UN में गरजे जेलेंस्की: 'हमने यह युद्ध नहीं चुना, रूस ने हमें मजबूर किया, बुराई फैलाकर एक दिन दुनिया से चले जाएंगे पुतिन'
Zelenskyy on UNGA Speech: संयुक्त राष्ट्र आम सभा में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की जमकर गरजे. उन्होंने कहा कि हमने यह युद्ध नहीं चुना था. इसके लिए हमें रूस ने मजबूर किया. पुतिन भी एक दिन बुराई फैलाकर इस दुनिया से चले जाएंगे.
Zelenskyy Speech at UNGA: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को करीब साढ़े चार साल हो चुके हैं. इसके बावजूद कोई रास्ता निकलता हुआ अब तक नजर नहीं आ रहा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बुधवार रात को न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र आम सभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने रूस के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली.
उन्होंने कहा कि कभी-कभी ऐसा लग सकता है कि यूक्रेन का पूरा ध्यान सिर्फ़ युद्ध पर है, क्योंकि हम हथियारों और सुरक्षा की बात करते हैं. लेकिन यूक्रेन के लोगों ने यह युद्ध नहीं चुना था. हमने मरने, अपना देश और परिवार खोने और अपनी आजादी व स्वतंत्रता गंवाने का रास्ता नहीं चुना.
'सर्दियों में हमें निशाना बनाया तो देंगे जवाब'
जेलेंस्की ने कहा, 'जब रूस ने यह युद्ध शुरू किया था, तो उसने कभी सोचा भी नहीं होगा कि यूक्रेन के लंबी दूरी तक मार करने वाले ड्रोन एक दिन साइबेरिया में उसकी सैन्य फैक्ट्रियों तक पहुंच जाएंगे. किसी भी रूसी अधिकारी ने कभी नहीं सोचा था कि 'जनरल विंटर' जिसने सदियों तक रूस का साथ दिया था. एक दिन पाला बदलकर रूस से अपना बचाव कर रहे लोगों का साथ देगा.'
अगर रूस हमारे एनर्जी सिस्टम और हीटिंग सिस्टम को निशाना बनाना जारी रखता है, तो इस सर्दी में हम ऐसा ही करेंगे. यह सर्दी हमारे लिए बहुत मुश्किल हो सकती है, लेकिन इसके जवाब में हमारे पास रूस के लिए भी इसे मुश्किल बनाने के अलावा कोई चारा नहीं होगा.
पुतिन के बारे में जेलेंस्की ने कहा, 'रूस के नेता, यानी 'पेशेंट ज़ीरो' वह व्यक्ति जिससे यह युद्ध शुरू हुआ और दुनिया भर में फैलकर दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे बड़ा युद्ध बन गया. एक न एक दिन इस दुनिया से चले ही जाएंगे. लेकिन पुतिन जितने लंबे समय तक युद्ध जारी रखेंगे, वे इस दुनिया में उतनी ही ज़्यादा बुराई छोड़ जाएंगे.'
'अपने लोगों को जंग में जाने से रोकें देश'
हम जानते हैं कि रूस, यूक्रेन में अपनी जंग के लिए 47 देशों के नागरिकों का इस्तेमाल कर रहा है. इनमें घाना, नेपाल, ताजिकिस्तान, भारत, यमन, केन्या, ज़िम्बाब्वे, क्यूबा, बेलारूस, सूडान, दक्षिण अफ़्रीका और कई अन्य देश शामिल हैं.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से अपील की, 'मैं इन 47 देशों के हर प्रतिनिधि से सीधे बात करना चाहता हूं. आप जानते हैं कि रूस आपके लोगों के साथ क्या कर रहा है. वे आपके नागरिक हैं. उनका ध्यान रखें और उन्हें किसी और मोर्चे पर न जाने दें. पुतिन को आपको इस जंग में घसीटने न दें. रूस को अपनी आग बुझाने, अपनी शर्म छिपाने और अपने पागलपन की कीमत आपके लोगों की जान से चुकाने न दें.'
रूस तनाव बढ़ा रहा है क्योंकि वहां की लीडरशिप घबराई हुई है. चार साल से ज़्यादा समय तक चले इस बेमतलब के औपनिवेशिक युद्ध के बाद भी पुतिन को कुछ हासिल नहीं हुआ है. उनके पास सैनिकों और संसाधनों की कमी हो रही है और उन्हें लामबंदी (मोबिलाइज़ेशन) के लिए एक बहाने की ज़रूरत है. उनके इस गैर-ज़रूरी युद्ध में 15 लाख रूसी मारे गए हैं या घायल हुए हैं.
'हमें चीन से सीधी बात करने का मौका नहीं मिला'
रूसी मिसाइलों से निपटने के लिए इंटरसेप्टर की जरूरत पर बल देते हुए जेलेंस्की ने कहा, 'आज दुनिया के सबसे अमीर देश भी ज़रूरत के हिसाब से मिसाइल इंटरसेप्टर नहीं जुटा पा रहे हैं. अभी जितना उत्पादन हो रहा है, वह काफी नहीं है. जिन देशों ने बरसों तक इंटरसेप्टर का स्टॉक जमा किया था, उन्होंने भी उसका एक बड़ा हिस्सा पहले ही इस्तेमाल कर लिया है.'
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, 'दुर्भाग्य से हमें चीन के नेता से सीधे बात करने का मौका नहीं मिला, जो आज अमेरिका में तो हैं, लेकिन यहां नहीं हैं. वे ऐसे व्यक्ति हैं, जो रूस पर कई अन्य लोगों की तुलना में कहीं ज़्यादा प्रभाव डाल सकते हैं.'
एआई पर बात करते हुए जेलेंस्की ने कहा, 'हमें जान लेने वाले हथियारों के तेज़ी से हो रहे विकास को उस अगले चरण तक पहुंचने से पहले ही धीमा करना होगा, क्योंकि अगले साल ही इस बात की असल संभावना है कि AI यह तय करने लगेगा कि युद्ध के मैदान में क्या होगा. उस स्थिति तक पहुंचने से पहले हमें शांति की ज़रूरत है.'
रूस को बहादुर यूक्रेन ने रोका- पोलैंड
संयुक्त राष्ट्र आमसभा में बोलते हुए पोलैंड के विदेश मंत्री सिकोरस्की ने भी रूस की आलोचना की. उन्होंने कहा, 'रूसी फेडरेशन के प्रतिनिधियों से मैं यह कहना चाहता हूं. आप 12 साल से ज़्यादा समय से डोनबास और चार साल से ज़्यादा समय से कीव पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बावजूद आप कामयाब नहीं हो पाए हैं.'
रूस को चेताते हुए पोलिश विदेश मंत्री ने कहा, 'आपको बहादुर यूक्रेन ने रोका है, एक ऐसा देश जिसकी GDP रूस की GDP का दसवां हिस्सा है. जबकि, पोलैंड की GDP आपकी GDP का लगभग आधा है. यूरोप की GDP आपकी GDP से 10 गुना ज़्यादा है. NATO की GDP आपकी GDP से 25 गुना ज़्यादा है. आप अभी भी बहुत से लोगों की जान ले सकते हैं, लेकिन आप जीत नहीं सकते.'