पड़ोसी देशों में गैस का महासंकट: PAK में कचरे से चूल्हा जला रहे लोग, बांग्लादेश में ग्रिड फेल होने की नौबत
सर्दियों की शुरुआत के साथ पाकिस्तान और बांग्लादेश भीषण गैस संकट में घिर गए हैं. यहां लोग लकड़ी, कोयले और फैक्ट्रियों के कचरे पर खाना बनाने को मजबूर हैं. बांग्लादेश में भी कुल सप्लाई में 13% की भारी कटौती होगी करने का फैसला लिया गया है.
एशिया में सर्दियां दस्तक दे रही हैं. इन सर्दियों के बीच भारत के 2 पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और बांग्लादेश एक ऐसे संकट में घिर चुके हैं, जिसने आम आदमी को परेशान कर दिया है. ये संकट है गैस का. जी हां, इस वक्त दोनों ही देशों में LPG गैस की भारी किल्लत है. पाकिस्तान में जहां पहले से ही महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ रखी है, वहीं अब गैस संकट के बाद रसोई का चूल्हा जलाना एक बड़ी चुनौती बन चुका है.
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बड़े शहर रावलपिंडी में हालात ज्यादा खराब हैं. यहां पाइपलाइन से नेचुरल गैस दिन में बमुश्किल 6 घंटे आ रही है. इसके अलावा एलपीजी के दाम इतने बढ़ चुके हैं कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं. यही वजह है कि लोगों को मजबूरन अब लकड़ी, कोयले, मिट्टी के तेल और यहां तक कि फर्नीचर फैक्ट्रियों के फेंके गए कचरे और बुरादे पर डिपेंड होना पड़ रहा है. वे इन्हीं की मदद से खाना बना रहे हैं.
कचरा बीनकर चूल्हा जलाने को मजबूर लोग
रावलपिंडी में फर्नीचर फैक्ट्री के मालिक मोहम्मद फैजान ने बताया कि गैस के दाम बढ़ने के चलते लोग खाना बनाने के लिए अब वेस्ट मटेरियल का यूज कर रहे हैं. फैजान ने बताया, 'जो वेस्ट मटेरियल पहले नाले के किनारे फेंक दिया जाता था, अब लोग उसे बीनकर घर ले जा रहे हैं, ताकि चूल्हा जल सके.'
ऑल-पाकिस्तान क्लर्क्स एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष शहजाद मंजूर कियानी ने बताया कि महंगाई और गैस की किल्लत ने सरकारी कर्मचारियों तक को लकड़ी और कोयले पर लौटने को मजबूर कर दिया है. हालात ये हैं कि एक साधारण परिवार को महीने में 10 से 12 हजार पाकिस्तानी रुपये सिर्फ LPG पर खर्च करने पड़ रहे हैं.
LPG की ब्लैक मार्केटिंग और हड़ताल की चेतावनी
पाकिस्तान में गैस की किल्लत किस कदर है, इसका अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि रावलपिंडी में नया घरेलू सिलेंडर 13,500 पाकिस्तान रुपए में बिक रहा है, जो पहले 10,000 PKR का था. इतना ही नहीं, रीफिलिंग का खर्च 3,000 से बढ़कर 5,000 PKR हो गया है. कमर्शियल सिलेंडर की रीफिलिंग 25,000 PKR के पार पहुंच चुकी है. रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) ने नवंबर के लिए आधिकारिक रेट 294 PKR प्रति किलो तय किया है. इसके बावजूद खुले बाजार में एलपीजी 630 PKR प्रति किलो तक में बेची जा रही है.
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के चेयरमैन इरफान खोखर कहते हैं कि इस संकट की सबसे बड़ी वजह ईरान से लगी सीमा का बंद होना है. पाकिस्तान अपनी 70 फीसदी एलपीजी ईरान से मंगाता है. सीमा बंद होने से सप्लाई टूट गई है और कालाबाजारी शुरू हो गई है.
गैस संकट के बीच पाकिस्तान एलपीजी मार्केटर्स एसोसिएशन ने 16 नवंबर से कारोबार बंद करने की चेतावनी दे दी है. एसोसिएशन के चेयरमैन अली हैदर ने पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री को चिट्ठी लिखकर नई LPG नीति का विरोध किया है. उनका आरोप है कि सरकार 2016 से अरबों रुपये की पेट्रोलियम लेवी वसूल रही है, फिर भी संकट के वक्त सरकारी कंपनियां गैस मंगाने में नाकाम रहीं.
बांग्लादेश में मेंटेनेंस की वजह से 13% घटेगी सप्लाई
जिस तरह पाकिस्तान में गैस को लेकर हाहाकार है, वैसे ही हालात बांग्लादेश में हैं. यहां हालात और बिगड़ने वाले हैं, क्योंकि 4 नवंबर से देश की कुल गैस सप्लाई में करीब 13 फीसदी की कटौती होगी. यह संकट 4 दिनों तक चलेगा.
बांग्लादेश ऑयल, गैस एंड मिनरल कॉर्पोरेशन यानी पेट्रोबांग्ला के अनुसार, कॉक्स बाजार के महेशखाली स्थित 'समिट एलएनजी टर्मिनल' पर इमरजेंसी मेंटेनेंस का काम होना है. इसके चलते 4 नवंबर की सुबह 8:00 बजे से 7 नवंबर की शाम 4:00 बजे तक रीगैसीफिकेशन का काम पूरी तरह बंद रहेगा.
नेशनल ग्रिड पर असर और लो-प्रेशर का अलर्ट
पेट्रोबांग्ला ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया है कि मेंटेनेंस की वजह से नेशनल ग्रिड को मिलने वाली एलएनजी (LNG) सप्लाई 920 mmcfd (मिलियन क्यूबिक फीट प्रति दिन) से घटकर सिर्फ 600 mmcfd रह जाएगी. इसका असर यह होगा कि पूरे देश में मिलने वाली कुल गैस सप्लाई 2,550 mmcfd से गिरकर 2,230 mmcfd पर आ जाएगी.
दरअसल, बांग्लादेश को हर दिन करीब 3,800 mmcfd गैस की जरूरत होती है, यानी देश पहले से ही भारी किल्लत झेल रहा था. अब इस मेंटेनेंस के चलते सप्लाई और कम हो जाएगी. पेट्रोबांग्ला ने साफ अलर्ट जारी किया है कि इन चार दिनों तक घरों, फैक्ट्रियों और सीएनजी स्टेशनों पर गैस का प्रेशर बहुत कम रहेगा. कंपनी ने लोगों को होने वाली इस परेशानी के लिए खेद भी जताया है.