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अगर कार चलाते समय डैशबोर्ड पर ABS की लाइट जलने लगे या फिर स्पीडोमीटर सही स्पीड न बताए, तो इसे बिल्कुल भी इग्नोर करने की गलती न करें. यह आपकी कार के व्हील स्पीड सेंसर जिसे ABS सेंसर भी कहते हैं, के खराब होने का संकेत हो सकता है. अक्सर लोग डैशबोर्ड पर जलने वाली वार्निंग लाइट्स को मामूली समझकर टाल देते हैं, लेकिन अगर आपकी कार में ABS की लाइट जल रही है या स्पीडोमीटर अजीब तरह से काम कर रहा है, तो यह किसी बड़ी अनहोनी की चेतावनी हो सकती है. इस समस्या के पीछे सबसे बड़ी वजह ABS सेंसर में खराबी आने का संकेत होता है.
यह छोटा सा पार्ट कार को फिसलने और बड़े हादसों का शिकार होने से बचाता है. आइए विस्तार से जानते हैं कि व्हील स्पीड सेंसर खराब होने के कौन-कौन से लक्षण होते हैं, इसके पीछे क्या कारण होते हैं और इसे सही कराने या बदलने का सही तरीका क्या है.
अब आपके मन में सवाल जरूर आ रहा होगा कि आखिर व्हील स्पीड सेंसर क्या काम करता है? इसका जवाब है कि व्हील स्पीड सेंसर कार के पहियों की स्पीड का डेटा ABS मॉड्यूल, ट्रैक्शन कंट्रोल और कार के मेन कंप्यूटर यानी ECU को भेजता है. जब आप अचानक ब्रेक लगाते हैं, तो यह सेंसर पहियों को लॉक होने से रोकता है, जिससे गाड़ी फिसलती नहीं है और एक्सीडेंट होने से बच जाता है.
ABS लाइट का जलना
ब्हील स्पीड सेंसर खराब होते ही डैशबोर्ड पर ABS की वार्निंग लाइट जलने लगती है. इसका मतलब है कि ABS सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया है. हालांकि, नार्मल ब्रेक काम करते रहते हैं, लेकिन अचानक ब्रेक लगाने पर गाड़ी फिसल सकती है.
स्पीडोमीटर का सही काम न करना
सेंसर से सही डेटा न मिलने के कारण कार की स्पीड बताने वाला मीटर यानी स्पीडोमीटर गलत स्पीड दिखाता है या हिलता रहता है.
ब्रेक पेडल में कंपन महसूस होना
जब आप तेज ब्रेक दबाते हैं, तो ब्रेक पेडल में एक अलग तरह की थरथराहट या कंपन महसूस हो सकती है.
सेंसर खराब होने के क्या कारण हैं?
वैसे तो व्हील स्पीड सेंसर काफी मजबूत होते हैं और कार की पूरी लाइफ तक चल सकते हैं. लेकिन सड़कों पर मौजूद धूल, मिट्टी, पानी, बर्फ और सड़क के संपर्क में आने से ये खराब हो जाते हैं. आमतौर पर ये सेंसर 60,000 से 1,50,000 मील तक चलते हैं.
इसके साथ ही तार कट जाने, कनेक्टर खराब होने या व्हील बेयरिंग में खराबी के कारण भी यह सेंसर समय से पहले खराब हो सकता है.
कार के मॉडल के हिसाब से इसे ठीक कराने या बदलने का खर्च करीब 150 डॉलर से 900 डॉलर यानी ₹14,244 से ₹85,464 तक आ सकता है. हालांकि 85 हजार का खर्च बहुत ही कम गाड़ियों में आता है. लग्जरी और महंगी गाड़ियों में यह खर्च और ज्यादा हो सकता है. मैकेनिक इसे निकालने से पहले मल्टीमीटर से चेक करते हैं कि सेंसर वाकई खराब है या नहीं.

अगर आपको गाड़ियों की थोड़ी समझ है, तो आप इसे खुद भी चेंज कर सकते हैं. इसके लिए आपको OBD-II स्कैनर ABS सपोर्ट वाला और कुछ टूल्स की जरूरत होगी-
सबसे पहले OBD-II स्कैनर से कार को स्कैन करके खराबी की जानकारी खोजें.
कार को जैक पर उठाकर सही से सपोर्ट दें.
पहिए को बाहर निकालें.
पुराने सेंसर के तारों का कनेक्शन हटाएं और बोल्ट खोलकर खराब सेंसर को बाहर निकालें.
नया सेंसर लगाकर पहिया वापस फिट कर दें.
ABS लाइट जलने के बाद गाड़ी चलाना सुरक्षित नहीं माना जाता है. ऐसी स्थिति में गाड़ी की स्पीड कम रखें और जल्द से जल्द किसी मैकेनिक से सेंसर चेक कराएं या बदलवाएं.