2800 रुपये खर्च किए और बन गए 13 करोड़: एक पेंटिंग के पीछे लिखे नाम ने बदल दी पूरी जिंदगी
अमेरिका में एक शख्स की किस्मत अचानक तब बदल गई, जब उसने एक पुरानी पेंटिंग खरीदी. खरीदने के बाद उस शख्स ने उसमें ऐसा कुछ देखा कि 70 वर्षों से खोई पेंटिंग का राज मिल गया.
किस्मत कब और कैसे अचानक मोड़ ले लेती है, यह पता नहीं चलता. अमेरिका में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, यहां एक शख्स ने एक पेंटिंग महज 2800 रुपये में खरीदी, लेकिन जब उसने उस पेंटिंग को घर ले जाकर देखा, तो वो इतनी कीमती थी कि फिर वो 13 करोड़ रुपये से भी ज्यादा में बिकी. दरअसल यह पेंटिंग शिकागो की मशहूर कलाकार गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी के जरिए 1951 में बनाई गई थी.
दिलचस्प बात यह है कि इस पेंटिंग को 1952 में एक डॉक्टर को इलाज करने के बदले फीस के तौर पर दी गई थी. यह पेंटिंग मिशिगन के कलामाजू में मौजूद एक डॉक्टर डॉ. जॉन टी रेनॉल्ड्स को दी गई थी. इसके बाद इस पेंटिंग को कई बार न्यूयॉर्क, शिकागो, मिलवॉकी और इवान्सटन जैसी जगहों पर प्रदर्शनी में भी रखा गया. हालांकि इसके बाद यह लगभग 70 वर्षों तक गायब रही.
घर ले जाकर बदल गई किस्मत
लेकिन अब 70 साल बाद परिवार ने अपना सामान बेचने के लिए Estate Sale का आयोजन किया. इसी सेल के दौरान एक शख्स वहां पुराना सामान खरीदने गया था, यहीं पर उसने यह पेंटिंग देखी और महज 30 डॉलर (2800 भारतीय रुपये) में खरीद ली. उस शख्स ने जब घर जाकर उस पेंटिंग को ठीक से देखा, तो उसके पीछे 'गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी' का नाम लिखा हुआ था. वह शख्य ये नाम देखकर हैरान रह गया और फिर जब जांच हुई, तो पता चला कि यह सच में बहुत दुर्लभ पेंटिंग है.
उस शख्स ने पेंटिंग की अहमियत को ध्यान में रखते हुए, उसकी ठीक से मरम्मत करवाई और फिर से नीलामी के लिए रख दिया. जिसकी कीमत पहले अधिकतम करीब 2 लाख 50 हजार डॉलर लगाई गई थी और आखिर में 1.35 मिलियन डॉलर यानी करीब 11-13 करोड़ रुपये में बिक गई.
पेंटिंग में क्या था?
शिकागो की मशहूर कलाकार गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी की इस दुर्लभ पेंटिंग में कुछ सीपियां हैं, जो एक धुंधले यानी ग्रे बैकग्राउंड में अलग-अलग जगहों पर पड़ी हुई हैं. इन सीपियों में एक सीपी बाकियों से बेहद अलग और बड़ी है. एक दावा यह भी किया जाता है कि ये सीपियां बस यूंही नहीं बना दी गईं थी. एबरक्रॉम्बी ने इन्हें शिकागो के एल्डरमैन रॉबर्ट मेरियम के असली सीपियों के संग्रह को देखकर बनाया था.