)
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधान परिषद चुनाव में एनडीए के सभी प्रत्याशियों की जीत की रणनीति बनाने और एकजुटता दिखाने के लिए शुक्रवार को विधायक दल की बैठक बुलाई. बैठक में एनडीए की एकजुटता पर सबसे ज्यादा चर्चा होनी है. एक तरफ जनता दल यूनाइटेड के विधायक अनंत सिंह बगावत का झंडा बुलंद किए हुए हैं तो दूसरी ओर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के 4 में से 3 विधायकों आलोक सिंह, रामेश्वर महतो और माधव आनंद ने अपना अलग से प्रत्याशी उतार दिया है. बैठक में इन बागियों पर सबसे अधिक निगाहें टिकी रहने की संभावना है. बैठक में पहुंचते ही अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन करने का ऐलान कर दिया. उन्होंने फिर से स्पष्ट कर दिया कि वे जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी नीरज कुमार का विरोध करेंगे. इस तरह ये चारों विधायक MLC चुनाव में NDA के उमीदवारों के विरोध में लगातार बयान दे रहे हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक में इन चारों विधायकों को मनाने की कोशिश की जाएगी.
इससे पहले अनंत सिंह को मनाने के सारे प्रयास हो चुके हैं. जनता दल यूनाइटेड ने उन्हें मनाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को सौंपी थी. ललन सिंह ने यह स्पष्ट किया था कि अनंत सिंह मान गए हैं और वे अब कोई बयानबाजी नहीं करेंगे, लेकिन उनकी बातों का अनंत सिंह पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है. ललन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा था कि ताली एक हाथ से नहीं बजती. अनंत सिंह को भी 2025 के विधानसभा चुनाव में हराने की कोशिश की गई थी और उन्होंने खुद के लिए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मुंगेर से उन्हें भी परेशान करने की कोशिश की गई थी.
इससे पहले जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने अनंत सिंह को मनाने का जिम्मा ललन सिंह को देने की बात कही थी. बाद में ललन सिंह ने नीतीश कुमार से मुलाकात भी की थी और तब लगा था कि मामला सुलझ गया है, लेकिन पिछले दो दिनों से अनंत सिंह जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में लगातार रोड शो कर रहे हैं और नीरज कुमार को हराने का दावा भी कर रहे हैं. इससे जनता दल यूनाइटेड आलाकमान परेशान है.
अनंत सिंह का मसला सुलझा भी नहीं था कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से भी एनडीए के लिए बुरी खबर आई. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 4 में से 3 विधायकों ने सारण में जेडीयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर के विरोध में रामपुकार सिन्हा के रूप में अपना प्रत्याशी उतार दिया और उनके नामांकन में दल बल के साथ पहुंचे भी थे. इन तीनों विधायकों ने दावा किया था कि कार्यकर्ताओं की आवाज पर उन्होंने यह कदम उठाया है. उनकी इस बगावत पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था- एमएलसी चुनाव से पहले राजनीतिक वातावरण में अजब सा नशा छा गया है, जिससे हर कोई मदहोश हो गया है.
अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुलाई है, जिसमें अनंत सिंह पर चर्चा की जाएगी और बहुत संभव है कि उन्हें मनाने की पूरी कोशिश हो और फिर एकजुटता का संदेश दिया जा सके. इसके अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीनों विधायकों को भी मनाने का प्रयास किया जाएगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कोशिश यह है कि एनडीए में एकजुटता का संदेश देते हुए विपक्षी गठबंधन में रार पर फोकस किया जाए. हालांकि, ऐसा करना उनके लिए आसान नहीं होता.