US Midterm Election 2026: कौन हैं अब्दुल अल-सैयद, जिनसे ट्रंप इस कदर चिढ़े कि कह दिया 'जिहादी'
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माइक रोजर्स का समर्थन करते हुए अब्दुल अल-सैयद पर बड़े ही गंभीर आरोप लगाते हुए हुए उन्हें जिहादी बताया है. ट्रंप ने कहा कि वह एक ढोंगी और बनावटी इंसान हैं. वह मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े हुए हैं.
अमेरिका के मिशिगन प्रांत में होने वाले सीनेट चुनाव को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. इस चुनाव में रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार माइक रोजर्स और डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माइक रोजर्स का समर्थन करते हुए अब्दुल अल-सैयद पर बड़े ही गंभीर आरोप लगाते हुए हुए बड़ी विवादित टिप्पणी कर दी है. ट्रंप ने अल-सैयद पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें जिहादी तक कह दिया. ट्रंप ने शुक्रवार (23 अक्टूबर) को पत्रकारों से कहा कि वह मिशिगन जाने और रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार माइक रोजर्स के लिए प्रचार करने को लेकर उत्साहित हैं.
फ्लोरिडा में चुनावी रैली को संबोधित करने से पहले ही ट्रंप ने डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद पर बड़ा तीखा प्रहार किया. उन्होंने अब्दुल अल-सैयद को जिहादी बताते हुए कहा कि वह यहूदियों और इजरायल से नफरत करते हैं. ट्रंप यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि वह एक ढोंगी और बनावटी इंसान हैं. वह मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े हुए हैं और ऐसे शख्स को हमारी सीनेट में नहीं होना चाहिए. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अब्दुल अल-सैयद के पुराने बयानों को चेक करें, इससे उनकी मानसिकता का पता चल जाएगा.
कौन हैं अब्दुल अल-सैयद?
1984 को अमेरिका के मिशिगन में जन्में अब्दुल अल-सैयद, मिशिगन से डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से सीनेट उम्मीदवार हैं. उनके पिता का संबंध मिस्त्र के अलेक्जेंड्रिया शहर से था. वह पढ़ाई के लिए अमेरिका आए थे और फिर यहीं बस गए थे. वहीं, राजनीति में आने से पहले अब्दुल अल-सैयद एक रिसर्चर थे.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने मिशिगन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक हेल्थ में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल की डिग्री हासिल की और कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेलमैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में एपिडेमियोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी कर चुके हैं.
ट्रंप किस बात से इतना चिढ़े हैं?
अल-सैयद को वामपंथी विचारधारा का समर्थक बताया जाता है. यही वजह है कि राष्ट्रपति ट्रंप उनके धुर-विरोधी बन गए हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने अल-सैयद को लेकर कहा कि वह फिलिबस्टर खत्म करने को लेकर पूरी तरह जुनूनी हो गए हैं. अगर वह इस चुनाव में सफल हो गए तो डेमोक्रेटिक पार्टी की ताकत काफी बढ़ जाएगी और मैं अमेरिका का आखिरी रिपब्लिकन राष्ट्रपति साबित होऊंगा.
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