SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

सबसे बड़ा कर्जदार ही बना IMF का सरदार! जगह-जगह कटोरा लेकर घूमने वाले PAK को मिली IMF की कुर्सी

पाकिस्तान को IMF और वर्ल्ड बैंक की कुर्सी मिलने वाली है. अगले साल से पाकिस्तान इन संगठनों की अध्यक्षता संभालेगा. दिलचस्प बात यह है कि IMF को पाकिस्तान के लिए किस्त रिलीज करनी है.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 16, 2026, 10:34 PM IST | Updated: Oct 16, 2026, 10:41 PM IST
Image Credit: AI के जरिए बनाई गई तस्वीर
Join

पूरी दुनिया में कर्ज लेने और आतंकवाद को पालने-पोसने वाला अब IMF का सरदार बनने जा रहा है. दिलचस्प बात तो यह है कि पाकिस्तान खुद पाकिस्तान अभी-भी IMF से 1.2 अरब डॉलर के अतिरिक्त कर्ज की मंजूरी का इंतेजार कर रहा है. इस सबके बावजूद पाकिस्तान 2027 में IMF और विश्व बैंक ग्रुप के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता करेगा.

बैंकॉक में वर्ल्ड बैंक-IMF की सालाना मीटिंग के दौरान, आर्थिक मामलों के मंत्री अहद खान चीमा को 2027 के लिए आगामी अध्यक्ष के रूप में घोषित किया गया. अहद खान चीमा वर्तमान समय में विश्व बैंक में पाकिस्तान के गवर्नर हैं. पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान 1953 के बाद पहली बार अध्यक्षता करेगा. मंत्रालय ने आगे कहा,'इससे पाकिस्तान को वैश्विक आर्थिक चर्चाओं में योगदान देने और सदस्य देशों के बीच संवाद को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.

इस भूमिका के तहत पाकिस्तान के हाथ में पैसों से संबंधित कोई ताकत नहीं होगी. पाकिस्तान सिर्फ सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर्स की बैठकों का प्रभारी रहेगा. जिससे इस्लामाबाद को एक प्रमुख मंच तो मिलता है लेकिन कर्ज देने के फैसले पर उसका कोई कंट्रोल नहीं रह पाएगा.

25 बार कर्ज की गुहार लगा चुका है पाकिस्तान

पाकिस्तान 1950 में IMF से जुड़ा था. तब से अब तक वह कम से कम 25 बार IMF से कर्ज लेने के कार्यक्रमों का हिस्सा बन चुका है. बार-बार IMF के पास जाने की वजह यह है कि पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा की कमी हो जाती है और उसके लिए दूसरे देशों से लिया गया कर्ज चुकाना मुश्किल होने लगता है. महंगाई और पैसों की कमी से भी उसकी परेशानी बढ़ती है.

फिलहाल पाकिस्तान को IMF के दो कार्यक्रमों के तहत मदद मिल रही है. पहला 7 अरब डॉलर का एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) कार्यक्रम है, जिसका मकसद आर्थिक सुधार करना और विदेशी भुगतान की जरूरतें पूरी करने में मदद देना है. दूसरा 1.4 अरब डॉलर का रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (RSF) कार्यक्रम है, जो जलवायु परिवर्तन से जुड़े खतरों से निपटने के लिए है.

हाल ही में पाकिस्तान IMF का हुआ समझौता

IMF के कर्मचारियों और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच हाल ही में एक समझौता हुआ है. इससे पाकिस्तान को EFF के तहत करीब 1 अरब डॉलर और RSF के तहत 21 करोड़ डॉलर मिल सकते हैं. हालांकि, इस रकम को जारी करने के लिए IMF के कार्यकारी बोर्ड की मंजूरी जरूरी है. मंजूरी मिलने पर दोनों कार्यक्रमों के तहत पाकिस्तान को कुल करीब 5.7 अरब डॉलर मिल चुके होंगे.

विश्व बैंक का कहना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का मौजूदा मॉडल लंबे समय तक नहीं चल सकता. इसकी वजह है कि देश में सरकारी खर्च ज्यादा है, कामकाज कम है और अर्थव्यवस्था कर्ज पर बहुत ज्यादा निर्भर है. असली चुनौती यह है कि पाकिस्तान इन कर्जों का इस्तेमाल इस तरह कर पाए कि उसकी अर्थव्यवस्था मजबूत हो और उसे बार-बार बेलआउट यानी आर्थिक संकट से उबारने के लिए मदद न मांगनी पड़े.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES