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'तीन दिन तक नहीं मिला रूस की बैलेस्टिक मिसाइलों का अलर्ट, स्टारलिंक की स्पीड भी सुस्त...,' जेलेंस्की के दावों को ट्रंप के मंत्री ने बताया बकवास

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि अमेरिका ने तीन दिन तक रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा नहीं की. हालांकि, बाद में उन्होंने इनपुट देना शुरू कर दिया. स्टारलिंक पर लगी पाबंदियां जारी हैं. वहीं ट्रंप प्रशासन में वित्त मंत्री की भूमिका निभा रहे स्कॉट बेसेंट ने इन आरोपों को जेलेंस्की के दिमाग का फितूर बताया है.

'तीन दिन तक नहीं मिला रूस की बैलेस्टिक मिसाइलों का अलर्ट, स्टारलिंक की स्पीड भी सुस्त...,' जेलेंस्की के दावों को ट्रंप के मंत्री ने बताया बकवास
Image Credit: jelenski scott bessent pic (AP/AFP)

अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों में खटास बढ़ती जा रही है. दोनों देशों के रिश्ते सबसे निचले स्तर तक पहुंच गए हैं. बीते करीब चार साल से यूक्रेन को दत्तक पुत्र की तरह पाल और संभाल रहे अमेरिकी नेता एक-एक करके जेलेंस्की से मुंह मोड़ने लगे हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के मुताबिक अमेरिका बीते कुछ दिनों से जैसा व्यवहार कर रहा है, उसे मैत्रीपूर्ण नहीं कहा जा सकता. अपनी बात आगे बढ़ाते हुए जेलेंस्की ने अमेरिका के ऊपर आरोपों की झड़ी लगा दी, इससे भड़के ट्रंप ने जेलेंस्की को बेवकूफ कह दिया. ट्रंप तो छोड़िए अब उनकी कैबिनेट के मंत्री भी यूक्रेन को नसीहत देने के नाम पर जेलेंस्की की खिल्ली उड़ा रहे हैं. 

जेलेंस्की ने कहा, 'हमें रूस की ओर से होने वाले बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से जुड़ी जानकारी नहीं मिल पाई. ये खुफिया जानकारी केवल अमेरिका ही उपलब्ध करा सकता है, लेकिन 3 दिन तक अमेरिका ने हमें यह जानकारी नहीं दी. इस वजह से यूक्रेनी सेना को तीन दिन तक रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को लेकर अमेरिकी चेतावनी नहीं मिल सकी.

स्टारलिंक की स्पीड भी सुस्त

एनबीसी के एक स्पेशल टेलीकास्ट 'मीट द प्रेस' में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेना की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली स्टारलिंक सैटेलाइट सर्विस पर लगी पाबंदियां पूरी तरह नहीं हटी हैं. ऐसे में अमेरिका की सैन्य और खुफिया मदद को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं. कुछ समय पहले तक अमेरिका हमें रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की पहले से चेतावनी दे देता था. अब हमें सीक्रेट इनपुट नहीं मिल रहे हैं या कम मिल रहे हैं.

जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेन को यूरोपीय देशों और दूसरे साझेदारों से खुफिया जानकारी मिलती रही, लेकिन उनकी एक्यूरेसी अमेरिकी सिस्टम जैसी नहीं है. 

उन्होंने कहा, 'कई देश हमारी मदद कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ अमेरिका के पास ऐसी विशेष खुफिया क्षमता है, जो हमें बता सकती है कि रूस कब बैलिस्टिक मिसाइल इस्तेमाल करने वाला है.'

उन्होंने बताया कि तीन दिनों तक यूक्रेन को ऐसी कोई चेतावनी नहीं मिली. हालांकि, जेलेंस्की ने कहा कि बाद में यह व्यवस्था फिर बहाल कर दी गई.

उन्होंने कहा, 'कुछ समय के लिए इसे रोक दिया गया था. बाद में अमेरिकी पक्ष ने इसे फिर से शुरू कर दिया. इसके लिए हम बहुत आभारी हैं. अब यह फिर काम कर रहा है.'

 ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तनातनी

यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है. जेलेंस्की ने स्टारलिंक को लेकर भी चिंता जताई. एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की ओर से संचालित सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क का इस्तेमाल यूक्रेनी सेना भी करती है. ऐसे में जब उनसे पूछा गया कि क्या ये रुकावट जानबूझकर डाली गई. तो उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि यह फैसला अमेरिकी सरकार की ओर से आया था.

उन्होंने कहा, 'संदेश निश्चित रूप से सरकार की तरफ से आया था. मुझे नहीं पता कि किस विभाग या किस अधिकारी की ओर से.' जेलेंस्की ने कहा कि हमारा मानना है कि वॉशिंगटन के निर्देश मिलने के बाद स्पेसएक्स ने तकनीकी रूप से इन पाबंदियों को लागू किया. हालांकि, उन्होंने यह माना कि उन्हें नहीं पता कि अमेरिका में किस अधिकारी ने इसकी अनुमति दी थी.

अमेरिकी मंत्री ने झाड़ा पल्ला

दूसरी तरफ, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जेलेंस्की के दावों को चुनौती देते हुए आरोपों से इनकार किया है. उसी कार्यक्रम में अलग इंटरव्यू के दौरान स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ तौर पर कहा है कि ट्रंप प्रशासन में किसी ने भी स्टारलिंक पर ऐसी कोई पाबंदी लगाने का आदेश नहीं दिया.

बेसेंट ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप और मंत्री रुबियो स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि ट्रंप प्रशासन में किसी ने ऐसा नहीं किया.'

उन्होंने जेलेंस्की के आरोपों को गैर जिम्मेदाराना बताया और कहा कि उन्हें खुफिया जानकारी साझा करने में आई कथित रुकावट के बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा क‍ि मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता, लेकिन हमने अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है.

दोनों पक्षों के अलग अलग दावों के कारण यह मामला अभी भी साफ नहीं है कि संचार सेवाओं में रुकावट किसने पैदा की और अमेरिका ने खुफिया जानकारी साझा करना अस्थायी रूप से क्यों रोका था.

जेलेंस्की ने कहा कि यूरोपीय देशों का समर्थन बढ़ने के बावजूद यूक्रेन अब भी अमेरिकी सैन्य सहायता पर काफी हद तक निर्भर है. उन्होंने कहा क‍ि अगर अमेरिका का समर्थन न हो, तो स्थिति बहुत मुश्किल हो जाती है.

गौरतलब है कि रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया था. तब से अमेरिका द्वारा दी जाने वाली खुफिया जानकारी, हथियार और सैटेलाइट संचार सेवाएं यूक्रेन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं, खासकर मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपटने में.

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About the Author

Shwetank Ratnamber

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श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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