दशहरा के अवसर पर श्रद्धालुओं, पूजा समितियों और आम नागरिकों को बिना किसी बाधा-गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा विभाग ने व्यापक स्तर पर विशेष व्यवस्था की है. राज्य के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल के मार्गदर्शन एवं ऊर्जा सचिव अजय यादव (भा.प्र.से.) के नेतृत्व में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है. इस अवसर पर राज्यभर में कुल 115 नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय हैं, जिनमें साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के 59 और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के 56 नियंत्रण कक्ष शामिल हैं. इन नियंत्रण कक्षों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति में आ रही बाधाओं, तकनीकी खराबियों एवं उपभोक्ता शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
दशहरा के दौरान पूजा पंडालों, मंदिरों, प्रमुख चौक-चौराहों, मेला स्थलों तथा अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को ध्यान में रखते हुए विद्युत व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है. ऊर्जा विभाग ने दोनों वितरण कंपनियों एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर बिजली आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखी है, ताकि पर्व के दौरान नागरिकों को यथासंभव किसी प्रकार की असुविधा न हो. नियंत्रण कक्षों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति की निरंतर समीक्षा की जा रही है. बिजली आपूर्ति में व्यवधान, तकनीकी दोष अथवा अन्य समस्याओं की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को त्वरित कार्रवाई हेतु निर्देशित किया जा रहा है.
साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत मुख्यालय से सर्किल स्तर तक कुल 59 नियंत्रण कक्ष संचालित हो रहे हैं. इनमें मुख्यालय स्तर पर एक, विद्युत अंचल स्तर पर 11, डिवीजन स्तर पर 47 नियंत्रण कक्ष शामिल है .इसके अलावा विभिन्न मेला क्षेत्रों में 200 अस्थायी नियंत्रण कक्ष भी कार्य कर रहे हैं. वहीं, नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत राज्य मुख्यालय सहित कुल 56 नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय हैं. इनमें एक मुख्यालय , 46 डिवीजन स्तरीय, 9 विद्युत अंचल स्तरीय एवं 60 अस्थायी नियंत्रण कक्ष शामिल हैं.
इन नियंत्रण कक्षों में कुल एक हजार से अधिक पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि किसी भी विद्युत संबंधी समस्या का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके. राज्य के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि दुर्गा पूजा बिहार की आस्था, संस्कृति एवं सामाजिक समरसता का महत्वपूर्ण पर्व है. इस अवसर पर श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को बेहतर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराना ऊर्जा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना नहीं, बल्कि पर्व के दौरान सुरक्षा, सुविधा एवं जनविश्वास को भी सुदृढ़ करना है. उन्होंने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में लगे अधिकारियों, अभियंताओं एवं कर्मियों के प्रयासों की सराहना की.
ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड, अजय यादव (भा.प्र.से.) ने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की जनहितकारी प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि इस कार्य में लगे सभी अधिकारियों, अभियंताओं, तकनीकी कर्मियों एवं विद्युतकर्मियों की सजगता, प्रतिबद्धता और मेहनत सराहनीय है. उन्होंने निर्देश दिया कि महत्वपूर्ण अवसरों पर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सतत निगरानी, प्रभावी समन्वय एवं शिकायतों का त्वरित निस्तारण अनिवार्य है. ऊर्जा सचिव ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के दौरान भी विद्युत सुरक्षा एवं निर्बाध आपूर्ति हेतु समस्त व्यवस्थाएं सक्रिय रहेंगी.
फील्ड स्तर पर सक्रिय नियंत्रण कक्षों की लगातार निगरानी के लिए नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार (भा.प्र.से.) एवं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल (भा.प्र.से.) भी सक्रिय रहे. दोनों वितरण कंपनियों के मुख्य अभियंता (ओ एंड एम) फील्ड में उतरकर विद्युत व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं.
-प्रेस रिलीज