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बेतिया नगर निगम के JE सुजय सुमन पर कार्रवाई का आदेश: अवैध भुगतान की होगी वसूली

Bettiah News: बेतिया नगर निगम के जूनियर इंजीनियर सुजय सुमन की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बिहार सरकार के अवर सचिव ने विभागीय जांच रिपोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

बेतिया नगर निगम के JE सुजय सुमन पर कार्रवाई का आदेश: अवैध भुगतान की होगी वसूली
Image Credit: बेतिया नगर निगम

Bettiah News: बेतिया नगर निगम में कार्यरत जूनियर इंजीनियर सुजय सुमन की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बिहार सरकार के अवर सचिव राजेश्वर राज ने जूनियर इंजीनियर पर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है. नगर आयुक्त शिवक्षी दीक्षित को विभागीय जांच रिपोर्ट और उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. जेई सुजय सुमन से अवैध रूप से किए गए भुगतान की वसूली करने और उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई के लिए अवर सचिव ने नगर आयुक्त को पत्र भेजा है.

उपमेयर की शिकायत पर हुई जांच
बता दें कि नगर निगम की उपमेयर गायत्री देवी ने जेई सुजय सुमन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी. उपमेयर की शिकायत पर सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने भी अनुशंसा की थी. शिकायत के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई. जांच में सुजय सुमन के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता सामने आने की बात कही गई है. उपमेयर ने जेई की नियुक्ति को लेकर भी शिकायत की थी, जिसके आलोक में 11 जून 2026 को तीन सदस्यीय जांच कमिटी ने मामले की जांच की.

नियुक्ति और स्थायीकरण पर उठे सवाल
जांच में पाया गया कि 20 मार्च 1997 को सुजय सुमन की नियुक्ति दैनिक पारिश्रमिक के आधार पर की गई थी. उस समय नियुक्ति को लेकर कोई विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया गया था. वहीं, 28 सितंबर 2004 को जेई की सेवा स्थायी किए जाने को भी सरकारी नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया. इसके बाद अपर सचिव ने निर्देश दिया कि जेई को किए गए अवैध भुगतान की वसूली की जाए और उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाए. हालांकि, जेई सुजय सुमन का कहना है कि उनके पक्ष में हाईकोर्ट की डबल बेंच का फैसला आ चुका है. उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पत्र में न्यायालय के आदेश का भी जिक्र है और उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है.

कार्रवाई में देरी पर उपमेयर ने उठाए सवाल
वहीं, नगर आयुक्त शिवक्षी दीक्षित ने कहा कि अपर सचिव का पत्र प्राप्त हुआ है. कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन मेयर को भेजा गया है और पत्र को बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. दूसरी ओर, उपमेयर गायत्री देवी का कहना है कि 17 अगस्त 2026 को अपर सचिव का पत्र नगर निगम आयुक्त को प्राप्त हुआ था, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जेई के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि सचिव के पत्र को बोर्ड में भेज दिया गया है, जबकि नियम के अनुसार अब तक कार्रवाई हो जानी चाहिए थी. उपमेयर ने आरोप लगाया कि जेई को बचाने के लिए साजिश की जा रही है.

रिपोर्ट: धनंजय द्विवेदी

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About the Author

Rupak Kumar

Rupak Kumar

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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