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भागलपुर के शिक्षा विभाग में 98 लाख रुपये घोटाला मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) चंदन कुमार और डीपीओ (डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर) शशि चंद चौधरी को सस्पेंड कर दिया गया है. दोनों के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर विभाग कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है. बता दें कि संविदाकर्मी कम्प्यूटर ऑपरेटर ने फर्जी शिक्षिका के नाम आईडी तैयार कर 98 लाख का घोटाला किया था.
बता दें कि ये मामला इसी महीने सामने आया, जिसके बाद छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. इनमें आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश, DEO और DPO शामिल हैं. भागलपुर के DDC पूरे मामले की जांच कर रहे थे. वहीं, जांच रिपोर्ट के बाद डीएम अलंकृता पांडे ने सस्पेंड करने की कार्रवाई की.
मिली जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा कार्यालय में HRMS (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल के जरिए सुल्तानगंज प्रखंड के अंतर्गत 'तनूश्री' नामक एक फर्जी विशिष्ट शिक्षिका के नाम पर कुल 98,12,773 रुपये अवैध तरीके से भुगतान किया गया था. इसी गंभीर वित्तीय घोटाले और अन्य संगीन आरोपों के आधार पर जोगसर थाना में कांड संख्या-198/26 (दिनांक 08.10.2026) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया.
दोनों अधिकारियों को गिरफ्तारी की तारीख ( 09 अक्टूबर 2026) से आने वाले आदेश तक के लिए सेवा से निलंबित कर दिया है. जारी आदेश के अनुसार, निलंबन की अवधि में शशि चंदन चौधरी का मुख्यालय क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा कार्यालय और चंदन कुमार का मुख्यालय क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पूर्णियां प्रमंडल, पूर्णियां कार्यालय निर्धारित किया गया है.
जारी पत्र के अनुसार, निलंबन काल के दौरान दोनों अधिकारियों, DEO चंदन कुमार और DPO शशि चंद चौधरी को नियमों के प्रावधानों के अनुसार, केवल जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence allowance) ही देय होगा. इसके साथ ही, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों आरोपी अधिकारियों के खिलाफ अलग से चार्जशीट का गठन किया जाएगा और विभागीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस कड़े कदम से बिहार शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.
रिपोर्ट: अश्वनी कुमार