रूस की लैब से निकला वुहान वाला खौफ! 7 साल बाद क्या कोरोना रिटर्न्स? रिसर्चर की मौत के बाद US-WHO भी अलर्ट
रूस में एक संक्रामक बीमारियों पर रिसर्च करने वाली नौजवान महिला रिसर्चर की मौत के बाद पूरी दुनिया अलर्ट मोड पर चली गई है. अमेरिका और WHO भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं.
प्लेग और अन्य संक्रामक बीमारियों पर रिसर्च कर रही एक रूसी महिला की मौत के बाद हड़कंप मच गया है. साथ ही उस महिला के संपर्क में आने वाले लगभग 200 लोगों को क्वॉरंटीन कर दिया गया है. इसके अलावा जिस रिसर्च सेंटर में महिला काम कर रही थी, उसके एक बड़े हिस्से को भी बंद कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि महिला रिसर्चर को निमोनिया हुआ था और फिर उनकी मौत हो गई. जानकारी सामने आते ही अमेरिका भी इस मामले में अलर्ट हो गया है.
CNN ने रूसी संक्रामक रोग प्रबंधन एजेंसी के हवाले से रिपोर्ट में बताया कि साइबेरिया के शेलेखोव शहर में इरकुत्स्क रिसर्च एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट में काम करने वाले 28 वर्षीय महिला रिसर्चर की एक अलग तरह के निमोनिया से पीड़ित होने के बाद मौत हो गई. रूसी एजेंसी ने इसको लेकर कहा कि महिला के सैंपल में ऐसा कोई सूक्ष्मजीव नहीं मिला, जिसका संबंध उस लैब में काम करने करने से हो.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक जिस अस्पताल में महिला का इलाज चल रहा था, उस अस्पताल को भी क्वारंटीन कर दिया गया है. इतना ही नहीं उसके आसपास के कुछ अन्य अस्पतालों में भी एहतियात बरते जा रहे हैं. इसके अलावा उस मृतक महिला के संपर्क में आने वाले लोगों की भी जांच की जा रही है. अभी तक प्लेग होने की संभावना जाहिर नहीं की जा रही है. हालांकि, पड़ोसी क्षेत्र के प्रमुख ने पहले कहा था कि मुमकिन है कि महिला की मौत प्लेग से हुई हो, लेकिन स्थानीय स्तर पर प्लेग के प्रकोप की पुष्टि नहीं हुई है.
अमेरिका और WHO भी अलर्ट मोड पर
मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि खबर मिलने के तुरंत बाद अमेरिका और WHO भी अलर्ट हो गया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को कहा कि प्रशासन स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है. रुबियो ने कहा,'मुझे नहीं लगता कि यह चिंता की वजह है, लेकिन यह ध्यान देने और इस पर नजर रखने भी जरूरी है. WHO ने भी इस मामले में जांच और टेस्ट के नतीजों की जानकारी इकट्ठा कर रहा है. हालांकि WHO ने यह भी कहा है कि अभी तक की जानकारी की बुनियाद पर आम लोगों के लिए खतरा कम दिखाई दे रहा है.
क्या होता है प्लेग?
प्लेग एक बहुत खतरनाक बीमारी है, जो Yersinia pestis नाम के बैक्टीरिया के चलते होती है. इसका एक रूप न्यूमोनिक प्लेग है, जो फेफड़ों को प्रभावित करता है. हालांकिराहत की बात यह है कि यह कोई कोविड-19 की तरह फैलने वाली बीमारी नहीं है. साथ ही अगर इसकी जानकारी समय पर मिल जाए, तो एंटीबायोटिक से इसका इलाज किया जा सकता है.
प्लेग में क्या-क्या लक्षण होते हैं?
- तेज बुखार
- सिरदर्द
- कमजोरी
- सांस लेने में तकलीफ
- सीने में दर्द
- खांसी