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पाकिस्तान जरूरी, परमाणु बम है मजबूरीः आतंकी देश से संबंध क्यों रखे है अमेरिका, मार्को रुबियो ने बताई वजह

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिका और पाकिस्तान के बेहतर संबंधों को भारत के लिए लाभकारी बताए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक परमाणु संपन्न देश है. ऐसे में अमेरिका के उससे संबंध जरूरी हो जाते हैं. अमेरिका उन चीजों को रोक सकता है, जिनको लेकर भारत हमेशा चिंतित रहता है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Oct 21, 2026, 06:48 AM IST | Updated: Oct 21, 2026, 07:28 AM IST
Image Credit: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Photo- REUTERS)
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अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस वक्त भारत के दौरे पर हैं. यहां उन्होंने पाकिस्तान पर अमेरिका का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिका कभी भी आतंकवाद का समर्थन नहीं करता है. रुबियो ने आतंकी देश पाकिस्तान से रिश्ते को अमेरिका की मजबूरी और भारत के लिए जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि विदेश नीति के तहत पाकिस्तान जैसे देशों से भी रिश्ते बनाकर रखने पड़ते हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं, लिहाजा अमेरिका के पाकिस्तान से संबंध जरूरी हैं. रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान से अमेरिका के रिश्ते सही होना, भारत के लिए लाभकारी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान को ऐसे कामों से रोक सकता है, जिन्हें लेकर भारत चिंतित है.

भारत की विदेश नीति का दिया उदाहरण

मार्को रुबियो ने भारत के एक न्यूज चैनल को दिए गए इंटरव्यू में अमेरिका की विदेश नीति और आतंकवाद पर बात करते हुए कहा कि अमेरिका हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ रहा है और दुनिया के किसी भी हिस्से में इसे बढ़ावा देने का समर्थन नहीं करता है. हालांकि, कई बार विदेश नीति के तहत ऐसे काम करने पड़ते हैं, जिनसे आप सहमत नहीं होते हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से संबंध रखना भी अमेरिका की विदेश नीति का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक परमाणु संपन्न देश है और उसकी भौगोलिक स्थिति उसे और भी महत्वपूर्ण बनाती है. रुबियो ने कहा कि भारत के साथ संतुलन बनाने के लिए भी पाकिस्तान बहुत अहम हो जाता है. उन्होंने कहा कि यह ठीक उसी तरह से है जैसे भारत ने ईरान से संबंध बनाकर रखे हैं और उनके नेताओं से बातचीत करता है.

पाक पर मार्को रुबियो का रुख क्यों बदला?

पाकिस्तान से संबंधों को भारत के लिए लाभदायक बताते हुए मार्को रुबियो ने कहा कि मैं इसे सकारात्मक तौर पर देखता हैं. क्योंकि हमारे उनसे संबंध हैं, तो हम उनसे बातचीत कर सकते हैं और शायद उन चीजों को रोक सकते हैं, जिन्हें लेकर भारत हमेशा चिंतित रहता है. बता दें कि साल 2025 में अमेरिकी सीनेटर रहते हुए मार्को रुबियो ने पाकिस्तान को एक आतंकी देश बताया था और कहा था कि अगर उसने भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा दिया, तो वह उसे दी जाने वाली सहायता राशि में कटौती करने के लिए एक बिल पेश करेंगे. अपने इस रुख को स्पष्ट करते हुए रुबियो ने कहा कि इस नीति में कभी कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन आज मैं अमेरिका का विदेश मंत्री हूं और मुझे अमेरिका की विदेश नीति संभालनी है.

भारत-अमेरिका संबंधों पर जोर क्यों?

उन्होंने कहा कि अब कई बार विदेश नीति के तहत भी उन देशों के साथ संबंध बनाकर रखने पड़ते हैं, जिनसे आपके मतभेद रहे हों. रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ होने वाली बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर मुहर लगने की उम्मीद जताई. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के लिए इंडिया-यूएस सहयोग को और आगे बढ़ाना बहुत जरूरी है.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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