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बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग हुई. कैबिनेट में 43 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. बिहार बायो-फ्यूल एवं CBG नीति-2026, किशनगंज में स्टार्च फैक्ट्री लगेगी और दरभंगा और खगौल ग्रिड में नए ट्रांसफॉर्मर जैसे अहम प्रस्ताव को पास कर राज्य को विकास के रास्ते में आगे ले जाने का खाका तैयार किया.
किशनगंज के ठाकुरगंज स्थित गलगलिया चेक पोस्ट पर ईस्टर्न एग्रो केमिकल्स लिमिटेड 88.62 करोड़ रुपये के निवेश से 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता की मेज स्टार्च इकाई लगाएगी. इससे 217 लोगों को रोजगार मिलेगा.
कृषि अवशेष, पशु अपशिष्ट, शहरी कचरे और चीनी मिलों के अपशिष्ट से बायो-फ्यूल और कंप्रेस्ड बायो-गैस बनाने वाली परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा. उद्योग विभाग नोडल एजेंसी होगा.
सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई है. इससे भुगतान संबंधी समस्याओं और विवादों के समयबद्ध निपटारे में मदद मिलेगी.
दरभंगा और पटना के खगौल ग्रिड उपकेंद्रों में 200-200 MVA के दो नए ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए 33.44 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
बैकुंठपुर के राजापट्टी में वेस्टवेल बायोरिफाइनरीज की इथेनॉल इकाई की क्षमता 167.5 KLPD से बढ़ाकर 325 KLPD की जाएगी. इसके लिए 97.80 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 210 लोगों को रोजगार मिलेगा.
पारंपरिक कारीगरों, हस्तशिल्प, हस्तकरघा और स्वयं सहायता समूहों को तकनीक, प्रशिक्षण, पैकेजिंग, बाजार और निर्यात में मदद मिलेगी. कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनाए जाएंगे.
पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने और एक करोड़ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है. प्रत्येक जिले में एक क्लस्टर और सभी 38 जिलों में MSME केंद्र स्थापित किए जाएंगे.
अगले तीन वर्षों में एलटी केबल और ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी. नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी 6,066 करोड़ और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी 5,030.55 करोड़ रुपये की वित्तीय व्यवस्था करेगी. राज्य सरकार इसकी गारंटी देगी.
वित्तीय वर्ष 2026-27 में बीज गुणवत्ता नियंत्रण, भंडारण और बीज अवसंरचना के निर्माण व आधुनिकीकरण पर करीब 11.82 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
बिहार राज्य खेल-2026 के आयोजन के लिए बिहार ओलंपिक संघ को 12 करोड़ रुपये देने की मंजूरी दी गई है.
मोतिहारी, पूर्णिया और सारण में नगर पुलिस अधीक्षक के तीन पद सृजित होंगे. कार्यालयों के संचालन के लिए कुल 12 पदों को मंजूरी दी गई है.
भागलपुर में विधि-व्यवस्था के लिए SDPO-1 और SDPO-2 के पदों के पुनर्गठन और आवंटन को मंजूरी दी गई है.
बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की क्षेत्रीय इकाइयों के विस्तार और क्षमता बढ़ाने के लिए 143 पद सृजित होंगे.
राज्य के फॉरेंसिक कार्यालय पुलिस नियंत्रण से अलग होकर गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में काम करेंगे. इसके लिए निदेशालय में निदेशक प्रमुख का स्थायी पद सृजित होगा.
नवादा के वारिसलीगंज अंचल के मकनपुर में नई चीनी मिल और गन्ने के उप-उत्पादों पर आधारित इकाइयां स्थापित होंगी. इंडियन पोटाश लिमिटेड इन्हें स्थापित और संचालित करेगी. स्वीकृत परियोजना लागत का 40% वित्तीय सहायता के रूप में दिया जाएगा.
सोनपुर आयोजना क्षेत्र का विस्तार करने की मंजूरी दी गई है.
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगा प्रतिबंध हटाने को मंजूरी दी गई है.
विश्वामित्र पथ (बक्सर-आरा-मनेर), गंगा अंबिका पथ (बिदुपुर-दिघवारा) और नारायणी पथ (दरिहारा-डुमरिया घाट, गोपालगंज) के लिए सलाहकार सेवाएं लेने को 37.10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
90 किमी लंबे विश्वामित्र पथ की DPR, भूमि अधिग्रहण और जरूरी वैधानिक व पर्यावरणीय मंजूरियां लेने के लिए सलाहकार सेवाओं पर 2.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
गोपालगंज के 73.51 किमी लंबे नारायणी पथ की DPR, भूमि अधिग्रहण और जरूरी मंजूरियों के लिए 2.10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.
पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर विकसित करने की संभावना का अध्ययन करने के लिए 18.21 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
दीनदयाल उपाध्याय चौक से भवनपुरा तक सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 68.68 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
सुपौल जिले के पिपरा अंचल की 3.12725 एकड़ सरकारी जमीन रेल मंत्रालय को हस्तांतरित होगी. इसके लिए करीब 66.98 लाख रुपये भुगतान किए जाएंगे.
त्रिवेणीगंज और पिपरा अंचल की 21.48068 एकड़ सरकारी जमीन रेल मंत्रालय को हस्तांतरित की जाएगी. इसके लिए करीब 4.22 करोड़ रुपये भुगतान की मंजूरी दी गई है.
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के 49 हजार छात्र-छात्राओं के लिए निजी भवनों में हॉस्टल की व्यवस्था होगी. इस पर सालाना 58.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
बिहार में आम लोगों को सरकारी सेवाओं और उनसे जुड़ी जानकारी WhatsApp के जरिए मिलेगी. इसके लिए BSNL का चयन किया गया है और 2.34 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.
बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी गई है.
सासाराम के बेलाडी में 28 डिसमिल सरकारी जमीन गृह मंत्रालय को स्थायी रूप से हस्तांतरित होगी. यहां SIB का कार्यालय और आवासीय परिसर बनाया जाएगा. इसके लिए 83 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है.
डॉ. उमेश प्रधान का संविदा कार्यकाल 30 नवंबर 2026 को 70 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद अगले दो वर्षों के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी गई है.
सहरसा एयरस्ट्रिप की 1,000 वर्ग मीटर जमीन GRD एयर एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड को उड़ान प्रशिक्षण और संबंधित गतिविधियों के लिए 30 साल की लीज पर दी जाएगी.
बिहार और केंद्र सरकार के बीच हुए समझौते के तहत उड़ान योजना के लिए मई 2026 से सितंबर 2028 तक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को मासिक 1.5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. कुल 43.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
बिहार सूचना आयोग में एक अतिरिक्त राज्य सूचना आयुक्त का पद अगले आदेश तक सृजित किया जाएगा.
बिहार सचिवालय सेवा (संशोधन) नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई है.
बिहार प्रशासनिक सेवा के विभिन्न ग्रेड के पदों का पुनर्गठन किया जाएगा.
मधुबनी में NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जल्द सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय बनेगा. इसके लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश का एक पद सृजित होगा.
एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के वाणिज्यिक विवादों के निपटारे के लिए पटना में दो विशेष वाणिज्यिक न्यायालय बनेंगे. इसके लिए जिला न्यायाधीश स्तर के दो पद सृजित होंगे.
मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में बंद चीनी मिल की 151.58 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को हस्तांतरित होगी. इस पर अन्य उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे.
तीनों नदियों के फ्लड प्लेन जोन का अध्ययन राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की के साथ कराया जाएगा. इसके लिए करीब 1.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.
राज्य के 24 बांधों की सुरक्षा, गाद, डिजाइन फ्लड, आपातकालीन कार्ययोजना और रखरखाव का आकलन किया जाएगा. इसके लिए करीब 8.39 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.
बदुआ नदी के किनारे तेलडीहा दुर्गा मंदिर के पास चेक डैम और पाथवे बनाने के लिए 37.09 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
प्रक्षेत्रीय व्यवस्था के पुनर्गठन के बाद कार्यालय के संचालन के लिए चार पद स्थानांतरित होंगे और विभिन्न श्रेणियों के 20 नए पद सृजित किए जाएंगे.
पशु आहार बनाने में इस्तेमाल होने वाले छोआ और बायोडीजल और फॉर्मलडीहाइड बनाने के लिए मेथनॉल को राज्य के बाहर से आयात करने की मंजूरी दी गई है.
बिहार से बाहर औद्योगिक उपयोग के लिए भेजे जाने वाले इथेनॉल में भारतीय मानक IS 4117:2008 के अनुरूप 12 विकारक मिलाने की मंजूरी दी गई है.
रिपोर्ट: प्रिंस कुमार कुशवाहा