PTI Long March Islamabad High Alert: खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लागू करने की शहबाज सरकार की घोषणा पर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) फट पड़ी है. पार्टी ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अलोकतांत्रिक कदम करार दिया और कहा कि सरकार को इसका खामियाजा भुगतना होगा. PTI ने कहा कि शहबाज सरकार को इसके राजनीतिक और आर्थिक परिणाम झेलने होंगे.
PTI के अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लागू करना शहबाज सरकार की गंभीर राजनीतिक गलती है. यह फैसला सार्वजनिक जनादेश और प्रांतीय स्वायत्तता को कमजोर करने वाला है. उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के लोगों को अपने जनादेश का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है. प्रांतीय स्वायत्तता को कमजोर करना और संघीय और प्रांतीय सरकारों के बीच टकराव पैदा करना शांति या स्थिरता नहीं लाएगा.
पीटीआई अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने की आवश्यकता पर कोई असहमति नहीं है. लेकिन उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई का इस्तेमाल जनता की आवाज को दबाने, राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने या किसी प्रांत की संवैधानिक शक्तियों को सीमित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इमरान खान की रिहाई और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग को लेकर पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा.
उधर, खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लगाने के बावजूद शहबाज सरकार की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. इमरान के समर्थकों का सैलाब लगातार इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है. इसे रोकने के लिए इस्लामाबाद में हाई अलर्ट जारी कर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को सड़कों पर तैनात किया जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने संघीय राजधानी इस्लामबाद को रेड अलर्ट पर रखा है. शहर भर में भारी पुलिस बल तैनात किए हैं और धारा 144 का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का आदेश जारी किया गया है.
शहर के तमाम प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं. सभी पुलिस अधीक्षकों, पुलिस उपाधीक्षकों और थाना अधिकारियों को फील्ड में रहने का निर्देश दिया गया है. राजधानी में किसी भी स्थान पर बैनर प्रदर्शित किए जाने या भीड़ जमा होने की स्थिति में पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके साथ ही, शहर के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं. सुरक्षा उपायों को और कड़ा करते हुए अधिकारियों ने रेड ज़ोन में अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. सुरक्षा को मजबूत करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संवेदनशील सरकारी भवनों पर रेंजर्स कर्मियों को तैनात किया गया है.
राजनीतिक तनाव बढ़ने के बीच खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल और राज्यपाल शासन लागू होने की खबरों के बाद ये उपाय किए गए हैं. अधिकारियों ने कानून प्रवर्तन कर्मियों को सतर्क रहने और संघीय राजधानी में लागू प्रतिबंधों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. जिससे प्रदर्शनकारी चाहकर भी राजधानी इस्लामाबाद में घुसकर कोहराम न मचा सकें.