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पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां से 'खान-ए-कलात' सुलेमान खान दाऊद के बेटे और 'बलूचों के शहजादे' मुहम्मद खान अहमदजई को अगवा करने की बात सामने आई है. क्वेटा पुलिस के मुताबिक, मंगलवार (27 अक्टूबर) को कुछ हथियारबंद बदमाशों ने कलात की तरफ जा रहे हाईवे पर शहजादे अहमदजई की गाड़ी को रोक लिया और उन्हें उनके तीन बॉडीगार्ड्स समेत अगवा कर लिया. शहजादे अहमदजई का अपहरण किस संगठन ने किया है और अपरहणकर्ता उनको कहां लेकर गए हैं, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है. इस घटना के बाद से बलूच लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है.
कौन होते हैं 'खान-ए-कलात'?
बलूचिस्तान में 'खान-ए-कलात' की उपाधि 'कलात खानत' रियासत के शासक को हासिल होती है. इतिहासकारों के मुताबिक, कलात रियासत की स्थापना सन 1666 में मीर अहमद खान प्रथम ने की थी और 18वीं सदी के मध्य में मीर नासिर खान प्रथम के समय यह रियासत अपने चरम पर थी. उस समय इस राज्य की सीमाएं ईरान और अफगानिस्तान तक थीं. मीर अहमद यार खान को इस साम्राज्य का अंतिम स्वतंत्र शासक माना जाता है. भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय यह रियासत पाकिस्तान के पास चली गई थी और पाकिस्तानी सरकार ने इसे अपने आधीन ले लिया था. हालांकि, शाही परिवार के वंशजों को 'खान-ए-कलात' की उपाधि से अभी तक नवाजा जाता है.
ब्रिटेन में रहते हैं मीर सुलेमान खान दाऊद
बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तानी सेना के जुल्म को देखते हुए वर्तमान समय के 'खान-ए-कलात' यानी मीर सुलेमान खान दाऊद ब्रिटेन में राजनीतिक शरणार्थी के रूप में अपना जीवन गुजार रहे हैं. वह वहीं से बलूचों के अधिकारों की आवाज उठाते रहते हैं. उनके बेटे यानी शहजादे मुहम्मद खान अहमदजई हाल ही में पाकिस्तान लौटे थे. पाकिस्तान आते ही बलूचिस्तान की धरती से उनका अपहरण हो गया.
बलूचिस्तान में पाक सेना का जुल्म
पड़ोसी मुल्क में सिर्फ हिंदुओं पर ही अत्याचार नहीं होता है, बल्कि वहां बलूचों की हालत भी काफी दयनीय है. बलूचिस्तान प्रांत की खनिज संपदा पर कब्जा करने के लिए पाकिस्तानी सेना की ओर से आए दिन बलूच नागरिकों को निशाना बनाए जाने की खबरें मीडिया में आती रहती हैं. स्थानीय बलूच लोगों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार और सेना उनके संसाधनों का फायदा उठाती है और उन्हें उनका अधिकार नहीं देती. यही वजह है कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे सशस्त्र विद्रोही गुट अक्सर पाकिस्तानी आर्मी को निशाना बनाते रहते हैं.