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अमेरिका और रूस के रिश्तों का इतिहास दो सदी से भी पुराना है, लेकिन वर्चस्व की होड़ में दोनों के बीच शुरू हुई अदावत ने 20वीं सदी में जब चरम पर पहुंची तो उस दौर में संयुक्त राज्य अमेरिका में सायरन बजाकर लोगों को सोवियस संघ (रूस) खतरे से आगाह किया जाता था- 'सावधान रहें! USSR कभी भी हमला कर सकता है'. धरती से लेकर समंदर और आकाश से पाताल तक दुनिया के दो सबसे पुराने प्रतिद्वंदी देशों के सैटेलाइट ट्रंप और पुतिन की दोस्ती और बेहतरीन केमिस्ट्री के बावजूद स्पेस में अचानक आमने-सामने आ गए तो इस घटनाक्रम को देखने वाले सन्न रह गए.
अमेरिका ने रूस पर अंतरिक्ष में खतरनाक गतिविधियों को अंजाम देने के साथ उकसाने वाली कार्रवाई करने का आरोप लगाया है. अमेरिकी स्पेस कमांड के अधिकारियों के मुताबिक, रूस का सैन्य उपग्रह 'कॉसमॉस 2612' अमेरिका के एक व्यावसायिक उपग्रह के बेहद करीब पहुंच गया. वॉशिंगटन ने इस गतिविधि को अंतरिक्ष में मॉस्को के धमकी भरे व्यवहार के तौर पर देखते हुए इसे भविष्य की संभावित सैन्य कार्रवाई से जोड़कर चिंता जताई है.
हथियार नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट थॉमस जी. डिनानो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मामले को उठाते हुए कहा, 'रूस का सैन्य उपग्रह जानबूझकर एक व्यावसायिक उपग्रह के खतरनाक रूप से करीब पहुंचा. इस तरह की गतिविधियां अंतरिक्ष में हथियारों के इस्तेमाल जैसी कार्रवाई का संकेत हो सकती हैं.'
As just announced in the @UN First Committee, Russia’s COSMOS 2612 military satellite has been exhibiting threatening behavior by intentionally maneuvering dangerously close to a commercial satellite, behaviors consistent with on-orbit weapons operations. This violates long-established safety thresholds in low Earth orbit. The United States will continue to secure and defend American vital national security interests in, from, and to space.
— Under Secretary of State Thomas G. DiNanno (@UnderSecT) October 21, 2026
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी मिलिट्री सैटेलाइट अमेरिकी और फिनलैंड के एक रडार सैटेलाइट से बस 100 फीट की दूरी तक पहुंच गया था जो यूक्रेन को अहम खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करता है. ऐसे में इस घटना को अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इस घटनाक्रम से भड़के ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि यह घटनाक्रम पृथ्वी की निचली कक्षा यानी लो अर्थ ऑर्बिट में लंबे समय से लागू सुरक्षा मानकों के उल्लंघन से जुड़ी है. उन्होंने साफ किया कि अमेरिका अंतरिक्ष में, अंतरिक्ष से और अंतरिक्ष की ओर अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करता रहेगा.
अमेरिकी अफसरों के तेवर देखकर ऐसा लगता है कि रूस भविष्य में उपग्रहों को निशाना बनाने वाले एंटी सैटेलाइट हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है. हाल ही में अमेरिकी एयरफोर्स ने पुष्टि की थी कि उसके पास भी अंतरिक्ष में अपनी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए रक्षात्मक स्पेस कंट्रोल हथियार मौजूद हैं.
इस बयान के बाद रूसी सैटेलाइट का मूवमेंट अमेरिका को परेशान कर रहा है.
अमेरिका लंबे समय से यूक्रेन को फंड दे रहा था. ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में यूक्रेन युद्ध बंद कराने के नाम पर बहुत से कदम उठाए हैं. स्पेस में दोनों देशों के सैटेलाइट्स के आमने-सामने आने का यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब विशेष अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर चुके हैं. जिसका मकसद यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए रोडमैप बनाना था.
इसी बीच सीएनएन की एक रिपोर्ट में ये खुलासा किया गया था कि विटकॉफ ने हाल ही में नॉर्वे में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की थी. इससे दुनियाभर में मैसेज गया कि अमेरिका यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने के लिए मिशन मोड में तेजी से काम कर रहा है.
रूस-यूक्रेन युद्ध कब रुकेगा? पत्रकारों के इस सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति का नाम लिए बिना उन्हें बहुत बुरा भला सुनाते हुए रूस की डीजल रिफाइनरी पर हमला करने को लेकर बेवकूफ तक कह दिया था. उन्होंने कहा था कि शायद वो (जेलेंस्की) नहीं चाहते कि युद्ध कभी खत्म हो.