कोरोना के बाद अब इस वायरस ने बढ़ाई चिंता! जानवरों से इंसान तक पहुंचा Shamonda, मरीज की मौत से मचा हड़कंप
कोरोना और मंकीपॉक्स के बाद अब Shamonda Virus ने इंसानों की धड़कन बढ़ा दी है. फ्रांस में पहली बार एक इंसान में इस वायरस का संक्रमण मिला है और मरीज की मौत हो गई. इससे बाद से यह चर्चा शुरू हो गई है कि ये कैसा वायरस है, क्या लक्षण हैं?
कोरोना और मंकीपॉक्स के बाद अब एक और नए वायरस ने दुनिया भर के हेल्थ एक्सपर्ट्स को चिंता में डाल दिया है. आमतौर पर गाय, भैंस और मवेशियों को अपना शिकार बनाने वाला शामोण्डा वायरस यानी Shamonda Virus अब इंसानों को भी अपना शिकार बनाने लगा है. फ्रांस से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है. जहां एक गंभीर बीमारी का सामना कर रहे मरीज की इस वायरस की चपेट में आने से जान चली गई. लेकिन अभी राहत की बात यह है कि अधिकारियों का मानना है कि यह बहुत ही दर्लभ मामला है और फिलहाल आम लोगों के लिए बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन इस पहली इंसानी मौत ने मेडिकल जगत में हलचल जरूर मचा दी है.
फ्रांस के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस मामले से आम लोगों को खतरा होने के संकेत नहीं मिले हैं. लेकिन सवाल यह बड़ा है कि मरीज तक यह वायरस कैसे पहुंचा और उसकी मौत में इन्फेक्शन की कितनी भूमिका रही, अब इसकी जांच चल रही है. इस मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है, क्योंकि इससे पहले इंसानों में इस वायरस का इन्फेक्शन कभी नहीं मिला था.
कैसे इंसान तक पहुंचा यह वायरस?
शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि मरीज को पूर्वी फ्रांस में किसी कीट ने काटा होगा, जिसके बाद वह वायरस की चपेट में आया. अधिकारियों को Culicoides नाम के छोटे से काटने वाले कीट पर शक है. यह कीट जानवरों में Shamonda Virus फैलाने के लिए जाना जाता है.
बताया गया है कि 2026 की वसंत और गर्मियों के दौरान इस इलाके के जानवरों में वायरस फैल रहा था. लेकिन, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मरीज को संक्रमण इसी कीट से मिला था. फ्रांस के अधिकारी इस मामले की मेडिकल और लैब जांच कर रहे हैं. साथ ही WHO और यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल यानी ECDC के साथ भी जानकारी शेयर की जा रही है.
क्या है Shamonda Virus?
Shamonda Virus एक ऐसा वायरस है, जो कीटों के काटने से जानवरों में फैलता है. यह Orthobunyavirus ग्रुप से जुड़ा है और गायों और दूसरे मवेशियों को संक्रमित करता है. इसकी पहचान पहली बार 1960 के दशक में नाइजीरिया में हुई थी. बाद में अफ्रीका के कुछ हिस्सों और जापान में भी जानवरों में इसके मामले सामने आए.
मवेशियों में इस वायरस के संक्रमण से बुखार, सुस्ती और दस्त जैसी परेशानियां हो सकती हैं. डेयरी फार्म पर इसका असर दूध के प्रोडक्शन पर भी पड़ता है. संक्रमित गायों में दूध कम हो सकता है. फ्रांस में हुई जांच के दौरान भेड़-बकरियों जैसे छोटे जानवरों और घोड़ों में भी संक्रमण की जानकारी मिली है.
यूरोप में भी मिले वायरस के मामले
इस साल Shamonda Virus पहली बार पश्चिमी यूरोप में सामने आया. गर्मियों के दौरान दक्षिणी जर्मनी, स्विट्जरलैंड, फ्रांस और नीदरलैंड में जानवरों में संक्रमण के मामले दर्ज किए गए. इसके बाद से स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा से जुड़ी एजेंसियां इसकी निगरानी कर रही हैं.
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क्या इंसानों को है खतरा?
फिलहाल अधिकारियों ने आम लोगों के लिए किसी खास खतरे की बात नहीं कही है. मरीज की बीमारी के कारण इम्युनिटी बहुत कमजोर थी, इसलिए जांच में यह भी देखा जा रहा है कि उसकी पहले से मौजूद बीमारी का इन्फेक्शन से कोई संबंध था या नहीं. इंसान में पाया जाने वाला यह पहला मामला है, इसलिए इसके लक्षणों और इंसानों पर पड़ने वाले असर को लेकर अभी पर्याप्त जानकारी सामने नहीं आई है. यह भी साफ नहीं है कि वायरल इंसान से इंसान में फैल सकता है या नहीं. जांच पूरी होने के बाद ही इस बारे में ज्यादा जानकारी मिल सकेगी.