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'लगा अब कभी जिंदा नहीं लौटेंगे'... 322 दिन बाद वतन लौटे USS अब्राहम लिंकन के जांबाज, रक्षा मंत्री ने किया सलाम

USS अब्राहम लिंकन पर करीब 5,000 नौसैनिक तैनात रहे. यह जंगी जहाज 300 दिन से ज्यादा समय तक समुद्र में रहा. जब उसकी घर वापसी हुई तो नजारा भावुक करने वाला था.

Written By Bhoopendra Rai
Published: Oct 09, 2026, 11:05 PM IST | Updated: Oct 09, 2026, 11:10 PM IST
Image Credit: USS अब्राहम लिंकन की घर वापसी...
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322 दिन तक जंग के मुहाने पर तैनात रहने के बाद अमेरिका के 'USS अब्राहम लिंकन' की घर वापसी हुई है. ईरान मिशन पर 10 महीने से ज्यादा का वक्त बिताकर जब यह जहाज सैन डिएगो पहुंचा, तो खुद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने क्रू के सामने नतमस्तक होकर उनका स्वागत किया. जहाज जब किनारे लगा, तो नजारा बेहद भावुक कर देने वाला था. हजारों जवान महीनों बाद अपने रोते-बिलखते परिवारों से गले मिले. कई जांबाजों ने तो पहली बार अपने नवजात बच्चों का चेहरा देखा.

यह एयरक्राफ्ट कैरियर समुद्र में 322 दिनों तक तैनात रहा. इस दौरान लगातार 265 दिन बिना रुके समंदर में बिताए गए. 20 साल के नाविक एबेल रामिरेज ने अपने पहले मिशन से लौटने पर राहत की सांस ली. उन्होंने कहा, 'यह अद्भुत अहसास है. एक वक्त ऐसा भी आया था जब मुझे लगा कि शायद मैं कभी यहां से वापस नहीं लौट पाऊंगा.'

पहली बार बच्चों से मिले 122 जांबाज

'USS अब्राहम लिंकन' की वापसी महीनों से अपनों का इंतजार कर रहे परिवारों के लिए खुशियां लेकर आई, क्योंकि दर्जनों ऐसे जवान थे, जिन्होंने अपने बच्चों का चेहरा पहली बार देखा. जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन डेनियल कीलर ने बताया कि एयर विंग को मिलाकर ऐसे नए पिताओं की कुल संख्या 122 थी.

अपनों से जुदाई का दर्द और खौफ के वो दिन

अपनी 6 महीने की बेटी साराही की उंगली थामे पति की राह देख रहीं कैथी मोंटेरोसा ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दिनों में जब भी वे समंदर में तैनात जहाज के मुश्किल हालातों की खबरें सुनती थीं, तो घबराहट से दिल बैठ जाता था. वहीं 14 साल की कैसिडी गार्दुके ने नम आंखों से कहा कि उसकी नौसैनिक मां इस मिशन पर थीं, इसी वजह से न तो उसकी सातवीं क्लास के दिनों में उसके साथ रह पाईं और न ही उसका बर्थडे साथ मना सकीं.

राशन की किल्लत और मानसिक तनाव

करीब 10 महीने तक मिशन पर तैनाती के वक्त सैनिकों के परिवारों ने क्रू मेंबर्स की मानसिक सेहत, राशन की किल्लत और घर पर बात न हो पाने को लेकर गहरी चिंता जताई थी. पहले तो अमेरिकी नौसेना ने इसे हल्के में लिया था, लेकिन बाद में माना कि परेशानियां तो थीं.

अगस्त में कार्यवाहक नौसेना सचिव हुंग काओ ने सफाई दी थी कि लगातार चल रहे कॉम्बैट ऑपरेशंस के चलते जहाज तक सामान पहुंचाना मुश्किल हो रहा था, जिससे खाने-पीने के ऑप्शंस जरूर घटे, पर राशन की पूरी कमी नहीं हुई. वहीं कैप्टन कीलर का कहना था कि इतने लंबे सफर में ऐसी दिक्कतें आम बात हैं, यह जहाज समंदर में तैरते किसी शहर जैसा है, जहां रोजमर्रा की मुश्किलें आ ही जाती हैं.

8 जवानों ने की खुदकुशी की कोशिश

एपी (AP) की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि नौसेना ने खुद अमेरिकी सांसदों को बताया था कि इस तैनाती के दौरान 8 नाविकों ने खुदकुशी की कोशिश की है. इससे साफ जाहिर होता है कि महीनों तक समंदर में फंसे रहने के चलते जवान किस कदर भारी मानसिक तनाव से जूझ रहे थे.

रक्षा मंत्री ने दिया सर्वोच्च सैन्य सम्मान

बुधवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री पेट हेगसेथ ने अब्राहम लिंकन का दौरा किया और क्रू को अमेरिकी सेना के सर्वोच्च सम्मानों में से एक 'प्रेसिडेंशियल यूनिट साइटेशन' से सम्मानित किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट करके लिंकन की घर वापसी को ऐतिहासिक बताया. हेगसेथ ने बताया कि इस ग्रुप ने लगभग 3,700 लड़ाकू मिशन पूरे किए, 450 टोमाहॉक क्रूज मिसाइलें दागीं, 77 अटैक ड्रोन मार गिराए, 64 ईरानी युद्धपोत डुबोए और 21 एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों को नष्ट किया.

हेगसेथ ने उन सभी दावों को सिरे से खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि इस मिशन के दौरान जवानों का हौसला टूटा था. मुश्किल हालातों से निपटने और मिशन को कामयाब बनाने के लिए उन्होंने क्रू के जज्बे की जमकर तारीफ की.

कहां तैनात था यह जंगी जहाज?

पिछले साल नवंबर में सैन डिएगो से निकला यह जंगी जहाज जनवरी में मिडिल ईस्ट पहुंचा था, जिसके बाद इसी साल अगस्त में एशिया बेस वाले 'USS जॉर्ज वॉशिंगटन' ने इसकी कमान संभाली थी. यह अरब सागर और ओमान की खाड़ी, लाल सागर और अदन की खाड़ी, फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में तैनात रहा. यह हाल के इतिहास के सबसे लंबे मिशनों में से एक रहा है. इससे पहले 'USS गेराल्ड आर. फोर्ड' समंदर में लगातार 326 दिन बिताकर लौटा था.

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पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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