SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

'अमेरिका से बिगड़ सकते हैं रिश्ते, इसलिए...', ट्रंप से मिले समर्थन के बीच इजरायली पीएम का बड़ा बयान; भारत का जिक्र कर क्या कहा?

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि आने वाले समय में वाशिंगटन और यरुशलम के रिश्तों में तनाव देखने को मिल सकता है. उन्होंने इस दौरान भारत के साथ गठबंधन पर जोर दिया और कहा कि हमें लैटिन अमेरिका और भारत के साथ नए गठबंधन पर जोर देना चाहिए.

Written By abhinav tripathi
Published: Oct 19, 2026, 09:19 AM IST | Updated: Oct 19, 2026, 09:34 AM IST
Image Credit: इजरायली पीएम ने चुनाव से पहले अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है. (फोटो- एआई)
Join

इजरायल में 27 अक्टूबर को संसदीय चुनाव होने जा रहे हैं. इससे पहले इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने माना कि आने वाले कुछ वर्षों में इजरायल और अमेरिका के बीच संबंधों में गिरावट देखी जा सकती है. पीएम नेतन्याहू की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली पीएम का चुनाव में समर्थन किया और एक पोस्ट में उन्हें 'महान योद्धा प्रधानमंत्री' करार दिया.

दरअसल, इजरायली पीएम नेतन्याहू ने माना कि भविष्य में अमेरिका और इजरायल के बीच गठबंधन में दरार आ सकती है. अगर दोनों देशों के रिश्तों में गिरावत दर्ज की जाती है, तो इस स्थिति से निपटने के लिए नए विकल्प की तलाश करनी होगी. उन्होंने ऐसी स्थिति से निपटने के विकल्प के तौर पर भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के साथ नए गठबंधन बनाने पर जोर दिया है. आइए आपको बताते हैं कि नेतन्याहू ने क्या कहा?

नेतन्याहू ने क्या कहा?

इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सवाल किया कि अगले दो साल में अमेरिका का राष्ट्रपति बदल जाएगा और संभव है कि उस पद पर कोई ऐसा शख्स बैठे, जिससे इजरायल को समर्थन की बजाय विरोध का सामना करना पड़े. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है, तो इस बात पर विचार करना  जरूरी हो जाता है कि आखिर इससे कैसे निपटा जाए. इसके अलावा अमेरिका और इजरायल के संबंधों को कैसे संभाला जाए. पीएम नेतन्याहू की ओर से यहां तक कह दिया गया कि हमें भविष्य के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे.

ट्रंप के समर्थन पर नेतन्याहू का जवाब

इजरायल में होने वाले चुनाव से पहले ट्रंप ने नेतन्याहू का समर्थन किया और उन्हें एक महान योद्धा प्रधानमंत्री करार दिया. एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि नेतन्याहू (बीबी) को उनका पूरा समर्थन हैं. इसके साथ ही ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान युद्ध का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने अपना रवैया नहीं बदला, तो वह जल्द ही काम तमाम कर देंगे.

इधर, ट्रंप के पोस्ट पर नेतन्याहू ने तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी. इस समर्थन के लिए नेतन्याहू ने ट्रंप को थैंक्यू कहा. वहीं, एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह हमेशा से नेतन्याहू का समर्थन करना चाहते थे, बस वह इसमें जल्दबाजी नहीं चाहते थे. हालांकि, इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि भले ही ट्रंप का समर्थन मिला हो, लेकिन दोनों नेताओं के रिश्तों में हाल के समय में उतार चढ़ाव देखने को मिले.  

नेतन्याहू को किस बात का सता रहा डर?

भले ही ट्रंप के मिले समर्थन से नेतन्याहू खुश हैं, लेकिन उन्हें इस बात की आशंका है कि भविष्य के अमेरिकी राष्ट्रपति का रवैया इजरायल के प्रति अलग हो सकता है. उन्होंने अनुमान जताया है कि अमेरिका से जैसा समर्थन अभी मिल रहा है, संभव है कि आने वाले वक्त में ऐसा समर्थन मिले. नेतन्याहू ने इस बात पर भी जोर दिया कि इजरायल को ट्रंप के बचे कार्यकाल के वर्षों का इस्तेमाल अपनी मजबूती के लिए करना चाहिए. इसके अलावा अमेरिकी नीति में संभावित बड़े बदलावों के लिए भी तैयार रहना चाहिए.

अगले दो साल का नेतन्याहू ने बताया रोडमैप

पीएम नेतन्याहू की ओर से कहा गया कि सबसे पहले हमें अगले दो वर्षों के दौरान और इसके बाद के दो वर्षों में होने वाले बदलावों को लेकर हमें तैयार रहना चाहिए. इसके साथ ही अन्य गठबंधन बनाए जाने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अभी अपने क्षेत्र और उसके बाहर के कई देशों के साथ इसी दिशा में काम करने की कोशिश कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि इसमें हम भारत को शामिल करना चाहेंगे, क्योंकि भारत एक बड़ा देश है और इसके अलावा भी कई देश हैं.

भारत और इजरायल के संबंध भी जानिए

इजरायली पीएम ने कहा कि लैटिन अमेरिका में लगातार बड़े बदलाव हो रहे हैं. आने वाले कुछ समय में ब्राजील में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. ऐसे में हमें नए गठबंधन का दायरा बढ़ाना चाहिए. इसके साथ ही ऐसी क्षमताएं विकसित करनी चाहिए, जिससे हम सभी के काम आ सकें. मैं इसी दिशा में प्रयास कर रहा हूं और आगे भी इसी पर काम करने की कोशिश जारी है.

गौरतलब है कि नेतन्याहू ने कई मौकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने संबंधों पर कई मौकों पर बात की है और उनको अपने दोस्त की तरह पेश किया है. ऐसे में माना जा रहा है कि नेतन्याहू ने भारत का नाम लेकर यह बताने की कोशिश की है कि जब इजरायल वैश्विक स्तर पर अलग-थलग नहीं पड़ा है. 

यह भी पढ़ें: पुतिन का पीस प्लान: यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए क्रेमलिन का 'त्रिमूर्ति' फॉर्मुला! जेलेंस्की पर भड़के ट्रंप बोले- 'वो जंग का खात्मा नहीं चाहते'

यह भी पढ़ें: फ्रांस में हिंसा की आग, सड़कों पर बवाल: मैक्रों की चेतावनी- तबाही मचाने वालों को चुकानी होगी कीमत; 2400 लोग गिरफ्तार

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES