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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज (15 सितंबर, 2026) हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले लिए गए. सम्राट कैबिनेट ने कुल 17 एजेंडों पर मुहर लगाई है. बिहार के गयाजी स्थित प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर को काशी विश्वनाथ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. विष्णुपद कॉरिडोर के लिए 2500 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है. इसके साथ ही, दक्षिण बिहार की सोन और फल्गु नदी जोड़ योजना के निर्माण कार्य को भी हरी झंडी दे दी गई है. इसके लिए 996 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है.
केंद्रीय मखाना विकास योजना के लिए भी रुपए मंजूर
इसे लेकर बिहार कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने कहा कि बिहार में नेशनल हाईवे, रेलवे परियोजनाएं, राज्य सरकार के अधीन सड़कें, बाढ़ सुरक्षा कार्य, भवन निर्माण आदि कार्यों में नदियों, जलाशयों आदि की गाद का उपयोग किया जा सकेगा. इसके लिए बिहार जल स्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति 2026 को कैबिनेट से मंजूरी दे दी गई है.
'कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्रीय मखाना विकास योजना के लिए करीब 89.80 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं. इसका मकसद मखाना की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है. इसके तहत उत्पादन, बीज, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार की व्यवस्था पर काम होगा. निर्यात और सर्टिफिकेशन को भी बढ़ावा दिया जाएगा. इससे किसानों, व्यापारियों और FPO की आय बढ़ाने पर जोर रहेगा.'
वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी
उन्होंने आगे कहा कि ईंट-भट्ठों के बकाया भुगतान के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी गई है. यह योजना तीन महीने तक लागू रहेगी. इसमें ईंट सत्र 2024-25 तक के बकाये में ब्याज की राशि छोड़कर मूल बकाया जमा करने का विकल्प मिलेगा. इससे कारोबारियों को राहत मिलेगी और सरकार को भी बकाया राजस्व तेजी से मिल सकेगा.
'बिहार के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 366 रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की जाएगी. इनमें बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं. नियमित नियुक्ति होने तक इन पदों पर संविदा नियुक्ति होगी. इससे मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी.'
जिलों में हेलीपोर्ट विकसित करने की योजना
अरविंद चौधरी ने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और बिहार सरकार के बीच MoU को मंजूरी मिली है. इससे छोटे शहरों में हवाई संपर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी और जिलों में हेलीपोर्ट विकसित करने की योजना भी है. इससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
'बागवानी विकास मिशन के लिए भी करीब 78.34 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है. वहीं, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में पैरावेट स्कूल के लिए छह स्थायी पद सृजित करने को भी स्वीकृति दी गई है. बिहार आकस्मिकता निधि से जल संसाधन विभाग को 1,000 करोड़ रुपये मिले हैं. इस राशि का इस्तेमाल बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई और प्रगति यात्रा से जुड़े कार्यों में किया जाएगा.'