जंग का लाइव एक्शन: कंधे पर मिसाइल रख रूसी जवान ने हवा में उड़ाया यूक्रेनी ड्रोन, देखें रोंगटे खड़े करने वाला VIDEO
यूक्रेन और रूस के बीच ड्रोन से हमले तेज हो चुके हैं. एक ताजा वीडियो में यूक्रेनी ड्रोन मॉस्को में दाखिल हुआ, जिसे रूसी सैनिक ने हवा में मार गिराया.
रूस और यूक्रेन के बीच जंग चल रही है. दोनों देश एक दूसरे पर ड्रोन से हमले कर रहे हैं. रूस की राजधानी मॉस्को से एक ताजा वीडियो सामने आया है, जिसमें हाईवे के ऊपर उड़ रहे यूक्रेनी ड्रोन को रूसी सैनिक ने कंधे पर रखे 'मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम' से हवा में ही मार गिराया. जवान द्वारा लगाए गए सटीक निशाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. यह वीडियो एग्रीगेटर 'विसेग्राड 24' ने शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि एक रूसी सैनिक ने '9K38 इगला' एयर डिफेंस सिस्टम का यूज करके ड्रोन को तबाह कर दिया.
रूस के जिस '9K38 इगला' ने यूक्रेनी ड्रोन को गिराया गया है वो एक पोर्टेबल एयर डिफेंस मिसाइल है. इसे रूस ने 2000 के दशक की शुरुआत में बनाया था. इसे एक अकेला जवान भी कंधे पर रखकर आसानी से फायर कर सकता है. यह नीचे उड़ने वाले लड़ाकू विमानों, हेलिकॉप्टरों, ड्रोनों और क्रूज मिसाइलों को पलक झपकते मार गिराने की ताकत रखता है.
800 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार और अचूक रेंज
टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि मिसाइल लॉन्च के बाद जवान को कुछ नहीं करना पड़ता, यह मिसाइल टारगेट के इंजन की गर्मी (हीट) पकड़कर खुद उसका पीछा करती है. यह 500 मीटर से 6 किलोमीटर की दूरी तक और 10 मीटर से लेकर 3.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ रहे टारगेट को ढेर कर सकती है. सॉलिड-फ्यूल से चलने वाले इस सिस्टम का वजन लगभग 10.8 किलो है. इसकी रफ्तार 800 मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच जाती है.
मॉस्को के आसमान में यूक्रेनी ड्रोनों की घुसपैठ
दरअसल, मॉस्को और उसके आस-पास के इलाकों में लगातार यूक्रेनी ड्रोन हमलों की खबरें मिल रही हैं. रूस के अधिकारियों का दावा है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने यूक्रेन के कई ड्रोनों को आसमान में ही मार गिराया है.
रूस का यूक्रेन के ठिकानों पर पलटवार
रविवार को रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि उसकी सेना ने यूक्रेन के मिलिट्री ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं, जिसमें कीव के नॉर्दर्न ब्रिज के पास का इलाका और ओडेसा में खड़े मालवाहक जहाज शामिल हैं. रूसी अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि हाल ही में रातभर चले एक हमले के दौरान यूक्रेन के 1,900 से ज्यादा ड्रोन, 8 गाइडेड बम, 8 क्रूज मिसाइलें और 4 रॉकेट मार गिराए हैं.
रिफाइनरी पर हमला
इससे पहले हुए एक अन्य ड्रोन हमले में 3 लोगों की मौत और एक तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई थी. उस हमले को लेकर मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि साफ तौर पर चुनावों में खलल डालने के मकसद से योजनाबद्ध तरीके से यह हमला किया गया था.
यूक्रेन का दावा: 'रूस की 51 फीसदी तेल रिफाइनिंग क्षमता ठप'
बीते रविवार को यूक्रेन ने भी दावा किया था कि उसके लंबी दूरी के हमलों ने रूस की कुल तेल शोधन (रिफाइनिंग) क्षमता का लगभग 51 फीसदी हिस्सा ठप कर दिया है, इसलिए रूसी सेना के लिए ईंधन की आपूर्ति पर गंभीर संकट पड़ सकता है. यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हाल के हमलों में मॉस्को, यारोस्लाव, उस्त-लुगा, पर्म, सारातोव और सिजरान की रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया है.
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