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  • /2 दशक बाद घर वापसी: 23 साल बाद इराक से निकली अमेरिकी सेना, अब सामने आएंगी ये दो चुनौतियां! क्या-क्या बदल जाएगा

2 दशक बाद घर वापसी: 23 साल बाद इराक से निकली अमेरिकी सेना, अब सामने आएंगी ये दो चुनौतियां! क्या-क्या बदल जाएगा

करीब 23 साल बाद इराक से अमेरिकी सेना की विदाई हो गई. अमेरिका सेना ने इराक से वापसी कर ली है. हालांकि, अब इस बात का डर सताने लगा है कि ईरान का दबाव बढ़ सकता है.

Written Byabhinav tripathi
Published: Sep 30, 2026, 01:21 PM IST|Updated: Sep 30, 2026, 01:30 PM IST
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2 दशक बाद घर वापसी: 23 साल बाद इराक से निकली अमेरिकी सेना, अब सामने आएंगी ये दो चुनौतियां! क्या-क्या बदल जाएगा
Image Credit: इराक से अमेरिका सेना की दो दशक बाद वापसी. (फाइल फोटो)

About the Author

abhinav tripathi

abhinav tripathi

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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इराक से अमेरिकी सेना की करीब 2 दशक बाद विदाई हो गई. 30 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना इराक से अपने बचे हुए ठिकानों से भी निकल गई. अमेरिकी सैनिकों के इराक छोड़ने के फैसले को ईरान और उसके सहयोगी गुट अपनी जीत के तौर पर देख रहे हैं. हालांकि, अमेरिकी सेना ने एक समझौते के तहत इराक छोड़ने का फैसला किया.

दरअसल, अमेरिका में जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान साल 2024 में अमेरिकी सेना की वापसी का समझौता हुआ था. इस दौरान चरणबद्ध तरीके से अमेरिकी सैनिकों के इराक छोड़ने की योजना बनी थी. बाद में डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को लागू किया. अब 30 सितंबर को इस समझौते का आखिरी चरण पूरा हो रहा है. अमेरिकी सेना की इराक में मौजूदगी समाप्त होने के बाद यहां पर ईरान के प्रभाव और फिर से ISIS के विस्तार को लेकर चिंता बढ़ने लगी है.

अमेरिकी सेना ने क्यों छोड़ा इराक

बता दें कि साल 2003 में अमेरिका ने इराक पर हमला किया था. इस एक्शन के दौरान सद्दाम हुसैन की सरकार को हटाया गया था. इसके बाद कई वर्षों तक अमेरिकी सेना इराक में रही. हालांकि, 2011 के अंत में अमेरिकी सैनिकों ने इराक से वापसी की. बाद में साल 2014 में इस्लामिक स्टेट के तेजी से बढ़ने के बाद अमेरिकी सेना फिर से इराक लौटी.

अमेरिका ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ISIS के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया. साल 2017 तक ISIS के कब्जे वाले इलाकों को वापस भी ले लिया गया. इसके बाद अमेरिकी सैन्य मिशन को खत्म करने की योजना बनाई गई. सितंबर 2024 में दोनों देशों ने मिशन को चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर सहमति जताई थी. इस सहमति के तहत आखिरी चरण लागू हुआ है.

अमेरिकी सेना के हटने से सता रही ये चिंता

अमेरिकी सेना के इराक से हटने के कारण ईरान के प्रभावों को लेकर चिंता सताने लगी है. ईरान के साथ जुड़े कई शिया हथियारबंद गुट इराक की राजनीति और वहां की सुरक्षा व्यवस्था में पहले से ही प्रभाव रखते हैं. इसी बीच समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक सुरक्षा एक्सपर्ट के हवाले से बताया कि अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के समाप्त होने के बाद इन गुटों को अपना प्रभाव बढ़ाने का अधिक मौका मिल सकता है. वहीं, सुरक्षा मामलों के जानकार जासिम अल-बहदली का कहना है कि ईरान समर्थक मिलिशिया इस वापसी को अपनी जीत करार दे रहे हैं. अब इसका इस्तेमाल वे अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए कर सकते हैं.

ISIS के फिर से सक्रिय होने की बढ़ी चिंता

इन सबके बीच अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद इस बात की चिंता भी बढ़ी है कि फिर से इस्लामिक स्टेट का विस्तार हो सकता है. संगठन के पास अब भी स्लीपर सेल नेटवर्क मौजूद है. इराकी और कुर्द अधिकारियों को चिंता सता रही है कि अमेरिकी खुफिया जानकारी और निगरानी की मदद के बिना ISIS को फिर से संगठित होने का मौका मिल सकता है.

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