सहरसा के युवक की कर्नाटक में बेरहमी से हत्या, 11 दिन बाद शव गांव पहुंचा तो घरवालों की चीत्कार से माहौल गमगीन
सहरसा का संतोष रोजगार की तलाश में और रोजी रोटी के लिए कर्नाटक गया था, लेकिन अब वह कभी नहीं लौटेगा. उसकी लाश जो लौटकर आ गई है. आरोप है कि पत्नी के साथ प्रेम संबंधों के चक्कर में उसकी हत्या कर दी गई.
सहरसा के एक युवक की कर्नाटक में बेरहमी से हत्या कर दी गई और उसके शव को पहाड़ी से नीचे फेंक दिया गया. युवक सदर थानाक्षेत्र के धमसैनी गांव के वार्ड नंबर 46 का रहने वाला था. उसकी पहचान संतोष ठाकुर के रूप में हुई है. वह कर्नाटक के कोपला में एक निजी कंपनी में काम करता था. हाल ही में वह रोजगार की तलाश में कर्नाटक गया था और गांव के ही मनीष यादव ने उसे एक कंपनी में काम दिला दिया था. बताया जा रहा है कि संतोष की पत्नी से मनीष का प्रेम संबंध था और वह संतोष को रास्ते से हटाने की फिराक में था. आरोप है कि उसने ही अपने साथियों के साथ मिलकर संतोष की हत्या कर दी और शव पहाड़ी से नीचे फेंक दिया था.
20 अक्टूबर से संतोष से परिजनों का संपर्क टूट गया. फोन पर बातचीत न होने से परिजन परेशान हो गए और कर्नाटक पहुंचकर खोजबीन की. कंपनी में परिजन ने खोजबीन की तो उसके बाद संतोष की तलाश शुरू हुई. युवक के साथियों से इस बाबत पूछताछ की गई तो कुछ क्लू मिला. उसके आधार पर छानबीन की गई तो संतोष का शव एक पहाड़ी के नीचे पाया गया.
बताया जा रहा है कि जिस मनीष यादव ने संतोष ठाकुर को कंपनी में काम दिलाया था, वहीं उसकी हत्या का मुख्य आरोपी है. पुलिस की जांच में जो बात सामने आई है, वो यह है कि मनीष यादव कई सालों से संतोष ठाकुर की पत्नी से प्रेम करता था. वह काफी समय से संतोष ठाकुर को रास्ते से हटाने की फिराक में था. आखिरकार उसने अपने मकसद को अंजाम देने के लिए अपने साथियों की मदद से संतोष की हत्या कर दी और शव को पहाड़ी से नीचे फेंक दिया. मनीष और उसके साथियों का मकसद था कि पहाड़ी के नीचे शव मिलने से पुलिस एक्सीडेंट या आत्महत्या समझ लेगी, लेकिन परिजन की खोजबीन के चलते हत्या के मामले का खुलासा हो गया.
फिलहाल कर्नाटक पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि मुख्य आरोपी मनीष यादव अभी भी फरार है. इधर, 11 दिन बाद मृतक का शव जब उसके गांव लाया गया तो पूरा गांव गमगीन हो गया. परिवार वालों का तो रो-रोकर बुरा हाल हो गया. मृतक के परिजन की मांग है कि इस घटना में शामिल मुख्य आरोपी मनीष यादव सहित अन्य आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और मृतक के छोटे बच्चों को सरकारी सहायता मिले.