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बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती रद्द, स्वास्थ्य विभाग में निकली थी वैंकेसी

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 1,711 असिस्टेंट प्रोफेसर (स्पेशलिटी) पदों के लिए अपने भर्ती विज्ञापन रद्द कर दिए हैं. इस फैसले से हायरिंग प्रोसेस रुक गया है.

Edited By Shailendra
Published: Oct 30, 2026, 05:36 PM IST | Updated: Oct 30, 2026, 06:07 PM IST
Image Credit: बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,711 पदों पर नियुक्ति का विज्ञापन रद्द (Photo-AI)
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बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,711 पदों पर नियुक्ति का विज्ञापन रद्द सरकार ने रद्द कर दिया है. चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों में सहायक प्राध्यापक (स्पेशियलिटी) के 1,711 पदों पर नियमित नियुक्ति होनी थी. स्वास्थ्य विभाग ने विज्ञापन संख्या 04/2025 से 28/2025 तक के सभी विज्ञापन रद्द किए है. विभाग द्वारा अधियाचना वापस लिए जाने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया रद्द हुई है. संशोधित अधियाचना के आधार पर नए सिरे से विज्ञापन जारी करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है. नए विज्ञापन के जरिए फिर से नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी.

हेल्थ डिपार्टमेंट ने 1,711 खाली पदों पर अपॉइंटमेंट के लिए अपनी रिक्विजिशन वापस ले ली

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन एक नोटिस में कहा कि बिहार सरकार के हेल्थ डिपार्टमेंट ने 1,711 खाली पदों पर अपॉइंटमेंट के लिए अपनी रिक्विजिशन वापस ले ली है. इसलिए 4 अप्रैल, 2025 को पब्लिश हुए विज्ञापन नंबर 04/2025 से 28/2025 को कैंसल कर दिया गया है. बीपीएससी ने कहा कि रिवाइज्ड रिक्विजिशन के आधार पर एक नया विज्ञापन तैयार किया जा रहा है. हालांकि, इसने नए नोटिफिकेशन के लिए कोई तारीख नहीं बताई है या यह साफ नहीं किया है कि रिवाइज्ड प्रोसेस में वैकेंसी की संख्या उतनी ही रहेगी या नहीं.

क्यों नहीं लाए गए पुराने नोटिफिकेशन? जानिए

रद्द किए गए विज्ञापन में राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के अलग-अलग डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर (स्पेशलिटी) पद शामिल थे. इस रिक्रूटमेंट ड्राइव का मकसद स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट के तहत 1,711 वैकेंसी भरना था.

इन पोस्ट पर होनी की भर्ती

स्वास्थ्य विभाग के इन पोस्ट में क्लिनिकल और नॉन-क्लिनिकल डिपार्टमेंट शामिल थे, जिनमें एनेस्थीसिया, जनरल मेडिसिन, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी शामिल हैं.

रिवाइज्ड रिक्विजिशन नए विज्ञापन का बेसिस होगा

ओरिजिनल विज्ञापन वापस लेने के बाद कैंडिडेट पहले की वैकेंसी डिटेल्स या एप्लीकेशन कंडीशंस को अगले रिक्रूटमेंट राउंड की शर्तों का कन्फर्मेशन नहीं मान सकते. रिवाइज्ड रिक्विजिशन नए विज्ञापन का बेसिस होगा.

आवेदनकर्ता को अभी क्या देखना होगा?

जिन कैंडिडेट्स ने अप्लाई किया था, उनके लिए चिंता यह होगी कि क्या उन्हें फिर से रजिस्टर करने की जरूरत है और क्या उनके पहले के एप्लीकेशन या डॉक्यूमेंट्स को आगे बढ़ाया जाएगा. BPSC के नोटिस में इन सवालों का जवाब नहीं है. इसमें यह भी साफ नहीं किया गया है कि पोस्ट्स की संख्या, स्पेशियलिटी के हिसाब से डिस्ट्रीब्यूशन, एलिजिबिलिटी कंडीशंस, एज लिमिट्स या सिलेक्शन प्रोसेस में कोई बदलाव होगा या नहीं. कैंडिडेट्स को ये डिटेल्स नए विज्ञापन में देखनी होंगी.

रिपोर्ट: सन्नी कुमार

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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