गन्ना उद्योग को मिलेगी नई दिशा: पुणे के वसंतदाता शुगर इंस्टीट्यूट से उत्पादन बढ़ाने के गुर सीखने गए बिहार के वैज्ञानिक
बिहार में गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक टीम पुणे पहुंच चुकी है. वह यहां स्थित वसंतदाता शुगर इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों से टिप्स लेगी. बिहार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बताया कि यह टीम पुणे जाकर नई तकनीक की जानकारी लेगी. उसका लाभ राज्य के किसानों को मिलेगा.
बिहार में गन्ना की खेती को बढ़ावा देने, उत्पादन बढ़ाने और गन्ना किसानों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए बिहार के कृषि वैज्ञानिक अब पुणे के वसंतदाता शुगर इंस्टीट्यूट से टिप्स लेंगे. इसके गन्ना उद्योग के अधिकारियों और वैज्ञानिकों की 40 सदस्यीय टीम रविवार (13 सितंबर) को पुणे के लिए रवाना हो गई. गन्ना उद्योग विभाग के वरीय अधिकारियों ने इस टीम को विदा किया. जानकारी के मुताबिक, यह टीम 15 से 17 सितंबर तक तीन दिवसीय पुणे दौरे पर रहेगी और वहां गन्ना खेती की नई तकनीक की जानकारी लेगी.
यह टीम वहां पर सहकारिता विभाग के माध्यम से संचालित चीनी मिलों का भी दौरा करेगी और देखेगी कि ये मिलें कैसे काम करती हैं? इसके साथ ही टिश्यू कल्चर, गन्ना की खेती में आधुनिक यंत्रों का प्रयोग, गन्ना में होने वाली बिमारियां और गन्ना को नुकसान पहुंचाने वाले कीटाणुओं को पहचानने सहित गन्ना से जुड़े अन्य कार्यों के बारे में प्रशिक्षण प्राप्त करेगी. इस संबंध में ईख आयुक्त ने बताया कि अधिकारियों और वैज्ञानिकों के स्तर से पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त करने से बिहार में गन्ना की खेती में इसका लाभ किसानों को मिलेगा और बेहतर गन्ना की खेती करने में मदद मिलेगी.
यह टीम पुणे जाकर नई तकनीक की जानकारी लेगी. उसका लाभ राज्य के किसानों को मिलेगा. कम लागत में गन्ना की खेती बेहतर हो और किसानों को अधिक से अधिक लाभ हो इस दिशा में राज्य सरकार काम कर रही है. इस 40 सादस्यीय टीम को बहुत बहुत बधाई.- संजय कुमार, गन्ना उद्योग मंत्री, बिहार सरकार
बता दें कि प्रदेश गन्ना उद्योग के विस्तार और नई चीनी मिलों को बढ़ावा देने के लिए सम्राट सरकार ने हाल ही में बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 लागू की है. इस नई नीति के तहत बिहार में नई चीनी मिल लगाने वालों को महज 1 रुपये के टोकन शुल्क पर 40 एकड़ तक जमीन दी जाएगी. इतना ही नहीं नई मिलों की स्थापना पर निवेशकों को 70 करोड़ रुपये तक का अनुदान मिलेगा. वहीं, किसानों को आय बढ़ाने के लिए उन्हें मुख्यमंत्री गन्ना विकास और यंत्रीकरण योजनाओं के तहत आधुनिक कृषि यंत्रों पर 50% तक का अनुदान दिया जा रहा है.