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यूक्रेन की वो महिला, जिसके बिना सफर नहीं करता था गद्दाफी; बुलाने के लिए भेजा निजी विमान और पुर्तगाल में घंटों किया इंतजार

लीबिया पर 4 दशकों तक शासन करने वाले मुअम्मर गद्दाफी अपने अजीब-अजीब फैसलों की वजह से पहचाना जाता था. इस खबर में हम आपको उसकी यूक्रेनी नर्स का एक दिलचस्प किस्सा बताने जा रहे हैं.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 19, 2026, 06:38 PM IST | Updated: Oct 19, 2026, 07:43 PM IST
Image Credit: नोट- तस्वीर में दिख रही महिला यूक्रेनी नर्स नहीं है. यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है.
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लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी की जिंदगी रहस्यों और रोचक किस्सों से भरी पड़ी है. वो महलों और शानदार इमारतों को पसंद नहीं करता था, अपनी सुरक्षा को लेकर इतना सतर्क रहता था कि कभी-भी अपनी उठने-बैठने और सोने की जगह बदल लिया करता था. खुद अफ्रीका के राजाओं का राजा मानता था. वर्दी वाले लिबास में रहता था, जिसपर बड़ी संख्या में मेडल भी लटके रहते थे. इसी तरह के किस्सों के बीच एक दिलचस्प कहानी यह भी है कि वो एक यूक्रेनी महिला के महिला के बगैर कोई सफर नहीं करता था. यह खुलासा गद्दाफी की मौत से लगभग एक बरस पहले एक अमेरिकी रिपोर्ट में किया गया था.

जिस महिला के बगैर गद्दाफी कोई सफर करना पसंद नहीं करता था, वो एक यूक्रेनी नर्स थी, जो गद्दाफी को बहुत करीब से जानती थी. इस नर्स का नाम 'गलीना कोलोत्नित्स्का' था. गलीना गद्दाफी की मेडिकल टीम का हिस्सा थी. नवंबर 2010 में सामने आई अमेरिकी रिपोर्ट्स में दावा किया गया,'गद्दाफी के साथ काम करने वाले लीबियाई अफसरों का मानना था कि वह गलीना के बिना कोई सफर नहीं कर सकता था, क्योंकि गलीना उसकी दिनचर्या को अच्छी तरह जानती थी.'यह जानकारी सितंबर 2009 में लीबिया में मौजूद अमेरिकी दूतावास से भेजे गए एक खुफिया राजनयिक संदेश में दर्ज थी. बाद में WikiLeaks ने इस संदेश को सार्वजनिक किया, जिसके बाद इंटरनेशनल मीडिया में यह मामला चर्चा में आया.

निजी विमान भेजा और गद्दाफी ने रुककर किया इंतजार

दावा तो यहां तक किया जाता है कि 2009 में जब गद्दाफी को संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका जाना था, इसी सफर के दौरान गलीना उसे पुर्तगाल में मिलने वाली थी. गलीना के वीजा संबंधी दस्तावेज में कुछ देरी हो रही थी, जिसकी वजह से वो गद्दाफी के साथ रवाना नहीं हो पाई. ऐसे में गद्दाफी पुर्तगाल में रुका रहा और गलीना का इंतजार किया. यहां तक कि उसने निजी विमान भेजकर गलीना को लीबिया से पुर्तगाल बुलवाया और फिर अपने साथ न्यूयॉर्क लेकर गया.

2011 में गलीना ने छोड़ दिया लीबिया

जब रिपोर्ट सामने आई, तो दोनों के रिश्ते को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े हुए. गलीना और गद्दाफी के बीच कथित निजी संबंधों को लेकर भी मीडिया में अटकलें लगाई गई थीं. हालांकि, किसी भी पक्ष की तरफ से इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं की गई थी. यहां तक कि गलीना के बेटी ने भी अपनी मां और गद्दाफी के बीच प्रेम संबंध होने के दावों को सिरे से खारिज किया था. जब 2011 में गद्दाफी के खिलाफ लीबिया के अंदर विद्रोह शुरू हुआ, तो गलीना यूक्रेन वापस आ गई थी. जिस समय गलीना ने लीबिया छोड़ा था, तो उनकी वापसी भी मीडिया में चर्चा का विषय बनी थी. 

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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