बाप-बेटे में दरारः ट्रंप जूनियर समाप्त कराएंगे ईरान-अमेरिका वॉर, दावों में कितनी सच्चाई?
ईरान-अमेरिका संघर्ष करीब 6 महीने हो चुके हैं, लेकिन कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है. इस जंग के बीच एक अमेरिकी समाचार पत्र ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे ट्रंप जूनियर ने ही इस युद्ध का विरोध किया है. हालांकि, इस दावे को जूनियर ट्रंप के जानकारों ने सिरे से नकार दिया है.
ईरान और अमेरिक के बीच युद्ध को करीब 6 महीने हो चले हैं, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है. इस जंग की आग ठंडी पड़ने के बजाय और ज्यादा सुलगती जा रही है. हाल ही में खबरें आई थीं कि अमेरिकी सेना अब अमेरिका के सबसे बड़े गैर-परमाणु बम ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ (MOAB) का इस्तेमाल करने की सोच रहा है. सेना को बस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी मिलने की देरी है. उधर, इस जंग को लेकर अब ट्रंप फैमिली में ही मतभेद देखने को मिल रहे हैं. एक अमेरिकी न्यूज पेपर ने दावा किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप के बेटे जूनियर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान-अमेरिका युद्ध का विरोध किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, जूनियर ट्रंप का मानना है कि अमेरिका को इस युद्ध से दूर रहना चाहिए. हालांकि, जूनियर ट्रंप की ओर से सार्वजनिक मंचों पर कभी भी इस तरह का कोई बयान नहीं दिया गया और ना ही व्हाइट हाउस की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिया दी गई है.
शांति समर्थक माने जाते हैं जूनियर ट्रंप
अमेरिकी न्यूज पेपर द अटलांटिक के अनुसार, जूनियर ट्रंप कई बार अपने पिता यानी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को इस संघर्ष से बाहर निकलने की सलाह दे चुके हैं. इतना ही नहीं उन्होंने अन्य कई लोगों के साथ निजी बातचीत में इस युद्ध का विरोध किया है. जूनियर ट्रंप का मानना है कि अमेरिका को दूसरों की जंग में नहीं उलझना चाहिए. बता दें कि जूनियर ट्रंप हमेशा से युद्ध विरोधी और शांति समर्थक रहे हैं. साल 2024 में अपने पिता के चुनावी प्रचार में उन्होंने कहा था कि उनके पिता बिना युद्ध लड़े बिना ही अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय खतरों से बाहर निकाल सकते हैं. हालांकि, अब उनके पिता के नेतृत्व में ही अमेरिका ईरान के साथ एक बड़ी जंग में उलझ गया है.
ट्रंप का न्यू ईयर रेजोल्यूशन क्या था?
बता दें कि 31 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप ने भी विश्व में शांति लाने की वकालत की थी. उस रात जब पत्रकारों ने उनसे उनका न्यू ईयर रेजोल्यूशन (नववर्ष के लिए संकल्प) के बारे में पूछा था, तो उन्होंने कहा था कि मेरा संकल्प है कि विश्व में शांति लाना है. हालांकि, इसके तीन दिन बाद ही उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया था.
अब MAGA का क्या होगा?
अगर ट्रंप फैमिली में ही मतभेद हो जाएंगे, तो ट्रंप के चुनावी नारे पर भी सवाल उठेंगे. दरअसल, राष्ट्रपति चुनाव के वक्त डोनाल्ड ट्रंप ने MAGA (Make America Great Again) का नारा दिया था. इसका मतलब है कि अमेरिका की पुरानी पहचान को फिर से हासिल करना. जूनियर ट्रंप ने इसका पुरजोर समर्थन किया था. हालांकि, इस नारे को सबसे पहले 1980 में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार रोनाल्डो रीगन ने दिया था. 1991-1992 में डेमोक्रेटिक पार्टी के बिल क्लिंटन ने भी अपने चुनावी भाषणों में इस नारे का खूब इस्तेमाल किया था. ट्रंप के चुनावी अभियान में यह नारा काफी कारगर रहा और उन्हें फिर से राष्ट्रपति की कुर्सी पर बिठा दिया.
जूनियर ट्रंप के जानकारों ने क्या कहा?
उधर, जूनियर ट्रंप के प्रवक्ता ने द अटलांटिक की रिपोर्ट को सिरे से नकार दिया है. उन्होंने कहा कि जूनियर ट्रंप ने कभी अपने पिता का विरोध नहीं किया है. जूनियर ट्रंप के एक जानकार ने भी इस रिपोर्ट का खंडन किया है. उसने कहा कि इस विषय पर उनकी (जूनियर ट्रंप) अपनी निजी राय कुछ भी हो सकती है, लेकिन वह इस मुद्दे पर कभी भी अपने पिता के खिलाफ नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा कि जूनियर ट्रंप को जानने वाला हर शख्स यही बात कहेगा. वहीं, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी इस युद्ध के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिका के साथ संघर्ष में ईरान को भारी नुकसान पहुंचा है और बहुत जल्द यह संघर्ष खत्म हो जाएगा.
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