अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ दोस्ती और आपसी केमिस्ट्री अच्छी होने का दावा करते हैं. ट्रंप के पूर्ववर्ती बाइडेन के कार्यकाल में यूक्रेन की जंग को लेकर पुतिन को 'युद्ध अपराधी' बताने वाला और उनकी गिरफ्तारी की बातें करने वाला व्हाइट हाउस प्रशासन, अब ट्रंप की रिजीम में पुतिन की अगवानी करने के लिए पलक पावड़े बिछाए बैठा है. ट्रंप की माने तो अगर पुतिन अमेरिका में आगामी G-20 समिट में शामिल होने के लिए आते हैं तो उनका शी जिनपिंग जैसा जोरदार और भव्य स्वागत होगा. हालांकि क्रेमलिन ने भले ही पुतिन के दौरे को लेकर कोई अधिकारिक बयान नहीं जारी किया है, लेकिन ट्रंप ने कह दिया है कि रूस ने इस साल अमेरिका की मेजबानी में होने वाली जी-20 समिट की बैठकों में शामिल होने की इच्छा जताई है.
ऐसे में अगर पुतिन अमेरिका जाते हैं, तो उनका ट्रंप उनकी अगवानी करने को तैयार बैठे हैं. आपको बताते चलें कि ट्रंप और पुतिन न्यूट्रल वेन्यू पर पहले भी मिल चुके हैं. जर्मनी, जापान, फिनलैंड और अलास्का में एक दूसरे से सीधी मुलाकात कर चुके हैं.
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप से जब पूछा गया, क्या पुतिन जी20 बैठक में शामिल होने वाले हैं? इस पर ट्रंप ने कहा, 'नहीं, उन्होंने सिर्फ शामिल होने इच्छा जताई है. मैं ये नहीं जानता कि प्रेसिडेंट पुतिन खुद आएंगे या नहीं लेकिन अगर वे आते हैं तो मैं खुद आगे बढ़कर उनका तहे दिल से स्वागत करूंगा.'
ट्रंप ने कहा, 'जी-20 बैठकों में रूस के प्रतिनिधि पहले भी शामिल होते रहे हैं.' अमेरिका इस साल यानी 2026 में जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 30 और 31 अक्टूबर को जॉर्जिया के अटलांटा में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेंगे. इसके बाद 14 और 15 दिसंबर को ट्रंप फ्लोरिडा के मियामी स्थित ट्रंप नेशनल डोरल में जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे.

दरअसल अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने यूक्रेन युद्ध में कथित युद्ध अपराधों को लेकर व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर रखा है. इसे लेकर न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी समेत कई ऐसे नेता हैं जो पुतिन की गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं.
हालांकि यूक्रेन युद्ध को लेकर जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वो भूल गए हैं कि युद्ध की शुरुआत पुतिन ने की थी, तो उन्होंने कहा, 'देखिए, मुझे सब पता है. मैं एक दिन मौका देखकर सारी सही जानकारी को सार्वजनिक करूंगा. मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रूस-यूक्रेन युद्ध फौरन खत्म होना चाहिए. मैं काफी समय से युद्ध रोकने के लिए काम कर रहा हूं.'
ट्रंप ने ये भी कहा, 'औसतन हर महीने करीब 25,000 सैनिक मारे जा रहे हैं. पिछले महीने यह संख्या 32,000 थी. मैं दोनों पक्षों से बात करता हूं. मुझे लगता है कि दोनों जंग का खात्मा चाहते हैं और मेरा फोकस भी यही है.'
आपको बताते चलें कि ट्रंप के पहले कार्यकाल के चुनाव प्रचार के दौरान रूस पर अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप करके ट्रंप का समर्थन करने के आरोप लगे थे. ट्रंप ने खुलकर इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया लेकिन कभी पुतिन से अपने रिश्तों को छुपाया नहीं. ट्रंप हर वैश्विक नेता को अपना अच्छा दोस्त बताते हैं. पीएम मोदी से लेकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से लेकर पुतिन तक सबको वो अपना दोस्त कहते हैं.
ट्रंप मुखर हैं, पुतिन थोड़ा सौम्य. दोनों ने कभी एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी नहीं की है. ट्रंप ने यह भी कहा कि वह चीन और रूस दोनों के साथ परमाणु समझौता करना चाहते हैं. हालांकि उन्होंने माना कि उन्हें नहीं लगता कि ऐसा इस साल हो पाएगा.