Russia on Pakistan Air Strike on Afghanistan: अपने से कमजोर अफगानिस्तान पर बमबारी करके बेगुनाह लोगों को मार रहे पाकिस्तान को रूस ने बड़ा झटका दिया है. अफगानिस्तान में रूसी दूतावास ने बयान जारी कर संघर्ष में निर्दोष नागरिकों खासकर बच्चों की मौत पर गहरी चिंता जताई है. रूस ने कहा कि किसी भी तरह के संघर्ष में आम लोगों पर हमले से परहेज किया जाना चाहिए. यह मानवता के खिलाफ है.
रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में लिखा, 'हम पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे सैन्य टकराव को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं. इस संघर्ष में बच्चों समेत आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं.'
मास्को की ओर से यह चिंता ऐसे समय में सामने आई है, जब अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक की वजह से दुनिया में उसके खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है. बिना उकसावे के हो रहे पाकिस्तान के इन हमलों की वजह से अफगानिस्तान में नागरिक लगातार अपनी जान गंवा रहे हैं और उन्हें घर-दुकान की तबाही भी देखनी पड़ रही है. गुरुवार को भी पाकिस्तानी हमलों की वजह से अफगानिस्तान में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गए.
अफगान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने 'एक्स' पर पोस्ट लिखकर बताया कि इस विनाशकारी बमबारी ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया. जिससे कुनार और हेलमंद प्रांतों में तीन घर पूरी तरह नष्ट हो गए. इसके साथ ही, महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 9 लोग मारे गए हैं.
मुजाहिद ने कहा कि इस अनुचित सैन्य हमले की अफगानिस्तान कड़ी निंदा करता है. यह मानवता के खिलाफ अपराध है. उन्होंने कसम खाई कि तालिबान इन हमलों का कड़ा जवाब जरूर देगा और दुश्मन को अपनी करतूतों की सजा भुगतनी होगी.
बताते चलें कि इस साल की शुरुआत में सीमा विवाद बढ़ने के बाद पाकिस्तान ने संप्रभु अफगान क्षेत्र के भीतर बार-बार अनधिकृत हवाई हमले किए हैं. जिससे वहां पर गंभीर मानवीय संकट पनप गया है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी हमलों की वजह से अफगानिस्तान में इस साल अब तक 11 सौ से ज्यादा नागरिक हताहत हो चुके हैं. इनमें से काफी लोग मारे गए हैं, जबकि बचने वाले लोगों को हाथ-पैर गंवाने पड़े हैं.
इन हमलों के बावजूद पाकिस्तान बेहयाई के साथ नागरिकों पर अटैक से इनकार करता है. हर हमले के बाद वह यही दलील देता है कि उसने सीमा पार आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. वह अफगान तालिबान पर टीटीपी को शरण देने का आरोप भी लगाता है. जबकि काबुल ने हर बार इन आरोपों से इनकार किया है. वह इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार और पाकिस्तान की ओर से अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं से ध्यान भटकाने की साजिश बताता है.