था बहुत ज्यादा चर्चा में रही.

Written By K. Raj Mishra
Published: Sep 26, 2026, 11:36 AM IST | Updated: Sep 26, 2026, 01:01 PM IST
Image Credit: DGP पद से रिटायर होने के बाद मुख्य सूचना आयुक्त बनेंगे विनय कुमार
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बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार अब नए रोल में नजर आने वाले हैं. सम्राट सरकार की ओर से उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त चुना गया है. शुक्रवार (25 सितंबर) को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई त्रि-सदस्यीय चयन समिति की बैठक में उनके नाम पर मुहर लग चुकी है. इस बैठक में डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के अलावा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद थे. 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार ने 13 दिसंबर 2024 को बिहार के डीजीपी की जिम्मेदारी संभाली थी और 12 दिसंबर 2026 को इस पद से रिटायर हो रहे हैं. डीजीपी पद से रिटायरमेंट के बाद वह मुख्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे. डीजीपी बनने से पहले वह बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम में महानिदेशक सह अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) के पद पर कार्यरत थे. बतौर डीजीपी उनके कार्यकाल में प्रदेश की कानून-व्यवस्था हमेशा सवालों के घेरे में रही है.

महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

इस साल बिहार से कई ऐसी बड़ी आपराधिक घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा. जमुई, समस्तीपुर, बांका और मधेपुरा जैसे जिलों से लड़कियों के साथ छेड़खानी के वीडियो वायरल होने से प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावों की कलई खोल दी है. इन घटनाओं ने ना सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि समाज की विकृत मानसिकता को भी उजागर किया है. 'मोरल पुलिसिंग' के नाम पर मनचलों ने पूरे प्रदेश में गदर काट रखा है. सबसे अहम बात यह है कि पुलिस को इन घटनाओं की भनक तब तक नहीं लगी, जब तक अपराधियों ने खुद ही वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल नहीं कर दिया. जब मनचले खुद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हैं, तब जाकर पुलिस को खबर लगती है. इससे प्रदेश में पुलिस पेट्रोलिंग पर भी सवाल उठते हैं.

भरत तिवारी एनकाउंटर केस

बिहार की बागडोर संभालते ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीएम योगी की तर्ज पर काम करना शुरू किया. यूपी की तरह उन्होंने बिहार में भी अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू कर दी. जिस तरह से यूपी से एक के बाद एक बदमाशों के एनकाउंटर की खबरें सामने आती रहती हैं, उसी तरह से बिहार पुलिस ने भी 'ऑपरेशन क्लीन' शुरू कर दिया. सरकार की नीयत तो अपराध को समाप्त करना था, लेकिन बिहार पुलिस यहां चूक गई और भोजपुर में भरत तिवारी का फर्जी एनकाउंटर करके सवालों के घेरे में आ गई. घटना के समय भरत तिवारी खुद फेसबुक लाइव कर रहे थे. वीडियो साक्ष्य में साफ दिखाई देता है कि उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था. पुलिस पर आरोप है कि भरत तिवारी की ओर से पिस्तौल फेकने के बाद भी एनकाउंटर कर दिया. इसे लेकर भी पुलिस विभाग और सरकार दोनों की काफी किरकिरी को सामना करना पड़ा.

कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए

विनय कुमार के कार्यकाल के दौरान ही नीट समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए. परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए अब सरकार ने एंटी पेपर लीक जैसा सख्त कानून लागू किया है. इसके तहत दोषी पाए जाने पर 3 से 10 साल तक की कैद और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. इस कानून में जांच को दो महीने के भीतर पूरा करने और मामलों के लिए Special Fast Track Court की व्यवस्था का प्रावधान है, जहां चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा 33 करोड़ रुपये से 29 जिलों में विशेष परीक्षा भवन और आधुनिक स्ट्रॉन्ग रूम बनाने फैसला लिया है. 

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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