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अमेरिकन ड्रीम को फिर बड़ा झटका! ट्रंप ने 1 साल के लिए बढ़ाई H-1B वीजा फी, भारतीयों के लिए बड़ी टेंशन

H-1B Visa Fee Order: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ नए H-1B वीजा आवेदनों पर 100,000 डॉलर का शुल्क लगाने वाले अपने कार्यकारी आदेश को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है. इस फैसले को पहले से ही अदालत में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा रहा है.

Written By Shruti Kaul
Published: Sep 19, 2026, 12:27 PM IST | Updated: Sep 19, 2026, 12:30 PM IST
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World News: व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट और एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के अनुसार,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ H-1B वीजा आवेदनों के लिए 100,000 डॉलर की फीस को वापस लागू कर दिया है. इसके अलावा उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी करने वाले नियोक्ताओं की कड़ी जांच के आदेश दिए हैं. इन उपायों में फीस रिन्यूअल के साथ-साथ स्पॉन्सर करने वाले एम्प्लॉयर के रोजगार से जुड़े तौर-तरीकों की नई जांच भी शामिल हैं. स्किल्ड-वर्कर वीजा प्रोग्राम के तहत आवेदनों की समीक्षा करते समय एजेंसियों को हाल ही में हुई और भविष्य में होने वाली छंटनी पर विचार करना होगा.      

एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में स्टेट, लेबर और होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी को यह देखने का निर्देश दिया गया है कि क्या एम्प्लॉयर ने पिछले साल सीधे या परोक्ष रूप से छंटनी की थी या क्या वे भविष्य में ऐसी कटौती की योजना बना रहे हैं, जिससे उसी तरह की स्थिति वाले अमेरिकी वर्कर प्रभावित होंगे.

फीस को किया रिन्यू 


यह जरूरत लेबर कंडीशन एप्लीकेशन, याचिकाओं, वीजा और अमेरिका में प्रवेश पर लागू होती है. ऑर्डर में केवल इसलिए आवेदन को अपने आप अस्वीकार करने की बात नहीं कही गई है कि एम्प्लॉयर ने छंटनी की घोषणा की है. 
ट्रंप ने ऑर्डर में कहा,' मैंने तय किया है कि अमेरिकी वर्कफोर्स की सुरक्षा और उन्हें प्राथमिकता देने के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए.' व्हाइट हाउस ने कहा कि एक अलग घोषणापत्र के जरिए 19 सितंबर 2025 को पहली बार लागू की गई 100,000 डॉलर की फीस की जरूरत को रिन्यू किया गया. इसकी फैक्ट शीट में बताया गया कि यह शुल्क कुछ H-1B आवेदनों पर लागू होता है. इसमें रिन्यूअल की अवधि या छूट के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया.

प्रोसेसिंग के लिए इनसे लेनी होगी सलाह 


ऑर्डर में लेबर सेक्रेटरी के लिए 30 दिन की टाइम लिमिट भी तय की गई है, जिससे वे वेज एंड आवर डिवीजन के जरिए पहले जमा किए गए लेबर कंडीशन एप्लीकेशन के डेटा की समीक्षा शुरू कर सकें. इससे यह तय होगा कि क्या स्पॉन्सर करने वाले एम्प्लॉयर के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई जरूरी है. H-1B मामलों की प्रोसेसिंग करते समय स्टेट, लेबर और होमलैंड सिक्योरिटी विभागों को कॉमर्स और एजुकेशन विभागों और स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से सलाह लेनी होगी. ये एजेंसियां ​​कानूनी जरूरतों के पालन का आकलन करने में मदद के लिए वेतन, रोजगार, शैक्षणिक, औद्योगिक और अन्य आर्थिक जानकारी उपलब्ध कराएंगी.

H-1B वीजा की मांग कर अमेरिकियों को नौकरी से निकाला 


प्रशासन ने इन उपायों को अमेरिकी वर्करों की कथित विस्थापन और कुछ एम्प्लॉयर समेत आउटसोर्सिंग फर्मों की ओर से प्रोग्राम के दुरुपयोग के जवाब के तौर पर पेश किया. ऑर्डर में आरोप लगाया गया कि टेक्नोलॉजी एम्प्लॉयर ने सामूहिक रूप से लाखों वर्करों के लिए H-1B वीजा की मांग की, जबकि साल 2022-2026 के बीच 800,000 से 1.3 मिलियन अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की. इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ एम्प्लॉयर ने नौकरी की जिम्मेदारियों, काम की स्थितियों या आवेदकों की योग्यताओं के बारे में गलत जानकारी दी. न तो ऑर्डर और न ही फैक्ट शीट में इन आरोपों पर एम्प्लॉयर या आउटसोर्सिंग फर्मों की प्रतिक्रिया शामिल थी.

रजिस्ट्रेशन में 92 प्रतिशत की गिरावट


व्हाइट हाउस ने कहा कि 2025 के घोषणापत्र के लागू होने के बाद से सबसे बड़ी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी आउटसोर्सिंग फर्मों द्वारा जमा किए गए रजिस्ट्रेशन में 92 प्रतिशत की गिरावट आई है. इसमें कॉन्सुलर प्रोसेसिंग के अनुरोधों में लगभग 97 प्रतिशत की गिरावट की भी जानकारी दी गई. ये नए उपाय व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट में बताए गए बदलावों के तहत किए गए हैं. इनमें दिसंबर 2025 का डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी का वह नियम भी शामिल है, जिसके तहत रैंडम सलेक्शन की जगह वेतन-स्तर के आधार पर वेटेज देने वाली प्रणाली लागू की गई. फैक्ट शीट के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2027 में इसका पहली बार इस्तेमाल किया गया और रजिस्ट्रेशन में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई.  (इनपुट- IANS) 

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ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
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