पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की हत्या में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी चंदन सिंह सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें चंदन सिंह आरा नगर थाना क्षेत्र के बड़की सिंगही गांव का रहने वाला है तो अभिषेक यादव बिंद टोली का रहने वाला है और टीपू कुमार नवादा थाने के चंदवा हाउसिंग कॉलोनी निवासी है. टीपू कुमार सरकारी अमीन है. चंदन सिंह और अभिषेक यादव को कोलकाता एयरपोर्ट से पकड़ा गया तो टीपू कुमार को आरा से पुलिस ने धर दबोचा. पुलिस ने चंदन सिंह के घर से एक पिस्टल बरामद किया है और उसकी जांच हो रही है. अब तक इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बाकियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. एसपी अवधेश दीक्षित ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी. मृतक के बेटे अमित कुमार उर्फ गोल्डी के बयान के आधार पर चंदन सिंह, मुफस्सिल थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राम कल्याण यादव और राजस्व कर्मचारी विष्णु देव सहित 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. चंदन सिंह और अन्य पर गोली मारने तो इंस्पेक्टर राम और विष्णु देव सिंह पर हत्या की साजिश रचने का आरोप हैं.\
पिछले हफ्ते गुरुवार सुबह कनकपुरी मोहल्ले में मॉर्निंग वॉक पर निकले पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उन्हें अज्ञात बंदूकधारियों ने 7 से 8 गोलियां मारी थीं. रामकुमार सिंह की हत्या के बाद एसपी अवधेश दीक्षित ने सदर एसडीपीओ वन सुशील कुमार के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी. टेक्निकल सबूतों के आधार पर एसआईटी ने चंदन सिंह और अभिषेक यादव को कोलकाता एयरपोर्ट से पकड़ा तो दोनों की निशानदेही पर टीपू कुमार को आरा से दबोचा गया.
एसपी ने बताया कि जमीन के विवाद में हत्या की घटना को अंजाम दिया गया था. उन्होंने बताया कि 20 से 25 दिन पहले ही चंदन सिंह और अन्य आरोपियों ने अपने खातों से सारे पैसे या तो निकाल लिए या पत्नी को ट्रांसफर कर दिए थे. इन लोगों ने अपनी पत्नियों को बाहर भी भेज दिया था. पुलिस से बचने के लिए नया सिम कार्ड और नया मोबाइल खरीदा गया था. नए बैंक अकाउंट भी खुलवाए गए थे.
एसपी अवधेश दीक्षित के अनुसार, आरोपी चंदन सिंह और अभिषेक यादव यहां से सिलीगुड़ी, गंगटोक और फिर कोलकाता पहुंचे. दोनों फ्लाइट से जाने वाले थे, लेकिन एयरपोर्ट पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के दौरान दोनों अपने नाम गलत बता रहे थे. सिलीगुड़ी के होटल में भी गलत नाम लिखवा रहा था.
एसपी का कहना है कि जांच में यह बात सामने आई है कि रामकुमार सिंह की बड़की सिंगही स्थित एक जमीन पर 2006 से स्वामित्व हासिल था. 2020 में उन्होंने उस जमीन पर बाउंड्री भी करवाई थी और 2025 में पावर आफ अटॉर्नी के आधार पर उस जमीन को अलग अलग लोगों को बेची थी. उन्होंने कहा कि जमीन माफिया जमीन के कागजों में हेर फेर का काम करते हैं और उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा. एसपी ने यह भी बताया कि जल्द ही गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी और कोर्ट से स्पीडी ट्रायल चलाने का अनुरोध किया जाएगा.