SIR के खिलाफ बिहार में उग्र आंदोलन करेंगे अभिजीत दीपके! CEC ज्ञानेश कुमार को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि अगर ज्ञानेश कुमार कल तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो CJP 2 अक्टूबर से मुंबई में अपना देशव्यापी प्रदर्शन शुरू करेगी और इसे देश के अलग-अलग शहरों तक ले जाएगी. बिहार में CJP बड़े आंदोलन को खड़ा करने की तैयारी कर रही है.
एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की डिमांड कर दी है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. अभिजीत दीपके ने गुरुवार (24 सितंबर) को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के अंदर रिजाइन करें, वरना जंतर-मंतर पार्ट 2 होगा. दीपके ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन खड़ा करने की धमकी दी है. बिहार से इस आंदोलन की शुरुआत हो सकती है. CJP के ईस्ट जॉन कोऑर्डिनेटर सतीश यादव ने कहा कि बिहार से ही SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी और यहां 47 लाख नामों को हटा दिया गया था. बिहार में सबसे ज्यादा और जोरदार प्रदर्शन होगा. जल्द ही अभिजीत दीपके बिहार आएंगे.
SIR में बड़ी गड़बड़ी के आरोप लगाए
सतीश यादव ने कहा कि एक अखबार ने रिपोर्ट छापी कि ज्ञानेश कुमार ने दोनों चुनाव आयुक्त की सहमति के बिना कई फैसले लिए. पश्चिम बंगाल में 60 लाख लोगों के नाम हटाए गए थे, जिसमें 16 लाख लोगों पर सुनवाई हुई. बिहार के चुनाव में पैसे से वोट खरीद लिए गए. गोवा में भी SIR की प्रक्रिया में गड़बड़ियां की गईं.
बाढ़ को लेकर भी बिहार सरकार को घेरा
सतीश यादव ने बिहार में आई बाढ़ को लेकर भी एनडीए सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जो 7000 की सहायता राशि दी गई, वो भी सभी प्रभावितों को नहीं दी गई.
दीपके से तेज प्रताप मांग चुके हैं मदद
बता दें कि सम्राट सरकार को हटाने के लिए बिहार के पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव भी अभिजीत दीपके से मदद मांग चुके हैं. उन्होंने कहा था कि मैं, तेजप्रताप यादव, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से विशेष अपील करता हूं कि वह तुरंत बिहार की धरती पर आएं.
तेज प्रताप ने आगे लिखा था कि बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आज एक कड़े और मजबूत जनांदोलन की आवश्यकता है. मैं उनसे आग्रह करता हूँ कि वे बिहार आकर यहाँ की जनता की आवाज बनें और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का काम करें.