क्या आपको याद है 3 महीने के थे तब क्या हुआ था? ये है 16 साल का अनोखा लड़का, जिसके जहन में बसी है बचपन की हर याद!
वैज्ञानिकों ने एक ऐसे 16 साल का लड़का खोजा है, जिसे मात्र 3 महीने की उम्र की बातें भी बिल्कुल साफ याद हैं. दुनिया के 99.9% लोगों को पीछे छोड़ने वाली इस दुर्लभ और हैरान करने वाली क्षमता ने रिसर्चर्स को भी हैरान कर दिया है.
क्या आपको याद है कि इस सप्ताह के पहले दिन आपके कौन सी ड्रेस पहनी थी या डिनर में क्या खाया था? शायद थोड़ा सोचना पड़े. लेकिन जरा सोचिए, कोई ऐसा इंसान जिसे तब की बातें भी याद हों जब वह मात्र तीन महीने का था और दूध भी बोतल से पीता था! सुनने में भले ही किसी फिल्मी कहानी जैसा लगे, लेकिन यह पूरी तरह सच है. विज्ञान की दुनिया में एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने बड़े-बड़े वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है. एक 16 साल के लड़के के पास ऐसी अद्भुत याददाश्त है, जिसके आगे दुनिया के 99.9% लोग फेल हैं. आइए जानते हैं इस हैरान कर देने वाले सच के बारे में.
इस लड़के की कहानी से जुड़ी रिसर्च Cortex जर्नल में प्रकाशित हुई है. रिसर्च में लड़के का नाम KCL है. वह फरवरी 2025 में कॉग्निटिव रिसर्चर क्रिस्टियन बारजीकोवस्की के संपर्क में आया था. उसने बताया कि उसे अपनी जिंदगी के बहुत शुरुआती दौर की कुछ यादें हैं. इनमें करीब 3 महीने की उम्र यानी अप्रैल 2009 की यादें भी शामिल हैं. उसके माता पिता ने भी बचपन की कुछ यादों की पुष्टि की.
3 साल की उम्र के बाद यादें हुईं बहुत साफ
रिसर्च के अनुसार KCL को लगभग 3 साल की उम्र से अपनी जिंदगी की घटनाओं का लगातार और साफ अनुभव याद रहने लगा था. इसके बाद की उसकी कई यादें काफी विस्तार से जुड़ी हुई थीं और वह उन्हें आसानी से याद कर सकता था.
खास बात यह है कि उसकी यादें अचानक भी सामने आ जाती हैं. किसी खास स्मेल यानी गंध, गाने या किसी के बोले हुए वाक्य से उसे पुरानी घटना याद आ सकती है. KCL ने यह भी बताया कि अगस्त 2022 के आसपास से वह लगभग आधे दिनों की घटनाओं को काफी विस्तार से याद करने में सक्षम था. वैज्ञानिकों ने उसके दावे का टेस्ट करने के लिए किए थे, जो दूर से ही हुए थे. नतीजों में सामने आया कि उसकी ऑटोबायोग्राफिकल यानी अपनी जिंदगी से जुड़ी यादों को याद करने की क्षमता बहुत ही असामान्य थी. रिसर्चर्स के अनुसार टेस्ट में उसका प्रदर्शन 99.9 फीसदी लोगों से बेहतर रहने की संभावना थी.
क्या उसकी पूरी याददाश्त असाधारण है?
यहां एक चौंकाने वाला बात सामने आई. KCL की याददाश्त का हर हिस्सा सामान्य से अलग नहीं था. उसकी ध्यान लगाने की क्षमता, वर्किंग मेमोरी और रोजमर्रा की चीजों को संभालने से जुड़ी एग्जीक्यूटिव फंक्शनिंग सामान्य पाई गई. इस तरह की क्षमता को हाइली सुपरीयर ऑटोबायोग्राफिकल मेमोरी यानी HSAM कहा जाता है. इसमें व्यक्ति अपनी जिंदगी में हुई घटनाओं को असाधारण तरीके से याद रख सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में ऐसे लोगों की संख्या 100 से भी कम बताई जाती है.
HSAM वाले लोग हर चीज याद नहीं रखते
वैज्ञानिकों ने यह भी साफ किया कि HSAM का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति हर तरह की जानकारी सामान्य लोगों से बेहतर याद रखता है. रिसर्चर्स के अनुसार ऐसे लोग जरूरी नहीं कि नंबर, सामान्य जानकारी या डेली लाइफ की चीजें याद रखने में सबसे आगे हों. उनकी खासियत अपनी जिंदगी से जुड़ी घटनाओं को याद करने के तरीके में होती है.
KCL पर किए गए एक टेस्ट में उसे समय समय पर अपने दिमाग में अचानक आने वाले विचारों के बारे में बताना था. जब उसके नतीजों की तुलना नार्मल लोगों से की गई, तो उसमें बिना किसी कोशिश के पुरानी यादें सामने आने की संख्या काफी ज्यादा मिली.
वैज्ञानिकों ने क्या जवाब खोजा?
रिसर्च से यह संकेत मिलता है कि HSAM को सिर्फ बेहतर याददाश्त कहना सही नहीं होगा. अंतर यह है कि ऐसे लोग अपनी जिंदगी में हुई घटनाओं को किस तरह याद करते हैं और उनके दिमाग में वे यादें किस तरह वापस आती हैं.
रिसर्चर्स ने यह भी कहा कि HSAM वाले लोगों को कॉग्निटिव सुपरहीरो समझना सही नहीं है. उनकी खासियत मुख्य रूप से अपनी जिंदगी से जुड़ी घटनाओं को लंबे समय तक और बहुत ही विस्तार से याद रखने की क्षमता में दिखाई देती है.
KCL का मामला इसलिए खास है क्योंकि उसने बहुत ही कम उम्र की यादों का दावा किया और शुरुआती टेस्ट में उसकी ऑटोबायोग्राफिकल मेमोरी असाधारण स्तर की पाई गई. हालांकि, वैज्ञानिकों के लिए अब भी यह समझना जरूरी है कि इतनी पुरानी यादें उसके दिमाग में किस तरह बनी रहीं और इतने साल बाद भी इतनी आसानी से कैसे सामने आती हैं.
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