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भागलपुर में बाढ़ का ठाठ: गंगा नदी का जलस्तर हुआ कम पर खतरा नहीं खत्म, 450 गांवों के 8.56 लाख लोग दायरे में

भले ही कई जगहों से बाढ़ राहत शिविरों में अच्छी व्यवस्था की खबरें आ रही हैं, लेकिन अब भी कई ऐसे इलाके हैं, जहां सरकारी सहायता नहीं पहुंच पा रही है. अधिकारियों को ऐसे इलाकों के लोगों के प्रति बेहद संवेदनशील होने की जरूरत है.

भागलपुर में बाढ़ का ठाठ: गंगा नदी का जलस्तर हुआ कम पर खतरा नहीं खत्म, 450 गांवों के 8.56 लाख लोग दायरे में
Image Credit: गंगा नदी का जलस्तर कुछ कम तो हुआ है पर खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है. (Video Grab)

भागलपुर में बाढ़ का संकट अब भी बरकरार है. जिले के 450 से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और इस वजह से करीब 2 लाख से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं. कुल प्रभावित लोगों का आंकड़ा 8 लाख 56 हजार 379 तक पहुंच गया है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चल रहा है. अब तक 24,812 लोगों को सुरक्षित निकालकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बाहर लाया जा चुका है. राहत एवं बचाव कार्य के लिए जिले में 122 नावों का परिचालन किया जा रहा है. प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने का भी काम जारी है. बाढ़ का असर इंसानों के साथ-साथ पशुओं पर भी पड़ा है. जिले में करीब 79,390 पशु प्रभावित हुए हैं. प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए अब तक 22,083 क्विंटल पॉलीथिन बांटा जा चुका है. प्रभावित लोगों के लिए जिले में 317 सामुदायिक रसोई चल रही है, जहां लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.

एक खबर राहत वाली

बाढ़ के बीच राहत की खबर यह है कि गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि कोसी नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर हो गया है. भागलपुर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 34.62 मीटर से घटकर 34.40 मीटर तक पहुंच गया है. जलस्तर में कमी जरूर आई है, लेकिन गंगा अब भी खतरे के निशान से 72 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. सुल्तानगंज और नवगछिया में भी गंगा के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है. वहीं, कोसी का जलस्तर स्थिर होने से भी लोगों के साथ-साथ प्रशासन को थोड़ी राहत मिली है. बावजूद इसके, गंगा के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण बाढ़ प्रभावित इलाकों में अभी भी सतर्कता बरती जा रही है.

Bihar Flood

जी मीडिया की खबर का असर: समस्तीपुर में बाढ़ पीड़ितों तक पहुंची राहत, लोगों ने जताया आभार

समस्तीपुर में जी मीडिया की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है. बाढ़ के बीच घर छोड़कर विस्थापित हुए जिन परिवारों तक राहत पहुंचाने और सामुदायिक किचन शुरू कराने की मांग जी मीडिया के माध्यम से लोग जिला प्रशासन से कर रहे थे, उनकी आवाज सुन ली गई है और राहत सामग्री भी पहुंचने लगी है. लोगों ने इसके लिए जी मीडिया का आभार जताया है.

Bihar Flood

जिले के मोहनपुर प्रखंड के डुमरी दक्षिणी, डुमरी उत्तरी, चापर और जौनपुर में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक किचन शुरू किया गया है. साथ ही, मेडिकल कैंप लगाकर इलाज की व्यवस्था की गई है और मवेशियों के लिए चारे का भी इंतजाम किया गया है.

बाढ़ पीड़ितों ने जी मीडिया के सामने अपनी परेशानी बताते हुए सबसे पहले भोजन, इलाज और पशुओं के चारे की व्यवस्था की मांग रखी थी. जी मीडिया ने इन आवाजों को प्रमुखता से उठाया और अब प्रशासन की ओर से राहत मिलने के बाद बाढ़ पीड़ितों ने जी मीडिया को धन्यवाद दिया है.

लोगों का कहना है कि उनकी परेशानी को जिस तरह जी मीडिया ने प्रमुखता से दिखाया, उसके बाद प्रशासन की ओर से मदद पहुंची है. जिला प्रशासन के मुताबिक, मोहनपुर प्रखंड में 25 सामुदायिक किचन और 115 नावों के जरिए बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाई जा रही है. हालांकि, गंगा का पानी अभी भी कई इलाकों में मौजूद है और बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं.

रिपोर्ट: भागलपुर से अश्विनी और समस्तीपुर से मंटून कुमार रॉय की रिपोर्ट

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