नेतन्याहू का Starlink दांव: ईरानी राजनयिक को इजरायली दूत ने ऑफर की 'इंटरनेट डिवाइस', UN में दिखा गजब सीन
यूएन के मंच पर जानी दुश्मन माने जाने वाले दो देशों के बीच एक अजीबोगरीब घटनाक्रम देखने को मिला. इजरायली दूत डैनी जब अचानक हाथ में एक डिवाइस लेकर ईरानी प्रतिनिधि की ओर बढ़े, वो नजारा देखने लायक था.
Israel in UN: दुनिया की सबसे बड़ी वैश्विक पंचायत मानी जाने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में मौजूद प्रतिनिधि उस वक्त सन्न रह गए, जब इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने ईरान के लिए तय सीट पर जाकर तेहरान के राजनयिक नासिर असदी को स्टारलिंक की इंटरनेट लिंक डिवाइस देने की पेशकश की. यह वही छोटी डिवाइस थी, जिसका जिक्र इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने भाषण में किया था. उस घटनाक्रम के कुछ देर बाद हुए इजराइली राजदूत के एक्शन पर ईरानी अधिकारी ने कोई रिएक्शन नहीं दिया. इंटरनेट की सुविधा कथित 'दुश्मनों' को ऑफर करने का ये वीडियो अमेरिकी सोशल मीडिया पर वायरल होते हुए दुनियाभर में पहुंच गया.
27 सेकेंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि डैनी उन्हें डिवाइस ऑफर करते हैं, वहीं ईरानी दूत जिनके कान में हेडफोन लगा है वो डैनी की ओर देखने के बजाए दोनों हाथ चेहरे के पास रखकर भावशून्य होकर दूसरी ओर देखते रहे. असदी ने ऐसा एक्सप्रेशन दिखाया, मानो किसी के कहने-सुनने से उन्हें रत्ती भर फर्क भी नहीं पड़ा.
नेतन्याहू ने दिखाया, डैनी ने ऑफर किया
डैनन ने ईरानी अधिकारी से कहा, 'इसे तेहरान ले जाइए, यह आपके लिए काफी काम का हो सकता है. लेकिन असदी ने डिवाइस लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया. डैनन ने खुद इस घटनाक्रम का वीडियो अपने एक्स अकाउंट से पोस्ट किया. कैप्शन में ईरान में बदलाव की उम्मीद जताते हुए डैनी ने कहा कि वो ईरानी लोगों की आजादी की कामना करते हैं.
नेतन्याहू ने अपने भाषण के दौरान Starlink डिवाइस हाथ में उठाया था. उन्होंने उसे लहराते हुए कहा था कि इस डिवाइस से ईरान के लोगों को बिना सेंसर वाला इंटरनेट हासिल करने में मदद मिल सकती है. उन्होंने ये भी कहा कि अगर ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य चाहें तो ये डिवाइस वो उनके इस्तेमाल के लिए छोड़ देंगे. नेतन्याहू का इशारा ईरान में इंटरनेट पर सरकारी नियंत्रण की ओर था. उन्होंने कहा कि तेहरान के शासक इस बात से चिंतित हैं कि ईरानी नागरिकों तक बिना सेंसर की जानकारी पहुंच सकती है.
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब यूएन महासभा में ईरान और इजरायल के बीच का तनाव प्रमुख मुद्दों में शामिल है. मिडिल ईस्ट का तनाव वहां इस हद तक चरम पर पहुंचा कि जैसे ही नेतन्याहू भाषण देने के लिए उठे तो कई देशों के प्रतिनिधियों ने वॉकआउट किया.
इसके बाद नेतन्याहू ने सदन से ललकारते हुए कहा कि अगर कोई और 'कायर' जो सच्चाई सुनने से डरता हो वो यहां से उठकर चला जाए. नेतन्याहू का इस तरह अपने विरोधियों को ललकारना अमेरिका और इजरायल के बहुत से लोगों ने सोशल मीडिया पर खूब पसंद आया.
नेतन्याहू ने कहा, 'हम गाजा में नहीं थे. हम गोलान हाइट्स पर नहीं थे. 1967 के छह दिन तक चले युद्ध से पहले हम इनमें से किसी भी जगह पर नहीं थे. हम जमीन की एक नन्ही सी पट्टी पर थे. हम आज भी हैं. हम अरब दुनिया के भूभाग के हुत छोटे से हिस्से के बराबर है. फिर भी वो इजरायल पर, उपनिवेशवाद का आरोप लगाते हैं. कैसा उपनिवेशवाद और हम पर आरोप कौन लगा रहा है? खैर, उनमें ब्रिटेन और फ्रांस के लोग भी शामिल हैं...उपनिवेशवाद ने हमें एक ब्रेक दिया. एक और झूठ.'