अररिया के मोनू मेटुरबाला ने मां के ठीक होने की मांगी थी मन्नत, अब दौड़ लगाकर कर रहे 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन
अररिया के 19 साल के मोनू मेटुरबाला ने मां की तबीयत ठीक होने पर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने की मन्नत मांगी थी. अब वह दौड़कर इस यात्रा को पूरा करने में जुटे हैं. सोशल मीडिया पर उनके वीडियो और फोटो जमकर वायरल हो रहे हैं.
बिहार से मातृभक्ति की मिसाल पेश करने वाली एक कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है. अररिया जिले के रहने वाले 19 साल के मोनू मेटुरबाला ने अपनी बीमार मां की सलामती के लिए एक ऐसा संकल्प लिया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं. उन्हें 'ब्लैक पैंथर' के नाम से भी जाना जाता है. आइए जानते हैं मोनू मेटुरबाला की पूरी स्टोरी-
मां की तबीयत बिगड़ने पर मांगी मन्नत
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले मोनू की मां ललती देवी की तबीयत बेहद गंभीर हो गई थी. गले में मछली का कांटा फंसने और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई. परिवार ने कई जगह इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला. ऐसे समय में मोनू ने जहानाबाद की बराबर पहाड़ी पर स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में भगवान शिव से मन्नत मांगी कि यदि उनकी मां पूरी तरह स्वस्थ हो गईं, तो वह देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों और चारों धाम के दर्शन दौड़कर करेंगे.
12 ज्योतिर्लिंगों और चारों धाम के दर्शन
भगवान ने मोनू मेटुरबाला की सुन ली और ललती देवी की सेहत में सुधार होने लगा और अब वो पूरी तरह से ठीक है. वहीं, मां के स्वस्थ होते ही मोनू ने अपना वादा निभाने के लिए निकल पड़े. 15 मार्च 2026 को मोनू मेटुरबाला ने पटना से अपनी दौड़ की शुरुआत की और 12 ज्योतिर्लिंगों और चारों धाम के दर्शन के लिए निकल पड़े.
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रोजाना 40 से 50 किलोमीटर की दौड़
मोनू मेटुरबाला साधारण परिवार से आते हैं. उनका जीवन काफी संघर्ष भरा रहा है. वो अपनी फिटनेस पर तो ध्यान देता ही था, परिवार को आर्थिक मदद देने के लिए गोलगप्पे-चाट बेचने और बिजली के छोटे-मोटे काम भी करता था. वहीं, मां की सेहत खराब होने के दौरान किए हुआ वादे को पूरा करने के लिए वो रोज करीब 40 से 50 किलोमीटर की दौड़ लगा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, अब तक वह लगभग 8,000 किलोमीटर की दूरी तय कर चुका है और 12 में से 6 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुका है. फिलहाल मोनू महाराष्ट्र में है और रास्ते में उसके दो साथी भी उसका पूरा सहयोग कर रहे हैं.